: मलावी के उपराष्ट्रपति को ले जा रहा विमान 18 घंटों से लापता
Tue, Jun 11, 2024
अफ्रीकी
देश मलावी के उपराष्ट्रपति साउलोस क्लॉस चिलिमा को ले जा रहा एक मिलिट्री विमान सोमवार सुबह से लापता है। मलावी सरकार ने जानकारी दी है कि विमान सोमवार सुबह रडार से गायब हो गया था और इसमें कुल 9 लोग सवार थे।
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मलावी के उपराष्ट्रपति को ले जा रहा विमान 18 घंटों से लापता[/caption]
संपर्क स्थापित करने में असफल एविएशन अथॉरिटी
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, एविएशन अथॉरिटी ने कई बार विमान से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। भारतीय समय के अनुसार दोपहर 2:47 बजे चिलिमा का विमान मलावी की राजधानी लिलोंग्वे से रवाना हुआ था। इसे 45 मिनट बाद मजुजू शहर के एयरपोर्ट पर उतरना था, लेकिन खराब मौसम के कारण यह लैंड नहीं हो सका।
विमान की खोज में अंतरराष्ट्रीय मदद
विमान को वापस लिलोंग्वे ले जाने का आदेश दिया गया, लेकिन इसके बाद विमान लापता हो गया। इस स्थिति में विमान की लोकेशन ट्रैक करने और उसे ढूंढने के लिए व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मलावी ने अमेरिका, ब्रिटेन, नॉर्वे और इजराइल से भी मदद मांगी है ताकि विमान और उसमें सवार लोगों को सुरक्षित खोजा जा सके।
सर्च ऑपरेशन जारी
मलावी के राष्ट्रपति लाजारस चकवेरा ने देश को संबोधित करते हुए विश्वास जताया कि विमान और उसमें सवार सभी लोगों को समय पर खोजा जाएगा। उन्होंने बताया कि विमान जिस रास्ते से गुजर रहा था, उस इलाके के 10 किलोमीटर के फॉरेस्ट रिजर्व में सर्च ऑपरेशन जारी है। राष्ट्रपति चकवेरा ने हादसे को ध्यान में रखते हुए अपनी बहामास यात्रा रद्द कर दी है।
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उपराष्ट्रपति साउलोस चिलिमा का राजनीतिक सफर
51 वर्षीय उपराष्ट्रपति साउलोस चिलिमा पिछले 10 वर्षों से मलावी के उपराष्ट्रपति के पद पर कार्यरत हैं और उन्हें अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के संभावित उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है। चिलिमा को 2022 में भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था, हालांकि पिछले महीने पब्लिक प्रॉसिक्यूशन के डायरेक्टर द्वारा मामले को बंद करने के लिए नोटिस दायर किया गया था, जिसके बाद मलावी की अदालत ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप हटा दिए। चिलिमा ने हमेशा इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
हादसे का प्रभाव
इस हादसे ने मलावी और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गहरी चिंता में डाल दिया है। विमान को ढूंढने के लिए चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन में कई देशों का सहयोग शामिल है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस मिशन को प्राथमिकता दी जा रही है। राष्ट्रपति चकवेरा का विश्वास और संकल्प दर्शाता है कि मलावी सरकार इस स्थिति को गंभीरता से ले रही है और सभी संभव उपाय कर रही है ताकि उपराष्ट्रपति और अन्य सवार लोगों को सुरक्षित वापस लाया जा सके।
: पाकिस्तान बन सकता है UNSC का अस्थायी सदस्य PAK
Thu, Jun 6, 2024
पाकिस्तान बन सकता है UNSC का अस्थायी सदस्य PAK
आज, संयुक्त राष्ट्र महासभा में सुरक्षा परिषद (UNSC) के 5 अस्थायी सदस्यों का चयन करने के लिए वोटिंग होगी। ये चयनित देश दो साल तक UNSC के अस्थायी सदस्य बनेंगे, जिससे इस विश्व के सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा परिषद में उनकी भूमिका निर्धारित की जाएगी। UNSC की स्थिति के खत्म होने वाले अस्थायी सदस्यों की जगह पर जापान, इक्वाडोर, माल्टा, मोजाम्बिक और स्विटजरलैंड को चयनित किया जाएगा, जिनकी अस्थायी सदस्यता का कार्यकाल 31 दिसंबर 2024 को समाप्त हो रहा है।
पाकिस्तान ने सभी देशों से समर्थन की अपील की है और इसे UNSC के अस्थायी सदस्य बनने के लिए प्रस्तावित किया है। इसके साथ ही, डेनमार्क, ग्रीस, पनामा, और सोमालिया भी अस्थायी सदस्यों के चयन के लिए प्रस्तावित हैं।
UNSC
में स्थायी सदस्य बनने के लिए 193 देशों में से दो-तिहाई बहुमत चाहिए, जिससे कि 128 वोट की आवश्यकता होती है। जून 2019 में, भारत को पाकिस्तान-चीन द्वारा समर्थन दिया गया था, हालांकि रिश्तों में तनाव रहा है।
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पाकिस्तान के UNSC में चयन होने से उसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी राय रखने का अवसर मिलेगा, जैसे कि आर्टिकल 370, कश्मीर, और भारत के नागरिकता कानून। UNSC में स्थायी सदस्य बनने से भारत को भी इस परिषद में अपनी भूमिका और मतभेदों पर जोर देने का मौका मिलेगा। पाकिस्तान बन सकता है UNSC का अस्थायी सदस्य PAK |
: बड़ी राहत मिली पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को
Tue, Jun 4, 2024
इमरान खान, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री, जेल में बंद होने के बाद एक बड़ी राहत के अवसर में हैं। इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को इमरान खान और उनके उप-प्रधानमंत्री शाह महमूद कुरैशी को साइफर केस (सीक्रेट लेटर चोरी) में बरी कर दिया है। इससे पूर्व, उन्हें दोषी पाया गया था और उन्हें देश की गोपनीयता भंग करने के आरोप में 10 साल की सजा सुनाई गई थी।
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सुनहरा मोड़: राहत का आया समय
सोमवार को
इमरान खान
और कुरैशी की याचिका पर मुख्य न्यायाधीश आमिर फारुख और न्यायामूर्ति मियांगुल हसन औरंगजेब ने फैसला सुनाया। अदालत ने उनकी सजा पर रोक लगाते हुए कहा कि अगर उन्हें किसी अन्य मामले में हिरासत में नहीं रखा गया है, तो उन्हें रिहा किया जाए। यह फैसला उनके लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और उन्हें नई उम्मीदें देता है।
साइफर गेट स्कैंडल: एक परिचित मुद्दा
साइफर गेट स्कैंडल का मामला अप्रैल 2022 में उठा था। इमरान खान के दावे के बावजूद, इस मुद्दे में कई उलझनें थीं। अब उन्हें बरी किया गया है, जो उनके लिए एक बड़ी राहत है।
सकारात्मक दिशा: नए उम्मीदों का आरम्भ
यह फैसला पाकिस्तान के लिए नई उम्मीदों की किरण लेकर आया है। न्याय का प्रणाली सबके लिए समान होना चाहिए और यह फैसला इसे साबित करता है।
संक्षेप: नए आशा की उम्मीद
इस फैसले के बाद, इमरान खान को नए सपनों और उम्मीदों की ओर बढ़ते हुए देखा जा सकता है। यह एक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत हो सकती है।
सुनहरा भविष्य: नई शुरुआत की उम्मीद
साइफर गेट स्कैंडल के समापन से एक नई शुरुआत की उम्मीद जगाई जा रही है। यह एक प्रेरणादायक संदेश है कि न्याय की दीप जलाने वाले हमेशा जीतते हैं और समाज को नई ऊर्जा और उत्साह से भर देते हैं।