दिवाली पर पटाखों का धुआं पहुंचा सकता है आंखों को नुकसान : इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
हेल्थ डेस्क। दिवाली रोशनी, खुशियों और उत्साह का त्योहार है। इस मौके पर घरों में दीये जलाए जाते हैं और रंग-बिरंगी लाइटों से सजावट की जाती है। हालांकि, त्योहार की मस्ती के बीच सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है। खासतौर पर आंखों की देखभाल को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पटाखों से निकलने वाला धुआं, धूल और बारीक कण आंखों में जलन, लालिमा और एलर्जी की समस्या पैदा कर सकते हैं। वहीं, कुछ लक्षण ग्लूकोमा और डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसी गंभीर बीमारियों से भी जुड़े हो सकते हैं।
पटाखों के धुएं से आंखों को बचाना जरूरी
दिवाली के दौरान पटाखों से निकलने वाला धुआं और प्रदूषण आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे आंखों में जलन, खुजली, लालिमा और पानी आने जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इसके अलावा त्योहारों में इस्तेमाल होने वाला मेकअप और कॉन्टैक्ट लेंस भी सावधानी न बरतने पर आंखों में संक्रमण और परेशानी का कारण बन सकते हैं। डायबिटीज से पीड़ित लोगों को आंखों की नियमित जांच पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
मोबाइल और टीवी देखते समय बरतें सावधानी
लगातार मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी की स्क्रीन देखने से आंखों में थकान और सूखापन महसूस हो सकता है। इससे बचने के लिए बीच-बीच में स्क्रीन से नजर हटाएं और बार-बार पलकें झपकाते रहें। स्क्रीन को आंखों से उचित दूरी पर रखें। त्योहारों की व्यस्तता के बीच पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है, क्योंकि नींद की कमी से आंखों में थकान और जलन बढ़ सकती है।
आंखों की साफ-सफाई का रखें ध्यान
आंखों को स्वस्थ रखने के लिए साफ-सफाई बेहद जरूरी है। बिना हाथ धोए आंखों को छूने से बचें। अपना मेकअप और कॉस्मेटिक सामान दूसरों के साथ साझा न करें। एक्सपायर हो चुके मेकअप प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल भी न करें। सोने से पहले आंखों का मेकअप अच्छी तरह साफ कर लें। कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले लोग उनकी सफाई और इस्तेमाल से जुड़े निर्देशों का पालन करें। आंखों में परेशानी होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल न करें।
आंखों में लालिमा और दर्द को न करें नजरअंदाज
आंखों में लगातार लालिमा, दर्द, पानी आना या धुंधला दिखाई देना सामान्य परेशानी समझकर टालना ठीक नहीं है। कई बार लोग घरेलू उपायों के भरोसे रहते हैं, जिससे समस्या गंभीर हो सकती है। अचानक नजर कमजोर होना, तेज दर्द महसूस होना या आंख में चोट लगना आपात स्थिति के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
डायबिटीज के मरीज रहें विशेष सावधान
डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों को आंखों की सेहत को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। डायबिटीज के कारण आंखों के पर्दे यानी रेटिना की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। इसे डायबिटिक रेटिनोपैथी कहा जाता है। इसकी शुरुआती अवस्था में कई बार कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। इसलिए नियमित रूप से आंखों की जांच कराना और ब्लड शुगर व ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना जरूरी है। समय पर जांच और उचित देखभाल से आंखों की रोशनी को गंभीर नुकसान से बचाने में मदद मिल सकती है।
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