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गाइडलाइंस : राइड-शेयरिंग सेक्टर के लिए नए नियम: एमवीएजी 2025 से क्या बदलेगा?

admin Wed, Jul 2, 2025

भारत में कैब और बाइक-टैक्सी सेवा प्रदाताओं जैसे ओला, उबर और रैपिडो के लिए सरकार ने मोटर वाहन एग्रीगेटर गाइडलाइंस (MVAG) 2025 जारी कर दिए हैं। इंडस्ट्री ने इन नियमों का स्वागत करते हुए कहा है कि यह नियामकीय स्पष्टता और देशभर में सस्ती, सुरक्षित मोबिलिटी को बढ़ावा देगा।


🔍 नए दिशानिर्देशों की मुख्य बातें

🚕 पीक ऑवर्स में अब डबल किराया वसूल सकेंगे एग्रीगेटर्स

  • पीक ऑवर्स में राइड-हेलिंग कंपनियां बेस फेयर से दोगुना तक किराया वसूल सकती हैं।

  • नॉन-पीक ऑवर्स में किराया बेस दरों के 50% से कम नहीं हो सकता।

  • पहले अधिकतम 1.5 गुना तक किराया वसूलने की अनुमति थी।

💸 यात्रा रद्द करने पर ड्राइवरों को लगेगा जुर्माना

  • बिना उचित कारण के ट्रिप कैंसिल करने पर ड्राइवर पर लगेगा जुर्माना:

    • कुल किराये का 10%

    • अधिकतम सीमा ₹100 तक

🛣️ राज्य सरकारों को मिली जिम्मेदारी

  • तीन महीने में नए दिशानिर्देश अपनाने की सलाह राज्य सरकारों को दी गई है।

  • किराया तय करने और ड्राइवरों के इंसेंटिव का हिस्सा निर्धारित करने की जिम्मेदारी भी राज्यों पर होगी।


🛵 क्या होगा असर?

  • यात्रियों को पीक ऑवर्स में सफर करना थोड़ा महंगा पड़ सकता है।

  • ड्राइवरों के व्यवहार पर अंकुश लगेगा, जिससे रद्द की गई ट्रिप्स में कमी आ सकती है।

  • पुराने वाहनों पर फ्यूल से जुड़े नियमों और बढ़ती लागत को लेकर चिंता भी बढ़ी है।


🗣️ इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया

राइड-हेलिंग कंपनियों ने कहा है कि यह कदम नियमों को स्पष्ट करने और इनोवेशन को प्रोत्साहित करने में मदद करेगा। इससे:

  • अधिक पारदर्शिता

  • किफायती और समय पर सेवाएं

  • और ड्राइवर-यात्री संतुलन बन सकेगा

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