29th August 2026

BREAKING NEWS

स्वाइन फ्लू में किन लोगों को ICU तक पहुंचने का खतरा? डॉक्टर ने बताए 5 बड़े कारण

खिलाड़ियों के लिए 64 पदों पर भर्ती, सितंबर से शुरू होंगे आवेदन; जानें पदवार योग्यता

Android और iPhone में ऐसे करें Shorts Feed बंद

सितंबर में 12 दिन बंद रहेंगे बैंक! जरूरी काम निपटाने से पहले नोट कर लें छुट्टियों की तारीखें

अमृता सिंह ने दिया गहरा सदमा, बोले- मेरी जिंदगी नर्क बना दी थी

Advertisment

छत्तीसगढ़ की जेलों में मनाया गया रक्षाबंधन : भाई-बहन के अटूट रिश्ते का दिखा अनोखा संगम

Media Yodha Desk Fri, Aug 28, 2026

रायपुर : छत्तीसगढ़ की जेलों में रक्षाबंधन का पावन पर्व समारोहपूर्वक हर्षोउल्लास से मनाया जा रहा है। इस दौरान सनातन मूल्यों के साथ-साथ जेलों में भाई-बहन के अटूट संबंधों का अनुपम संगम भी देखने को मिल रहा है। डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने बताया कि छत्तीसगढ़ की 5 केंद्रीय, 22 जिला जेलों एवं 6 उप जेलों में आज रक्षाबंधन का त्यौहार असीम उत्साह, सद्भाव और सनातन परंपराओं के अनुरूप गरिमामय वातावरण में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर जेल परिसरों में बहनों ने अपने निरुद्ध भाइयों की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधकर उनके स्वस्थ, सुरक्षित और सुखी जीवन की कामना की, वहीं बंदियों ने भी अपनी बहनों को सुरक्षा और सत्मार्ग पर चलने का वचन दिया।सनातन संस्कृति में रक्षाबंधन केवल सूत का धागा बांधने का पर्व नहीं, बल्कि यह ‘रक्ष धर्म’ का प्रतीक है, जो स्नेह, समर्पण और आत्मिक शुद्धि का संदेश देता है। यह पर्व याद दिलाता है कि कोई भी परिस्थिति मनुष्य के मूलभूत मानवीय मूल्यों और पारिवारिक संवेदनाओं को समाप्त नहीं कर सकती।

कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएँ:

पारंपरिक रीति-रिवाज: बहनों का स्वागत तिलक, अक्षत और आरती के साथ किया गया। जेल प्रशासन द्वारा पूजा सामग्री एवं मिठाई की विशेष व्यवस्था की गई है।

सुदृढ़ सुरक्षा एवं व्यवस्था: परिजनों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष प्रतीक्षालय, पेयजल और सहायता काउंटर बनाए गए है.

सुधारत्मक वातावरण: बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन अत्यंत सहायक सिद्ध हो रहे हैं।

डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने बताया कि सनातन परंपराओं के यह पर्व बंदियों में मानसिक शांति और नैतिक मूल्यों का संचार करते हैं। आज का यह भावुक क्षण यह संदेश देता है कि रक्षा-सूत्र का प्रभाव सलाखों की सीमाओं से परे है, जो जीवन में नए सवेरे और सुधार की प्रेरणा देता है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन