: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली में G7 समिट में की शानदार भागीदारी
Fri, Jun 14, 2024
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार देर रात G7 समिट के लिए इटली पहुंचे
उनका प्लेन रात 3:30 बजे अपुलिया के ब्रिंडसी एयरपोर्ट पर लैंड हुआ, यहां प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से मुलाकात की। दोनों नेताओं के साथ उनकी गर्मजोशी से गले मिलने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। इसके बाद उनकी बैठक भी हुई।
प्रमुख विश्व नेताओं से मुलाकात
PM मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की समेत कई विश्व नेताओं से मुलाकात की। यह नरेंद्र मोदी का तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद पहला विदेश दौरा है।मोदी ने एक पोस्ट में लिखा कि वे G7 समिट में हिस्सा लेने के लिए इटली पहुंच गए हैं और विश्व नेताओं के साथ सार्थक चर्चा में शामिल होने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य वैश्विक चुनौतियों का समाधान करना और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली में G7 समिट में की शानदार भागीदारी credit - twitter Narendra modi[/caption]
रूस-यूक्रेन जंग पर विशेष चर्चा G7
PM मोदी ने G7 समिट के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की, दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें उन्होंने रूस-यूक्रेन जंग के समाधान पर बातचीत की, इससे पहले, पिछले साल जापान में भी G7 समिट के दौरान मोदी और जेलेंस्की की मुलाकात हुई थी, जहां मोदी ने बातचीत के जरिए समाधान की वकालत की थी।
समिट में विशेष फोकस
G7 समिट में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, जर्मनी के चांसलर ओलफ शोल्ज, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडोऔर जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा भी शामिल हुए, इस बार G7 समिट में सबसे ज्यादा फोकस रूस-यूक्रेन और इजराइल-हमास जंग पर रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ 10 साल के सिक्योरिटी एग्रीमेंट पर साइन किया। इस एग्रीमेंट का मकसद रूस के खिलाफ यूक्रेन को सुरक्षा सहायता प्रदान करना है।
भारत की महत्वपूर्ण भूमिका
भारत ने हमेशा से एक संतुलित विदेश नीति का पालन किया है। प्रोफेसर राजन कुमार के अनुसार, भारत की फॉरेन पॉलिसी काफी स्पष्ट है और यह हमेशा मल्टी एलाइन्मेंट की रही है। भारत ने कभी भी किसी एक गुट का समर्थन नहीं किया है। पश्चिमी देशों के साथ भी भारत का सहयोग है, और भारत के पश्चिमी देशों के साथ इकोनॉमिक संबंध भी मजबूत हैं, इसके बावजूद भारत अमेरिका के दबाव में नहीं आता है, और दूसरे देशों पर पाबंदियां लगाने की पॉलिसी में भी शामिल नहीं होता है।
G7
की विशेषताएँ
1975 में स्थापित यह संगठन दुनिया के सबसे अमीर देशों का समूह है, जिसमें अमेरिका, जापान, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली और कनाडा शामिल हैं। ये देश हर साल एक समिट में दुनिया के अहम मुद्दों पर चर्चा करते हैं। पिछली बार G7 समिट जापान में हुआ था | जिसमें चीन के कर्ज जाल और इंडो-पैसिफिक में बढ़ते दबदबे पर चर्चा की गई थी। भारत अब तक 11 बार इस समिट में शामिल हो चुका है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2019 से लगातार इस समिट की बैठकों में भाग ले रहे हैं।
भारत की भूमिका बढ़ती हुई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली में G7 समिट में की शानदार भागीदारी वैश्विक स्थिति को और मजबूत करती है। इस समिट में उनके द्वारा की गई द्विपक्षीय बैठकें और चर्चाएं न केवल वैश्विक समस्याओं के समाधान में योगदान देंगी, बल्कि भारत के अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को भी और अधिक मजबूत बनाएंगी। भारत के साथ-साथ विश्व नेताओं की भी नजरें इस समिट पर टिकी हैं, जिसमें वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा उनकी विदेश नीति और भारत के वैश्विक प्रभाव को और मजबूत करेगा, जिससे भारत की स्थिति अंतर्राष्ट्रीय मंच पर और भी मजबूत होगी।[embed]https://twitter.com/narendramodi/status/1801376022174257282[/embed]
: फेज -5 लोकसभा चुनाव 2024,20 मई को राज्यों के नाम
Thu, Jun 13, 2024
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PHASE - 5 लोकसभा 2024 चुनाव भारत में 5 वे फेज का चुनाव का पर्व 20 मई 2024, दिन सोमवार को सुबह 7 AM से 6 PM तक वोटिंग होगी, चुनाव के इस पर्व में 6 राज्यों में 2 केंद्र शासित प्रदेशो में 49 लोकसभा सीटों वोटिंग किया जायेगा |
भारत में होने वाले 5 वे फेज के चुनाव में लोकसभा सीटे महाराष्ट्र भारत में होने वाले 5वे फेज के चुनाव में लोकसभा सीटे महाराष्ट्र 13 सीट ओडिशा में 5 सीट , उत्तर प्रदेश में 14 सीट ,वेस्ट बंगाल में 7 सीट , जम्मू एंड कश्मीर में 1 सीट लद्दाख में 1 सीट, बिहार में 5 सीट, झारखंड में 3 सीटों में 20 मई को वोटिंग किया जायेगा | 13 सीट ओडिशा में 5 सीट , उत्तर प्रदेश में 14 सीट ,वेस्ट बंगाल में 7 सीट , जम्मू एंड कश्मीर में 1 सीट, लद्दाख में 1 सीट, बिहार में 5 सीट, झारखंड में 3 सीटों में 20 मई को वोटिंग किया जायेगा |[caption id="attachment_3538" align="aligncenter" width="1024"]
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फेज -5 लोकसभा 2024 में प्रमुख निर्वाचन क्षेत्र,
रायबरेली, लखनऊ, कैसरगंज, अमेठी (up), हाजीपुर, सारण (बिहार ), मुंबई नार्थ - ईस्ट , मुंबई नार्थ- सेंट्रल, मुंबई साउथ, मुंबई साउथ सेंट्रल, कल्यान, मुंबई नार्थ, मुंबई नार्थ- वेस्ट (महाराष्ट्र ) में देखने लायक निर्वाचन क्षेत्र है |
T20 World Cup 2024 Team India का ऐलान
फेज -5 लोकसभा 2024 में प्रमुख HOT SIT.
बिहार
हाजीपुर: चिराग पासवान (लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास)
सारण: रोहिणी आचार्य (राजद) और राजीव प्रताप रूडी (भाजपा)
मुजफ्फरपुर: राज भूषण चौधरी (भाजपा)
उत्तर प्रदेश
अमेठी: स्मृति ईरानी (भाजपा) और किशोरी लाल शर्मा (कांग्रेस)
रायबरेली: राहुल गांधी (कांग्रेस)
लखनऊ: राजनाथ सिंह (भाजपा)
कैसरगंज: करण भूषण सिंह (भाजपा)
महाराष्ट्र
मुंबई उत्तर: पीयूष गोयल (भाजपा)
मुंबई उत्तर-पश्चिम: रवींद्र दत्तराम वायकर (शिवसेना)
मुंबई साउथ: अरविंद सावंत
मुंबई उत्तर-मध्य: उज्ज्वल निकम (भाजपा) और वर्षा गायकवाड़ (कांग्रेस)
कल्याण: डॉ. श्रीकांत शिंदे (शिवसेना)
जम्मू और कश्मीर
बारामूला: उमर अब्दुल्ला (जेके नेशनल कॉन्फ्रेंस)
झारखंड
चतरा: कृष्णा नंद त्रिपाठी (कांग्रेस)
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लोकसभा चुनाव में कुल 695 उमीदवार का नामांकन सही पाया गया और चुनाव लड़ने के लिए योग्य रहे | जो अपने चुनाव में भाग ले पायेगे, 7 फेज के चुनाव में अबतक 4 फेज पूरे हो गए है भारत के इस चुनावी पर्व में मतदाता अधिक से अधिक आगे आकर अपने मत का प्रयोग करे |
General Elections 2024
: हनुमान जन्मोत्सव 2024: शुभ मुहूर्त और पूजा विधि,सही तिथि, इतिहास
Thu, Jun 13, 2024
हनुमान जन्मोत्सव 2024:
हनुमान जन्मोत्सव 2024 : शुभ मुहूर्त[caption id="attachment_3380" align="alignnone" width="1024"]
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हनुमान जन्मोत्सव हर साल चैत्र मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस साल हनुमान जन्मोत्सव 23 अप्रैल 2024 दिन मंगलवार को मनाया जाएगा.हनुमान जन्मोत्सव पर पूजा करने का शुभ समय सुबह 10:41 बजे से दोपहर 1:57 बजे तक, दोपहर 3:35 बजे से शाम 5:13 बजे तक और रात 8:13 बजे से रात 9:35 बजे तक है।यह रामायण में था हनुमान का उल्लेख महाभारत समेत कई अन्य धार्मिक ग्रंथों में मिलता है, लेकिन उनका सबसे महत्वपूर्ण उल्लेख हिंदू महाकाव्य रामायण में है। हनुमान को भगवान शिव का अवतार कहा जाता है, हनुमान की भक्ति और वीरता ने भगवान राम को सीता के अपहरण के बाद हुए युद्ध में रावण को हराने में मदद की । हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है|
श्री हनुमान चालीसा लाभ
मन को शांति और सुखद वातावरण मिले।
भक्त की मनोदशा सबसे अच्छी है और उसमें सकारात्मक ऊर्जा है।
डर और भय से मुक्ति और व्यक्ति का आधिपत्य है।
श्री हनुमानजी की कृपा से आपके जीवन में धन और समृद्धि है।
इस चालीसा का पाठ करने से पुस्तकालयों से मुक्ति मिलती है और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है।
श्री हनुमान चालीसा की महत्वपूर्ण पंक्तियाँ
श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
बरनौँ रघुवर बिमल जसु, जो दिहु फल चारि।।
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुद्धि बिद्या देहु कल मोहिं, हरहुसे बिकार।।
हनुमान जन्मोत्सव 2024 : शुभ मुहूर्त
हनुमान के गुण हैं जिनके लिए वे जाने जाते हैं और जिन्हें हम सभी को किसी न किसी रूप में अपनाना चाहिए।यहाँ उनमें से पाँच हैं:
1. दृढ़ता सीता को खोजने के कारण अपने 'प्रभु' की दयनीय स्थिति को रोकने की जिद ने हनुमान को वह नायक बना दिया, जिसकी भगवान राम को उन कठिन समय में सबसे अधिक आवश्यकता थी। सीता को खोजने के लिए अपना पूरा अस्तित्व समर्पित करने के बाद, हनुमान कई बाधाओं का सामना करते हुए अंततः लंका पहुंचे और सीता को ढूंढा। उसने उसे भागने में मदद करने की पेशकश की लेकिन उसने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि राम का सम्मान दांव पर है और वह किसी भी कीमत पर इसका जोखिम नहीं उठाएगी। इसके बाद हनुमान वापस राम के पास गए और अंततः अपनी पूंछ से लंका में आग लगा दी।
2. व्यावहारिकता उसने आकार बदला पहाड़ों को उठाया और लंका को जलाने के लिए अपनी पूँछ का उपयोग किया। हनुमान की व्यावहारिकता और हाथ में काम पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता अपने आप में एक नायक हो सकती है। उनकी युद्ध-विजेता रणनीति और युक्तियों ने, अक्सर कई लोगों की जान और सम्मान बचाया।सीखने के लिए सबक: खैर आकार बदलना सीखें; इससे हमारा तात्पर्य यह है कि आपको समय की आवश्यकता के अनुसार प्राथमिकताएँ निर्धारित करना और अनुकूलन करना सीखना चाहिए।
3. ताकत हनुमान की शारीरिक और मानसिक शक्ति के बारे में शायद बताने की जरूरत नहीं है। जब रावण के पुत्र इंद्रजीत के साथ लड़ाई के दौरान भगवान राम के भाई लक्ष्मण घायल हो गए, तो हनुमान को सूर्योदय से पहले संजीवनी बूटी लाने के लिए कहा गया। समय बीतने के साथ, उसने अपने मूल आकार से कई गुना बड़ा बनने का फैसला किया और सूर्य को उगने से रोक दिया। जड़ी-बूटी को पहचानने में हनुमान की असमर्थता के कारण उन्हें पूरा पर्वत ही उठाना पड़ा।
4. हास्य भावना सबसे कठिन समय में हनुमान ने अपना हास्य बनाए रखने का निश्चय किया। उदाहरण वह समय जब उसने खुद को जानबूझकर रावण के बेटे इंद्रजीत के हाथों पकड़वा लिया था, केवल इंद्रजीत की ताकत का अंदाजा लगाने के लिए। या फिर वह समय जब उसे उसकी पूँछ में आग लगा देने की धमकी दी गई और उसने उसकी लम्बाई बढ़ानी शुरू कर दी।
5. निःस्वार्थता,निष्ठा और विनम्रता यह कहना गलत नहीं होगा कि हनुमान निस्वार्थता की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने अपनी युवावस्था का एक बड़ा हिस्सा भगवान राम और सीता को समर्पित कर दिया और इतिहास में उनके सबसे वफादार अनुयायी के रूप में दर्ज हो गए। पूरे समय भगवान राम के साथ रहे। इसके अलावा अपनी शारीरिक शक्ति और अलौकिक क्षमताओं के बावजूद वह काफी विनम्र थे , हमेशा हाथ जोड़े हुए देखे जाते थे, ये गुण हनुमान को अब तक के भक्तों में सबसे प्रसिद्ध बनाते हैं।
हनुमान जन्मोत्सव 2024 : शुभ मुहूर्त
महावीर जयंती 2024 की शुभकामनाएँ