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: रूस और उत्तर कोरिया के बीच नई संधि: आपातकालीन सैन्य सहायता का वादा

admin Mon, Jun 24, 2024

आपातकालीन सैन्य सहायता का वादा

रूस और उत्तर कोरिया के नेताओं के बीच एक नए समझौते के तहत, दोनों देश एक-दूसरे पर हमले की स्थिति में सभी उपलब्ध साधनों का उपयोग करके तत्काल सैन्य सहायता प्रदान करेंगे। उत्तर कोरिया की राज्य मीडिया ने इस बात की जानकारी दी है।

युद्ध की स्थिति में तत्काल सहायता

उत्तर कोरिया की एक आधिकारिक समाचार एजेंसी ने गुरुवार को बताया कि बुधवार को प्योंगयांग में देश के नेता किम जोंग उन और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार- इस समझौते के अनुच्छेद 4 के तहत यदि दोनों में से किसी एक देश पर हमला होता है | या युद्ध की स्थिति उत्पन्न होती है, तो दूसरे देश को बिना किसी देरी के सैन्य और अन्य सभी प्रकार की सहायता प्रदान करनी होगी।

पश्चिमी देशों की बढ़ती चिंता

यह समझौता शीत युद्ध की समाप्ति के बाद मॉस्को और प्योंगयांग के बीच सबसे शक्तिशाली समझौता माना जा रहा है। किम और पुतिन ने इस समझौते को दोनों देशों के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है। यह समझौता ऐसे समय में आया है | जब अमेरिका और उसके सहयोगी मॉस्को और प्योंगयांग के बीच संभावित हथियार समझौते को लेकर चिंतित हैं। आवश्यक हथियारों की आपूर्ति इस समझौते के तहत, प्योंगयांग रूस को यूक्रेन युद्ध के लिए आवश्यक हथियार प्रदान करेगा | जिसके बदले में उसे आर्थिक सहायता और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण मिलेगा। समझौते के बाद किम ने कहा कि दोनों देशों के बीच घनिष्ठ मित्रता है | और यह उनका अब तक का सबसे शक्तिशाली समझौता है। किम ने यूक्रेन युद्ध के लिए रूस को समर्थन देने का वादा किया। दूसरी ओर  पुतिन ने इसे एक सफल समझौता बताया | जो दोनों देशों के बीच संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की साझा इच्छा को दर्शाता है।
संधि के प्रमुख बिंदु
1.  मिलिट्री सहायता : अनुच्छेद 4 के तहत, किसी भी हमले की स्थिति में त्वरित सैन्य सहायता का वादा। 2.  आर्थिक और तकनीकी सहयोग : हथियारों के बदले में रूस उत्तर कोरिया को आर्थिक सहायता और प्रौद्योगिकी प्रदान करेगा। 3.  द्विपक्षीय संबंधों का सुदृढ़ीकरण : किम और पुतिन ने इसे दोनों देशों के बीच अब तक का सबसे मजबूत समझौता बताया है।
पश्चिमी प्रतिक्रिया
यह समझौता पश्चिमी देशों के लिए चिंता का विषय बन गया है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने रूस और उत्तर कोरिया के बीच संभावित हथियार समझौते पर गहरी चिंता व्यक्त की है। पश्चिमी देशों का मानना है कि यह समझौता यूक्रेन में चल रहे संघर्ष को और बढ़ा सकता है।
भविष्य की संभावनाएं
इस संधि के माध्यम से रूस और उत्तर कोरिया ने अपनी मित्रता और साझेदारी को नए स्तर पर पहुंचाने की इच्छा जाहिर की है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में यह साझेदारी किस प्रकार विकसित होती है | और इसका वैश्विक राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ता है। ग्रामीण बाजार में FMCG कंपनियों की नजर:  

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