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Vehicle Light Rules : गाड़ियों की लाइट को लेकर आ रहे सख्त नियम! नए सरकारी ड्राफ्ट में क्या बदलेगा, जानें पूरी जानकारी

Media Yodha Desk Mon, Sep 14, 2026

Vehicle Light Rules: रात के समय सड़कों पर तेज हाई बीम हेडलाइट्स से होने वाली चकाचौंध वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी बनती है। इससे सामने से आ रहे वाहन चालक की आंखों की रोशनी कुछ समय के लिए प्रभावित हो सकती है और सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है। इसी समस्या को कम करने और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित नए सेफ्टी नॉर्म्स अगले साल अप्रैल से लागू किए जा सकते हैं। लंबे समय से जागरूकता अभियानों के बावजूद हाई बीम के गलत इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाने के बाद सरकार अब नियमों के जरिए इसे नियंत्रित करने की तैयारी में है।

ऑटोमैटिक हेडलाइट अब सिर्फ लो बीम पर होगी

प्रस्तावित नियमों के तहत नए दोपहिया वाहनों में ऑटोमैटिक हेडलाइट ऑन (AHO) सिस्टम एक्टिव होने पर हेडलाइट केवल लो बीम मोड में ही रहेगी। मौजूदा व्यवस्था में वाहन की सेटिंग के आधार पर AHO सिस्टम लो बीम या हाई बीम, दोनों में से किसी पर भी सक्रिय हो सकता है।

यह बदलाव केवल नए बनने वाले दोपहिया वाहनों पर लागू होगा। पहले से सड़कों पर चल रहे वाहनों पर इसका असर नहीं पड़ेगा।

हेडलाइट की अधिकतम रोशनी की सीमा घटाने का प्रस्ताव

सामने से आने वाले वाहन चालकों को तेज रोशनी से होने वाली परेशानी कम करने के लिए हेडलाइट की अधिकतम लाइट इंटेंसिटी कम करने का प्रस्ताव है।

ड्राफ्ट के मुताबिक, दोपहिया वाहनों के लिए अधिकतम स्वीकार्य तीव्रता को 1.5 लाख कैंडेला से घटाकर 1 लाख कैंडेला करने की बात कही गई है। वहीं, कार और अन्य चार पहिया वाहनों के लिए यह सीमा 2.25 लाख कैंडेला से घटाकर 1.5 लाख कैंडेला की जा सकती है।

सफेद रोशनी की चकाचौंध भी होगी नियंत्रित

अत्यधिक सफेद और ज्यादा कलर टेम्परेचर वाली हेडलाइट्स व फॉग लैंप्स से रात में अधिक चकाचौंध होने की समस्या सामने आती है। इससे सामने वाले चालक की विजिबिलिटी प्रभावित हो सकती है।

इसी को ध्यान में रखते हुए ड्राफ्ट में वाहन की रोशनी का अधिकतम कलर टेम्परेचर 6,500K निर्धारित करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही मेन बीम हेडलाइट्स की माउंटिंग हाइट को पासिंग बीम हेडलाइट्स के समान स्तर पर रखने का भी प्रस्ताव रखा गया है।

शहरों में हाई बीम पर बजेगा वार्निंग अलार्म

शहरी इलाकों और भीड़भाड़ वाली सड़कों पर अनावश्यक हाई बीम के इस्तेमाल को रोकने के लिए नई कारों और दोपहिया वाहनों में स्पीड-सेंसिटिव ऑडियो वार्निंग सिस्टम लगाया जा सकता है।

अगर वाहन चालक कम गति पर मैनुअली हाई बीम ऑन करता है, तो वाहन में बीप या साउंड वार्निंग बज सकती है। इसका उद्देश्य चालक को हाई बीम बंद कर लो बीम इस्तेमाल करने के लिए अलर्ट करना होगा।

यह सिस्टम स्पीड के हिसाब से काम करेगा। यदि वाहन 60 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक की गति से हाईवे पर चल रहा होगा, तो वार्निंग नहीं बजेगी। हाईवे पर कम रोशनी वाले इलाकों में लंबी दूरी तक देखने के लिए हाई बीम की जरूरत को देखते हुए यह प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।

बस-ट्रकों पर रिफ्लेक्टिव टेप जरूरी करने की तैयारी

रात, कोहरे और खराब मौसम में भारी वाहनों की पहचान आसान बनाने के लिए भी नए प्रावधान प्रस्तावित हैं। ड्राफ्ट के अनुसार बसों, ट्रकों और अन्य कमर्शियल भारी वाहनों पर प्रमाणित रिफ्लेक्टिव टेप लगाना अनिवार्य किया जा सकता है।

रिफ्लेक्टिव टेप की वजह से पीछे या सामने से आने वाले वाहन चालक दूर से ही भारी वाहनों की मौजूदगी पहचान सकेंगे। इससे कम दृश्यता वाले हालात में टक्कर और सड़क हादसों का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।

कुल मिलाकर, प्रस्तावित बदलावों का मुख्य उद्देश्य रात में हाई बीम से होने वाली चकाचौंध को कम करना, वाहनों की दृश्यता बेहतर करना और सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाना है। नए नियम लागू होने के बाद खासकर नए वाहनों की हेडलाइट व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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