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खल्लारी रोपवे हादसे की जांच तेज : कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल पहुंचा घटनास्थल, बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल

Media Yodha Desk Wed, Mar 25, 2026

महासमुंद : खल्लारी माता मंदिर में हुए रोपवे हादसे मामले में कांग्रेस की 6 सदस्यीय जांच दल ने बुधवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया. हादसे की वास्तविक वजहों की गहराई से जांच की गई. कांग्रेस के जांच टीम ने हादसे की वजह रोपवे संचालन में अनेक खामियां को चलते होना पाया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर गठित इस जांच दल का नेतृत्व खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव कर रहे थे. टीम में उनके साथ सरायपाली विधायक चातुरी नंद, पूर्व प्रभारी महामंत्री अमरजीत चावला, प्रदेश कांग्रेस ओबीसी विभाग के अध्यक्ष केशव चंद्राकर ने इस हादसे में जान गंवा चुके श्रद्धालुओं के प्रति संवेदना व्यक्त की. गठित जांच समिति के दो सदस्य पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर और पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर नदारद रहे. जांच दल आज साढ़े 11 बजे खल्लारी मंदिर के घटना स्थल पहुंचे, जहां टीम ने रोपवे स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया.

इस दौरान जांच टीम ने पहाड़ी पर जिस जगह पर रोपवे का ट्राॅली दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, उस स्थल का जायजा लिया. जांच टीम ने रोपवे के टूटे केबल को देखा, जिसमें केबल के बहारी हिस्से में स्टील का तार और अंदर नाइलोन की रस्सी पाया गया. जांच टीम का कहना था कि रोपवे में पूरी तरह स्टील से बने केबल का उपयोग किया जाना था. इसके बिना रोपवे केबल की मजबूती पर कैसे भरोसा किया जा सकता है. चूंकि केबल पर हजारों लोगों की जान टिकी होती है. ऐसे में केबल की गुणवत्ता को लेकर समझौता साफ तौर पर दिखाई दे रहा है. इसके साथ ही टीम रोपवे ऑपरेटरों, प्रत्यक्षदर्शियों और मंदिर प्रबंधन से बातचीत कर घटनाक्रम की पूरी जानकारी जुटाई.

जांच टीम के नेतृत्व कर रहे खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव ने मीडिया के सामने रोपवे हादसे से जुड़ी 4 मुख्य बिंदुओं पर कहा कि, कंपनी ने नवरात्रि पर्व के तीन दिन पूर्व मेंटेनेंस कार्य कराया गया था, इस दौरान कोई तकनीकी इंजीनियर विशेषज्ञ मौजूद नहीं था. मेंटेनेंस के दौरान अपर स्टेशन के मुख्य चक्का (व्हील) को बदल गया था, वह पूर्व में लगे चक्के से भिन्न पाया गया. रोपवे संचालन के लिए पिछले दो-तीन महीना से पर्याप्त विद्युत आपूर्ति उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण रोपवे का संचालन जनरेटर के माध्यम से किया जा रहा था.

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