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छुट्टी के दिन खुला हाईकोर्ट : RTE एडमिशन में लापरवाही पर स्वतः संज्ञान, शिक्षा विभाग से जवाब तलब

Media Yodha Desk Sun, Apr 5, 2026

बिलासपुर : हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार के तहत कक्षा पहली में प्रवेश प्रक्रिया की धीमी रफ्तार को लेकर रुख अपनाया है। गंभीर स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने छुट्टी के दिन शनिवार को विशेष सुनवाई की और मामले में स्वतः संज्ञान लिया। मीडिया में प्रकाशित खबर में बताया गया कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 1 अप्रैल से हो चुकी है, लेकिन आरटीई के तहत मिलने वाले दाखिलों की प्रक्रिया बेहद धीमी है। इससे गरीब छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। कोर्ट ने छुट्टी के दिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तलब किया और जवाब मांगा। अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी। हाईकोर्ट ने शनिवार को मामले की सुनवाई करते हुए अधिकारियों से पूछा कि लापरवाही क्यों बरती जा रही है। कोर्ट ने छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव को मामले में विस्तृत हलफनामा दाखिल करने कहा है। इसमें अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी गई है।

बता दें, कि आरटीई के तहत मामले की सुनवाई पहले से चल रही है। इस याचिका पर 8 अप्रैल को सुनवाई होनी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने शनिवार को ही सुन लिया। हाईकोर्ट ने पूछा है कि जब सत्र शुरू हो चुका है तो गरीब बच्चों का दाखिला कब होगा, क्या प्रशासन की लापरवाही से हजारों बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा। गौरतलब है कि प्रदेश में नया शिक्षा सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो गया, लेकिन आरटीई के तहत पहली कक्षा में प्रवेश प्रक्रिया धीमी है। 38,438 आवेदनों में से अब तक केवल 23,766 (62%) की ही जांच पूरी हुई है, जबकि 16 हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं। कई जिलों में 10% से भी कम जांच हो पाई है।

डीपीआई ने पंजीयन और नोडल वेरीफिकेशन के लिए 16 फरवरी से 31 मार्च तक समय तय किया था, लेकिन डेडलाइन के बाद भी प्रक्रिया अधूरी है। माना जा रहा है कि नोडल प्राचार्यों स्तर पर धीमी जांच इसकी मुख्य वजह है, जिससे आगे की प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। अधिकांश जिलों में लंबित आवेदनों का नोडल वेरीफिकेशन ही समय पर नहीं हो पा रहा है। इसके साथ ही कुछ जिलों में अधिक तो कुछ जिलों में सीटों के मुकाबले कम आवेदन आए हैं। इधर नोडल वेरीफिकेशन के बाद 13-17 अप्रैल के बीच लॉटरी से स्कूल आवंटन होना है लेकिन जांच और तैयारियां अधूरी रहीं तो एडमिशन शेड्यूल बढ़ सकता है।

 

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