नशे की लत ने बनाया चोर : निलंबित आरक्षक ने दो दोस्तों के साथ मिलकर घर से उड़ाए लाखों के जेवर
बिलासपुर : जिले के सकरी थाना क्षेत्र में चोरी की एक हैरान करने वाली वारदात का पुलिस ने खुलासा किया है। नशे की लत पूरी करने के लिए एक निलंबित आरक्षक ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर अपने ही घर से लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर और अन्य सामान चोरी कर लिया। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का सामान और वारदात में इस्तेमाल की गई बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की है। मामला सागरदीप कॉलोनी का है। यहां रहने वाली वृंदावती मिश्रा तीज का पर्व मनाने अपने पैतृक गांव रीवा गई थीं। उनके घर पर ताला लगा हुआ था। त्योहार के बाद जब वह बिलासपुर लौटीं तो घर के अंदर का सामान अस्त-व्यस्त मिला। कमरे में रखी अलमारी और लॉकर का ताला टूटा हुआ था। जांच करने पर पता चला कि अलमारी में रखे सोने-चांदी के कीमती जेवर, नकदी और अन्य सामान गायब हैं। इसके बाद उन्होंने सकरी थाने में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई।
घर के सदस्य पर पुलिस को हुआ शक
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को आशंका हुई कि चोरी की वारदात में किसी करीबी व्यक्ति की भूमिका हो सकती है। इसके बाद पीड़िता के परिचितों और परिवार से जुड़े लोगों से पूछताछ की गई। पूछताछ और जांच के दौरान घर के सदस्य आशीष मिश्रा (31) की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं। पुलिस को पता चला कि जिस दौरान अलमारी से जेवर और नकदी गायब हुई, उस समय आशीष घर पर ही मौजूद था। अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस का संदेह उस पर और गहरा गया।
पुलिस ने आशीष को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने चोरी की वारदात कबूल कर ली। पूछताछ में उसने बताया कि उसने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर अपने ही घर में चोरी की योजना बनाई थी।
नशे की लत के लिए बनाई चोरी की योजना
पुलिस के मुताबिक, आशीष को घर में रखे सोने-चांदी के जेवर और नकदी के बारे में पहले से जानकारी थी। नशे की लत पूरी करने के लिए पैसों की जरूरत होने पर उसने चोरी की साजिश रची। इसके बाद उसने अपने दोस्तों सूरज सिंह ठाकुर उर्फ मोना (27), निवासी 27 खोली, सिविल लाइन और अनुराग चौधरी उर्फ लालू (23), निवासी उसलापुर को योजना में शामिल किया। पुलिस ने आशीष से मिली जानकारी के आधार पर दोनों आरोपियों से भी पूछताछ की। पूछताछ में तीनों ने मिलकर योजनाबद्ध तरीके से चोरी करना स्वीकार किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवर और वारदात में इस्तेमाल की गई बुलेट मोटरसाइकिल बरामद कर ली। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
निलंबित आरक्षक है मुख्य आरोपी
सीएसपी परमेश्वर तिलकवार ने बताया कि मामले का मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा छत्तीसगढ़ पुलिस में आरक्षक के पद पर पदस्थ था। उसे अपने पिता के स्थान पर अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। हालांकि, काम में गंभीर लापरवाही और नशे की आदत के चलते वह लंबे समय से निलंबित चल रहा है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने मुख्य रूप से नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी स्थानीय स्तर पर संभ्रांत परिवारों से ताल्लुक रखते हैं, इसके बावजूद उन्होंने परिचित के घर को ही निशाना बनाया।
फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं आरोपी पहले भी किसी अन्य आपराधिक वारदात में शामिल तो नहीं रहे हैं।
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन