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AC Side Effects For Long Time : एसी के साथ ह्यूमिडिफायर जरूरी या नहीं? सूखी ठंडी हवा से बढ़ सकती हैं ये सेहत संबंधी परेशानियां

Media Yodha Desk Wed, May 13, 2026

AC Side Effects For Long Time: गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर राहत देता है, लेकिन लगातार एसी में रहने से शरीर पर कुछ नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकते हैं। एसी कमरे की हवा को ठंडा करने के साथ-साथ उसमें मौजूद नमी भी कम कर देता है, जिससे घर और कमरे का वातावरण ड्राई हो जाता है। यही ड्राईनेस शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित करती है। सबसे पहले रेस्पिरेटरी सिस्टम यानी श्वसन तंत्र पर इसका असर पड़ता है। जब हवा में नमी कम होती है तो नाक, गला और श्वसन मार्ग की अंदरूनी परत सूखने लगती है। इससे गले में खराश, सूखी खांसी, नाक बंद होना या सांस लेने में असहजता महसूस हो सकती है। जिन लोगों को अस्थमा, एलर्जी या साइनस की समस्या है, उनके लक्षण बढ़ सकते हैं।

एसी में रहने से त्वचा पर असर

त्वचा पर भी एसी की ड्राईनेस का असर साफ दिखता है। लंबे समय तक एसी में बैठने से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम होने लगती है, जिससे स्किन रूखी, बेजान और खुजलीदार हो सकती है। कुछ लोगों में होंठ फटना और स्किन पर जलन की शिकायत भी देखने को मिलती है।

एसी से आंखों में बढ़ रही है ड्राईनेस

आंखें एसी ड्राईनेस से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले अंगों में से एक हैं। लगातार ठंडी और सूखी हवा आंखों की सतह पर मौजूद टियर फिल्म को तेजी से सुखा देती है। इससे आंखों में जलन, लालपन, चुभन, पानी आना, धुंधला दिखना और आंखों का भारीपन महसूस हो सकता है। जो लोग स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताते हैं या कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं, उनमें ड्राई आई सिंड्रोम का खतरा अधिक होता है।

एसी का इम्यूनिटी पर असर

कम लोग जानते हैं कि ड्राई वातावरण इम्यूनिटी पर भी असर डाल सकता है। नाक और श्वसन तंत्र की नमी शरीर की पहली सुरक्षा परत होती है, जो वायरस और बैक्टीरिया को रोकने में मदद करती है। जब यह परत सूख जाती है, तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

क्या एसी के साथ ह्यूमिडिफायर जरूरी है?

अगर आप रोजाना कई घंटे एसी में रहते हैं, खासकर बंद कमरे में, तो ह्यूमिडिफायर उपयोगी साबित हो सकता है। यह हवा में नमी बनाए रखता है, जिससे आंखों, त्वचा और सांस की नलियों को राहत मिलती है। हालांकि हर घर में यह जरूरी नहीं है। अगर ड्राईनेस के लक्षण बार-बार हों, बच्चों या बुजुर्गों को परेशानी हो या एलर्जी/ड्राई आई की समस्या हो, तब ह्यूमिडिफायर फायदेमंद है।

क्या करें बचाव के लिए?

  • एसी का तापमान 24-26 डिग्री के बीच रखें।

  • दिनभर पर्याप्त पानी पिएं।

  • मॉइश्चराइज़र और लिप बाम लगाएं।

  • आंखों के लिए जरूरत पड़ने पर आर्टिफिशियल टियर्स लें।

  • कमरे में समय-समय पर ताजी हवा आने दें।

  • एसी फिल्टर की नियमित सफाई कराएं।

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