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विश्वविद्यालय कार्यपरिषद की बैठक में हंगामा : कुलपति नहीं आए कुलसचिव से मिलने छात्रों का इनकार, राष्ट्रपति के पूर्व ओसीडी ने सुनी छात्रों की बात

Media Yodha Desk Fri, Jul 24, 2026

बिलासपुर। विश्वविद्यालय में कार्यपरिषद की 64वीं बैठक आयोजित थी जिसमें विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग में परिवहन व्यवस्था, यूटीडी की सेल्फ फाइनेंस सीट को सामान्य सीट में बदलने के साथ राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक जैसे महत्वपूर्ण पद से जुड़ी कथित प्रशासनिक अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

छात्रों ने कुलसचिव डॉ. गौतम से मिलने से इनकार करते हुए स्पष्ट कहा कि वे अपनी मांगों एवं समस्याओं को सीधे विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के सदस्यों के समक्ष रखना चाहते हैं। छात्रों का कहना था कि जब कार्यपरिषद की बैठक चल रही है, तब छात्रहित से जुड़े गंभीर विषयों पर कार्यपरिषद के सदस्यों से ही सीधे संवाद होना चाहिए, जिससे उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई की जा सके।

इसी दौरान मौके पर उपस्थित राष्ट्रपति के पूर्व ओएसडी एवं पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय के चेयर प्रोफेसर डॉ. कन्हैया त्रिपाठी ने धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं से मुलाकात कर उनकी समस्याओं एवं मांगों को गंभीरता से सुना। छात्र प्रतिनिधियों ने उनके समक्ष छात्र-छात्राओं की मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक के पद से संबंधित कथित प्रशासनिक अनियमितता की जांच का विषय प्रमुखता से रखा।

छात्रों ने बताया कि एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक के पद पर पदस्थ डॉ. मनोज कुमार सिन्हा, जो मूलतः सहायक प्राध्यापक, भूगोल के पद पर हैं, को जुलाई 2018 में राज्य शासन द्वारा दो वर्षों के लिए प्रतिनियुक्त किया गया था। जुलाई 2020 में प्रतिनियुक्ति अवधि पूर्ण होने के बाद विश्वविद्यालय की अनुशंसा पर दो वर्ष की वृद्धि तथा इसके पश्चात वर्ष 2022 में पुनः एक वर्ष की वृद्धि प्रदान की गई।

छात्रों ने सवाल उठाया कि इसके बाद वर्तमान समय तक उक्त पद पर उनकी निरंतर सेवा एवं प्रतिनियुक्ति अवधि में वृद्धि के संबंध में सक्षम स्वीकृति अथवा आदेश की स्थिति स्पष्ट नहीं है। छात्रों ने मांग की कि प्रतिनियुक्ति अवधि, सक्षम स्वीकृति, पद पर निरंतर कार्य करने एवं वेतन-भुगतान से संबंधित समस्त अभिलेखों की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर ठोस कार्रवाई की जाए। साथ ही विश्वविद्यालय की 63वीं कार्यपरिषद की बैठक के परिशिष्ट-स में एनएसएस गतिविधियों से संबंधित प्रस्तुत जानकारी भ्रामक एवं परिभाषात्मक लगने के कारण इसे संज्ञान में लिए जाने की मांग की गई।

छात्रों ने विश्वविद्यालय एवं यू.टी.डी. में छात्रहित से संबंधित दो प्रमुख मांगें रखीं, जिसमें छात्रों की लंबे समय से की का रही मांग जो दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले छात्र-छात्राओं एवं कर्मचारियों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय में शीघ्र बस सेवा प्रारंभ करने तथा यू.टी.डी. की पेमेंट/सेल्फ-फाइनेंस्ड सीटों को सामान्य सीटों में परिवर्तित करने की मांग शामिल है। छात्र प्रतिनिधि नीरज यादव का कहना है कि एक ही कक्षा एवं समान पाठ्यक्रम में अध्ययनरत विद्यार्थियों से अलग-अलग शुल्क लिया जाना आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर अतिरिक्त भार डालता है।

छात्रों की समस्याओं एवं मांगों को सुनने के बाद डॉ. कन्हैया त्रिपाठी ने आश्वस्त किया कि उनके द्वारा उठाए गए सभी विषयों एवं मांगों को उचित उच्च पटल पर रखा जाएगा तथा छात्रहित से जुड़े मामलों में जल्द सकारात्मक कार्रवाई का पूरा प्रयास किया जाएगा। विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के सदस्य विरोध को देखते हुए पिछले गेट से बैठक कक्ष में पहुंचे।

इस दौरान विशेष रूप से छात्र नेता सूरज सिंह राजपूत, नीरज यादव,नमन रात्रे, मौर्य प्रताप, मोक्ष साहू सहित बड़ी संख्या में छात्रगण शामिल रहे।

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