PDS Ration System : अंगूठा नहीं लगा तो भी मिलेगा राशन, PDS में बदला फिंगरप्रिंट सिस्टम; अब चेहरे से होगी पहचान
Media Yodha Desk Fri, Oct 2, 2026
PDS Ration System: राशन कार्ड धारकों के लिए राशन लेने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब राशन दुकान पर फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने की स्थिति में भी लाभार्थी को राशन से वंचित नहीं होना पड़ेगा। सरकार ने 1 अक्टूबर से राशन वितरण प्रणाली (ePDS) में फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा लागू कर दी है। इसके तहत फिंगरप्रिंट से पहचान नहीं होने पर लाभार्थी के चेहरे के जरिए उसका वेरिफिकेशन किया जा सकेगा।
सरकार ने इस नई व्यवस्था की आधिकारिक घोषणा 29 सितंबर को की थी। इसका उद्देश्य राशन वितरण प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ-साथ लाभार्थियों की पहचान को अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनाना है।
आधार डेटाबेस से होगा फेस वेरिफिकेशन
राशन लेने के लिए अब तक लाभार्थियों को राशन दुकान पर लगी e-POS मशीन में अंगूठा या उंगली का निशान लगाकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराना पड़ता था। कई बार नेटवर्क की समस्या, तकनीकी दिक्कत या उंगलियों के निशान स्पष्ट नहीं होने के कारण फिंगरप्रिंट मैच नहीं हो पाता था।
नई व्यवस्था में ऐसी स्थिति आने पर e-POS मशीन के कैमरे से लाभार्थी के चेहरे को स्कैन किया जाएगा। इसके बाद आधार डेटाबेस में उपलब्ध जानकारी के आधार पर पहचान का सत्यापन किया जा सकेगा और पात्र लाभार्थी को राशन दिया जाएगा।
बुजुर्गों और श्रमिकों को मिलेगी सुविधा
फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा से खासतौर पर उन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके फिंगरप्रिंट आसानी से स्कैन नहीं हो पाते। उम्र बढ़ने के कारण कई बुजुर्गों के उंगलियों के निशान हल्के पड़ जाते हैं। वहीं लगातार मेहनत-मजदूरी करने वाले श्रमिकों के फिंगरप्रिंट भी कई बार मशीन में सही तरीके से दर्ज नहीं हो पाते।
ऐसे मामलों में चेहरे से पहचान होने पर राशन लेने की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
e-POS मशीनों में किया जा रहा तकनीकी अपडेट
नई सुविधा को लागू करने के लिए राशन दुकानों पर इस्तेमाल होने वाली e-POS मशीनों और संबंधित सिस्टम में जरूरी सॉफ्टवेयर अपडेट किए जा रहे हैं। हालांकि, फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा उन्हीं राशन दुकानों पर उपलब्ध होगी, जहां संबंधित मशीन में कैमरा और जरूरी तकनीकी अपडेट सक्रिय हो चुका है।
क्या है ePDS?
ePDS यानी Electronic Public Distribution System एक डिजिटल व्यवस्था है, जिसके जरिए राशन कार्ड धारकों और लाभार्थियों से जुड़ा डेटा, राशन वितरण और वेरिफिकेशन प्रक्रिया को ऑनलाइन मैनेज किया जाता है।
फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा इसी डिजिटल व्यवस्था का हिस्सा है। इसका उद्देश्य फिंगरप्रिंट वेरिफिकेशन में आने वाली दिक्कतों के दौरान लाभार्थियों को एक वैकल्पिक पहचान प्रक्रिया उपलब्ध कराना है, ताकि पात्र व्यक्ति को राशन लेने में परेशानी न हो।
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