: योग दिवस के अवसर पर कश्मीर दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे
Thu, Jun 20, 2024
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार योग दिवस के अवसर पर कश्मीर में
अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान पीएम मोदी यहां कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार 19 जून को कश्मीर पहुंचेंगे।जम्मू और कश्मीर भाजपा ने पीएम मोदी के भव्य स्वागत के लिए तैयारियां की हैं।वहीं सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 और 21 जून को जम्मू और कश्मीर का दौरा करेंगे।इस दौरान वे केंद्र शासित प्रदेश में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगेऔर 10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम सहित कुछ अन्य कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे।प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने बुधवार को एक बयान में यह जानकारी दी। राजनीतिक हलकों में चर्चा है |कि जम्मू और कश्मीर में चुनावों को ध्यान में रखते हुए पीएम मोदी ने इस बार योग दिवस पर कश्मीर को चुना है।[caption id="attachment_4406" align="aligncenter" width="1024"]
योग दिवस के अवसर पर कश्मीर दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे[/caption]
20 जून को कार्यक्रम में होंगे शामिल
यह मोदी का लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद जम्मू और कश्मीर का पहला दौरा है।हाल के दिनों में, इस केंद्र शासित प्रदेश में कुछ आतंकवादी घटनाएं भी हुई हैं।पीएमओ ने बताया कि प्रधानमंत्री 20 जून को शाम 6 बजे श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में 'युवाओं को सशक्त बनाना |जम्मू और कश्मीर का रूपांतरण' कार्यक्रम में शामिल होंगे।बयान के अनुसार यह कार्यक्रम इस क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जो यहां की प्रगति को दर्शाता है और युवाओं को प्रेरित करता है।
विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
योग दिवस के अवसर पर कश्मीर दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे स्टॉलों का निरीक्षण करेंगे और जम्मू और कश्मीर के 'युवा अचीवर्स' के साथ बातचीत करेंगे।प्रधानमंत्री 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की 84 प्रमुख विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे।उद्घाटन की जाने वाली परियोजनाओं में सड़क बुनियादी ढांचा, जल आपूर्ति योजनाएं औरउच्च शिक्षा में बुनियादी ढांचे से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं।इसके अलावा प्रधानमंत्री चेनानी-पटनीटॉप-नाशरी खंड में सुधार, औद्योगिक संपदा का विकास |और छह सरकारी डिग्री कॉलेजों के निर्माण जैसी परियोजनाओं का भी शिलान्यास करेंगे।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस:
नियुक्ति पत्र भी वितरित करेंगे
प्रधानमंत्री 1,800 करोड़ रुपये की लागत वाली कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार (JKCIP) परियोजना का भी शुभारंभ करेंगे।यह परियोजना जम्मू और कश्मीर के 20 जिलों के 90 ब्लॉकों में लागू की जाएगी।प्रधानमंत्री 2,000 से अधिक सरकारी सेवा में नियुक्त व्यक्तियों को नियुक्ति पत्र भी वितरित करेंगे।पीएमओ ने कहा "इन परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन जम्मू और कश्मीर में युवाओं को सशक्त करेगाऔर बुनियादी ढांचे का विकास करेगा।"प्रधानमंत्री कार्यालय ने आगे कहा कि इस वर्ष के कार्यक्रम का उद्देश्य युवा मन और शरीर पर योग के गहरे प्रभाव को रेखांकित करना है।इस उत्सव का उद्देश्य हजारों लोगों को योग के अभ्यास में एकजुट करना, स्वास्थ्य और कल्याण को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना है।प्रधानमंत्री 2015 से हर साल
योग दिवस समारोह
का नेतृत्व कर रहे हैं।उन्होंने दिल्ली, चंडीगढ़, देहरादून, रांची, लखनऊ, मैसूर और यहां तक कि न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय सहित विभिन्न प्रतिष्ठित स्थानों पर योग दिवस समारोह का नेतृत्व किया है।
: प्रधानमंत्री मोदी का बिहार दौरा
Wed, Jun 19, 2024
नालंदा विश्वविद्यालय के नए कैंपस का भव्य उद्घाटन आज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, बुधवार को बिहार का दौरा करेंगे।इस दौरान, वे राजगीर में स्थित नालंदा विश्वविद्यालय के नए कैंपस का उद्घाटन करेंगे।इस जानकारी को कार्यक्रम से जुड़े लोगों ने साझा किया।विदेश मंत्री एस. जयशंकर और 17 देशों के राजदूत इस उद्घाटन समारोह में शामिल होने की संभावना है।हालांकि कार्यक्रम में शामिल होने वाले अतिथियों की पूरी सूची अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।नए कैंपस की बात करें तो यह प्राचीन नालंदा खंडहरों के समीप स्थित है, जो इसे ऐतिहासिक महत्व प्रदान करता है।[caption id="attachment_4365" align="alignnone" width="1024"]
प्रधानमंत्री मोदी का बिहार दौरा[/caption]
पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में उठा मामला
नालंदा विश्वविद्यालय का नया कैंपस नालंदा विश्वविद्यालय अधिनियम, 2010 के तहत स्थापित किया गया है।यह अधिनियम 2007 में फिलीपींस में आयोजित दूसरे पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में लिए गए निर्णयों को लागू करने के लिए बनाया गया था।प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय जो पांचवीं सदी में बनाया गया था, में दुनियाभर से छात्र शिक्षा प्राप्त करने आते थे।विशेषज्ञों के अनुसार, यह विश्वविद्यालय 800 वर्षों तक फलता-फूलता रहा, लेकिन 12वीं सदी में आक्रमणकारियों द्वारा इसे नष्ट कर दिया गया था।वर्षों बाद नया विश्वविद्यालय 2014 में 14 छात्रों के साथ एक अस्थायी स्थान से संचालन शुरू हुआ।2017 में विश्वविद्यालय के ढांचे का निर्माण कार्य शुरू हुआ।भारत के अलावा, 17 अन्य देशों ने भी इस विश्वविद्यालय में भागीदारी की है।इनमें ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, भूटान, ब्रुनेई दारुस्सलाम, कंबोडिया, चीन, इंडोनेशिया, लाओस, मॉरीशस, म्यांमार, न्यूजीलैंड, पुर्तगाल, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, थाईलैंड और वियतनाम शामिल हैं।
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव:
अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए छात्रवृत्तियाँ
इन 17 देशों ने विश्वविद्यालय के समर्थन में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।विश्वविद्यालय अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को 137 छात्रवृत्तियाँ प्रदान करता है।2022-24 और 2023-25 शैक्षणिक वर्षों के लिए पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज और 2023-27 के लिए पीएचडी कोर्सेज में नामांकित अंतर्राष्ट्रीय छात्रों में अर्जेंटीना, बांग्लादेश, भूटान, कंबोडिया, घाना, इंडोनेशिया, केन्या, लाओस, लाइबेरिया, म्यांमार, मोज़ाम्बिक, नेपाल, नाइजीरिया, रिपब्लिक ऑफ कांगो, दक्षिण सूडान, श्रीलंका, सर्बिया, सिएरा लियोन, थाईलैंड, तुर्की, युगांडा, यूएसए, वियतनाम और जिम्बाब्वे के छात्र शामिल हैं।
नालंदा विश्वविद्यालय
के अध्ययन केंद्र
नालंदा विश्वविद्यालय में छह अध्ययन केंद्र हैं। इनमें स्कूल ऑफ बुद्धिस्ट स्टडीज, फिलॉसफी एंड कम्पेरेटिव रिलिजन; स्कूल ऑफ हिस्टोरिकल स्टडीज; स्कूल ऑफ इकोलॉजी एंड एनवायरनमेंटल स्टडीज; और स्कूल ऑफ सस्टेनेबल डेवलपमेंट एंड मैनेजमेंट शामिल हैं।प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे और नालंदा विश्वविद्यालय के नए कैंपस का उद्घाटनबिहार के शिक्षा और सांस्कृतिक क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।यह कार्यक्रम देश-विदेश के छात्रों और विद्वानों के बीच भारत की प्राचीन शिक्षा प्रणाली की महत्ता को पुनः स्थापित करेगा |और वैश्विक शिक्षा में नालंदा की एक नई पहचान बनाएगा।इस कार्यक्रम से बिहार और नालंदा विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होगी |जिससे यहाँ पर आने वाले अंतर्राष्ट्रीय छात्रों और विद्वानों की संख्या में भी इज़ाफा होगा।
: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वाराणसी दौरा: विकास की नई ऊँचाइयाँ
Wed, Jun 19, 2024
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर
आज उनके दौरे का दूसरा दिन है और उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लिया।इस दौरान पीएम मोदी ने चार ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई, जिनमें वंदे भारत एक्सप्रेस भी शामिल है।[caption id="attachment_4316" align="alignnone" width="1024"]
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वाराणसी दौरा विकास की नई ऊँचाइयाँ[/caption]
वाराणसी-नई दिल्ली की दूसरी वंदे भारत एक्सप्रेस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।इसके अलावा उन्होंने दोहरीघाट-मऊ मेमू ट्रेन और नव निर्मित समर्पित माल गलियारे से लंबी दूरी की मालगाड़ियों का भी शुभारंभ किया।यह वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन अब वाराणसी से नई दिल्ली तक चलने वाली दूसरी ट्रेन है।इसके साथ ही, पीएम मोदी ने वाराणसी में कई लोक कल्याणकारी परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।[caption id="attachment_4317" align="alignnone" width="1024"]
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वाराणसी दौरा: विकास की नई ऊँचाइयाँ[/caption]
काशी के लोगों के लिए नए परिवहन साधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी के लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि आज वाराणसी से दिल्ली के लिए एक और वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत हो गई है।दोहरीघाट-मऊ ट्रेन की शुरुआत से बरहलगंज, हाटा आदि क्षेत्रों के लोगों को भी काफी लाभ मिलेगा।इस नई रेल सेवा से स्थानीय लोगों की यात्रा आसान और सुविधाजनक होगी |जिससे उनकी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आएगा।
ड्रेजर-टैंकर संघर्ष से आया सामुद्रिक तेल छलांग
भारत 2047 तक अवश्य आगे बढ़ेगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पूरा देश, जिसमें काशी भी शामिल है |एक विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। विकासित भारत संकल्प यात्रा ने हजारों गाँवों और शहरों तक पहुँच बनाई है।करोड़ों लोग इस यात्रा में शामिल हो रहे हैं।इस यात्रा को 'मोदी की गारंटी वाहन' के नाम से जाना जा रहा है।प्रधानमंत्री ने कहा "जो लोग अब तक वंचित थे, वे विश्वास करते हैं कि एक दिन वे भी नीतियों से लाभान्वित होंगे।जनता का यह विश्वास देश के आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है कि भारत 2047 तक अवश्य आगे बढ़ेगा।"
वाराणसी
में विकास के नए अध्याय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी दौरे ने स्थानीय विकास के नए द्वार खोले हैं।वंदे भारत एक्सप्रेस के साथ-साथ अन्य नई ट्रेनों के शुभारंभ से क्षेत्र में परिवहन सुविधाएं बढ़ेंगी और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।इन नई परियोजनाओं से क्षेत्र के लोगों को न केवल बेहतर यातायात सुविधाएं मिलेंगी बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।