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Jaipur Murder Case :  चचेभाई से अवैध संबंध, गहने बेचकर दी सुपारी; आयुषी के मामा ने खोले दोहरे हत्याकांड के चौंकाने वाले राज

Media Yodha Desk Sun, Jul 12, 2026

Jaipur Murder Case: जयपुर में बीते 03 जुलाई को महिला नीरज शर्मा की गाड़ी से कुचलकर मारने के मामले में हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं. इस मामले में मृतक महिला की बेटी आयुषी और मोहन स्वरूप (56) समेत सात लोगों की गिरफ़्तारी हुई है, जबकि आयुषी का चचेरा भाई बलराम शर्मा फरार है. इधर जब सुपारी देकर मां को मरवाने के मामले में बेटी आयुषी जेल में है और पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है तो मृतक नीरज के भाई और आरोपी आयुषी के मामा ने बड़ा दावा किया है. मामा राकेश शर्मा ने पिछले साल हुई अपने जीजा की मौत की भी जांच की मांग करते हुए कहा कि आयुषी ने ही उन्हें मार दिया.

महिला नीरज को पहले से थी आशंका

मामा के अनुसार, जीजा (विजय कुमार शर्मा) के मौत की दो महीने पहले ही आयुषी के व्यवहार में बदलाव आ गया. वह गुस्से में रहने लगी. मामा राकेश ने कहा कि मेरी बहन के पहले मकान को कब्जा कर लिया गया. मेरी बहन ने इसको लेकर सांगानेर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई, जिसमें आज तक कार्रवाई नहीं हुई. अगर समय पर सांगानेर थाने द्वारा कार्रवाई की जाती तो आज मेरी बहन जिंदा होती.  जब पड़ोसियों से महिला नीरज शर्मा की मौत और उसकी बेटी के व्यवहार के बारे में सवाल किया तो पता चला कि नीरज को पहले से ही आशंका थी कि उसकी बेटी उसे जान से मरवा सकती है. इसलिए उसने अपने घर को किले की तरह पैक करवा रहा था. जगह-जगह पर CCTV कैमरे लगाए हुए थे. पड़ोसियों की मानें तो बेटी आयुषी कई बार अपनी मां से मारपीट कर चुकी है, वह उसके साथ बुरी तरह से मारपीट करती थी.

स्कॉर्पियो कार से कुचलकर मौत के घाट उतारा

स्थानीय लोगों ने बताया कि कई महीनों से नीरज की रेकी की जा रही थी. संदिग्ध स्कॉर्पियो और मोटरसाइकिल सवार बदमाश उनकी गली और इलाके में घूमते थे. 03 जुलाई को नीरज जब अपने बेटे को छोड़कर वापस घर आ रही थी. इस दौरान घर से ही 60 मीटर की दूरी पर स्कॉर्पियो कार ने नीरज को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया. राकेश शर्मा ने अपने जीजा की मौत के हालात पर भी शक जताया है. आयुषी के मामा राकेश शर्मा का आरोप है कि मुख्य आरोपी बलराम शर्मा अभी भी फ़रार है और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के लिए दिए गए पैसे समेत अहम सबूत अभी तक बरामद नहीं हुए हैं. मामा ने अपनी बहन नीरज के हत्या के मामले की सीआईडी सीबी से जांच की मांग करते हुए दावा किया कि आयुषी ने मां के गहने बेच कर सुपारी के 7 लाख रुपये बदमाशों को दिए थे. 

आयुषी को किसने बनाया मां-बाप का कातिल?

प्रताप नगर थाने में FIR दर्ज करवाकर मामा ने आरोप लगाया कि अप्रैल 2025 में आयुषी ने अपने चचेरे भाई बलराम के साथ मिलकर इलाज के दौरान विजय शर्मा की फीडिंग पाइप हटाकर उनकी जान लेने की साजिश रची. दावा किया गया है कि इस कथित वारदात के पीछे अनुकंपा नियुक्ति और 14-15 करोड़ रुपये की पारिवारिक संपत्ति हासिल करने की मंशा थी. बलराम और आयुषी के बीच अवैध संबंध को लेकर मामा राकेश ने दावा किया कि जिस तरह से परिस्थितियां सामने नजर आ रही हैं, ऐसे में शंका पूरी तरह से है. मामा राकेश ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से नीरज शर्मा की मौत की जांच की मांग की है. अभी पुलिस जो जांच कर रही है, उसमें काफी खामियां हैं, जैसे कृष्णा को हिरासत में लेना और फिर उसे छोड़ देना. मुख्य अभियुक्त बलराम का कृष्णा बड़ा भाई है. पुलिस जब बलराम के पिता मोहन को उठा लिया है और बलराम को नहीं पकड़ पा रही है तो निश्चित रूप से संदेह जाहिर होता है. पुलिस चाहे तो बलराम को गिरफ्तार कर सकती है, पर पुलिस ऐसा नहीं कर रही है. 

शिकायत के अनुसार, आयुषी ने परिवार को बताया था कि उसने एक वरिष्ठ डॉक्टर से सलाह ली है और बेहतर इलाज के लिए पिता को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी है. इसके बाद वह और बलराम पिता विजय शर्मा को अपने साथ ले गए. मामा का आरोप है कि करीब तीन महीने तक परिवार को उनकी सही लोकेशन नहीं बताई गई. यह भी आरोप लगाया गया कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद आयुषी और बलराम ने उन्हें लगभग तीन महीने तक किसी अज्ञात जगह पर रखा था.  आयुषी के मामा ने दावा किया कि जब उन्होंने डॉक्टरों से संपर्क किया तो हालत गंभीर होना बताया गया. डॉक्टरों ने कहा कि फेफड़ों में पानी भर गया था, लिवर बुरी तरह डैमेज हो गया था और दिल में ब्लॉकेज थी. इसके बाद दो दिन के भीतर ही संदिग्ध हालात में उनकी मौत हो गई. उन्हें सही इलाज और बताई गई दवाएं नहीं दी गईं. मामा ने कहा कि अगर पुलिस ठीक से जांच करे, तो पता चलेगा कि उनकी मौत में भी आयुषी और बलराम का हाथ था. इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए DCP रंजीता शर्मा ने कहा कि पुलिस ने शिकायत पर ध्यान दिया है और पूरी जांच का भरोसा दिलाया है. 

 

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