Chhattisgarh Teacher News : शिक्षाकर्मियों को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, समान वेतनमान की मांग खारिज
Chhattisgarh Teacher News: छत्तीसगढ़ के शिक्षाकर्मियों को समान वेतनमान मामले में हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने शिक्षाकर्मियों द्वारा दायर अपील को खारिज करते हुए स्पष्ट कहा है कि पंचायत संवर्ग के शिक्षाकर्मी और शिक्षा विभाग के नियमित शिक्षक अलग-अलग सेवा श्रेणियों में आते हैं, इसलिए दोनों को समान वेतनमान और सुविधाएं नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि “समान काम-समान वेतन” का दावा इस मामले में लागू नहीं होता, क्योंकि पंचायत विभाग के तहत नियुक्त शिक्षाकर्मियों की सेवा शर्तें, नियुक्ति प्रक्रिया और जिम्मेदारियां नियमित शिक्षकों से अलग हैं। ऐसे में नियमित शिक्षकों को मिलने वाले प्रमोशनल वेतनमान और अन्य सुविधाओं पर शिक्षाकर्मियों का समान अधिकार नहीं बनता।
हाईकोर्ट ने यह भी माना कि पंचायत संवर्ग की सेवा को शिक्षा विभाग के नियमित शिक्षकों के बराबर नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर शिक्षाकर्मियों की प्रमोशनल वेतनमान सहित अन्य मांगों को अदालत ने खारिज कर दिया। इस फैसले के बाद प्रदेश के हजारों शिक्षाकर्मियों को बड़ा झटका माना जा रहा है, जो लंबे समय से नियमित शिक्षकों के समान वेतनमान और सुविधाओं की मांग कर रहे थे। वहीं राज्य सरकार को इस मामले में राहत मिली है।
मामले में शिक्षाकर्मियों ने 10 मार्च 2017 के शासन परिपत्र का हवाला देते हुए 10 और 20 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर प्रमोशनल वेतनमान की मांग की थी। हालांकि अदालत ने कहा कि संबंधित परिपत्र केवल नियमित सरकारी शिक्षकों पर लागू होता है, पंचायत संवर्ग के कर्मचारियों पर नहीं।
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन