सऊदी की सबसे बड़ी तेल कंपनी Aramco पर हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला : पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है असर
Saudi Aramco Attack: यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में दुनिया की प्रमुख तेल कंपनियों में शामिल Aramco की सुविधाओं को निशाना बनाने का दावा किया है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी के मुताबिक, संगठन ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिए यह हमला किया। उन्होंने दावा किया कि हमले सटीक और सीधे थे, जिसके बाद Aramco की एक साइट पर आग लग गई।
हालांकि, हूती विद्रोहियों के इस दावे की सऊदी अरब के अधिकारियों ने पुष्टि नहीं की है। सरकारी तेल कंपनी Aramco की ओर से भी कथित हमले या आग लगने की वजह को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
सऊदी गठबंधन ने किए 97 हमले
हूती विद्रोहियों के हमले के दावे के बीच यमन में सैन्य तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। रविवार सुबह सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि उसकी सेनाओं ने तोर अल-बहा फ्रंट और ताइज एक्सिस पर हूती लड़ाकों के खिलाफ 97 सटीक हमले किए।
गठबंधन के मुताबिक, इन सैन्य अभियानों में लड़ाकू विमान, ड्रोन, तोपखाने, मिसाइल और स्नाइपर यूनिट का इस्तेमाल किया गया। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की सेना के प्रवक्ता कर्नल माजिद अब्दुल्ला अल-नाजिली ने दावा किया कि कार्रवाई में करीब 260 हूती लड़ाकों को निशाना बनाया गया और 44 सैन्य वाहनों को नष्ट या निष्क्रिय किया गया।
पिछले महीने भी Aramco को निशाना बनाने का दावा
हूती विद्रोहियों ने इससे पहले पिछले महीने सऊदी अरब के पश्चिमी तट पर स्थित यानबू बंदरगाह में Aramco की सुविधाओं पर हमला करने का दावा किया था। उस समय सऊदी अरब ने कहा था कि यानबू और ताइफ की दिशा में दागी गई छह बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक दिया गया था और Aramco की साइट्स को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
इसी सप्ताह सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यह भी दावा किया था कि हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को मदीना में एक पावर स्टेशन को निशाना बनाया। इन घटनाओं के बाद सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
2022 के सीजफायर के बाद फिर तेज हुई जंग
यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष में हाल के दिनों में फिर तेजी देखी गई है। 2022 में सीजफायर टूटने के बाद दोनों पक्षों के बीच सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं। सितंबर के मध्य में हूती विद्रोहियों ने मोचा बंदरगाह शहर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के रणनीतिक द्वीपों पर कब्जे का दावा किया था। इसके बाद हूती विरोधी ताकतों ने मोर्चे को स्थिर करने की कोशिश की।
यमन में 2014 से संघर्ष जारी है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद यमनी सरकार को अदन की ओर पीछे हटना पड़ा। लंबे संघर्ष के कारण बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं।
बढ़ सकती हैं कच्चे तेल की कीमतें
सऊदी अरब दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक और निर्यातक देशों में शामिल है। ऐसे में उसके तेल बुनियादी ढांचे पर किसी भी बड़े हमले से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ सकता है।
Aramco पर हमले के दावे और पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की आशंका जताई जा रही है। अगर सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष लंबे समय तक जारी रहता है, तो तेल की आपूर्ति के साथ-साथ क्षेत्र के महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों पर भी दबाव बढ़ सकता है।
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