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CG Crime : 45 करोड़ के जाली नोटों की डील में 1.13 करोड़ की ठगी, रायपुर का कारोबारी बना शिकार

Media Yodha Desk Tue, Aug 4, 2026

रायपुर : राजधानी रायपुर में नकली नोटों के लालच में कारोबारी के साथ 1.13 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. करीब 45 करोड़ रुपये के नकली नोटों को बाजार में खपाने की तैयारी थी. सौदा तय होने के बाद आरोपियों ने पैसे ले लिए लेकिन नकली नोट भी उपलब्ध नहीं कराए. इस मामले में नकली नोटों के नेटवर्क की आशंका खड़ी हो गई है. पूरा मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र की है. जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर वीडियो देखने के बाद कारोबारी आरोपियों के संपर्क में आया. आरोपियों ने उमेश गुप्ता से संपर्क कर दावा किया कि उनके पास नकली नोट उपलब्ध है. आरोपियों ने 1 करोड़ 13 लाख रुपये के बदले 45 करोड़ के नकली नोट का ऑफर दिया. इसके बाद रायपुर और महाराष्ट्र के होटलों के अलावा अन्य स्थानों पर बैठक हुईं.

सौदे को अंतिम रूप देने के लिए रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र के अलग-अलग होटलों में कई बैठकें आयोजित की गईं. आरोपियों ने खुद को ऐसे नेटवर्क से जुड़ा बताया, जो बड़ी मात्रा में नकली नोट उपलब्ध करा सकता है. भरोसा जीतने के लिए वे लगातार पीड़ित के संपर्क में रहे और अलग-अलग बहानों से रकम की मांग करते रहे. आरोप है कि कुछ रकम रायपुर में ली गई, जबकि शेष राशि लेने के लिए पीड़ित को महाराष्ट्र के अलग-अलग स्थानों पर बुलाया गया. इस तरह आरोपियों ने कथित तौर पर कुल 1 करोड़ 13 लाख रुपये अपने कब्जे में ले लिए. रकम मिलने के बाद आरोपी नकली नोटों की खेप आने, सुरक्षा व्यवस्था और डिलीवरी से जुड़े नए-नए बहाने बनाते रहे. काफी समय बीतने के बावजूद न तो नकली नोट दिए गए और न ही रुपये लौटाए गए. ठगी का एहसास होने पर कारोबारी ने तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई.

पुलिस इस पूरे मामले की दो अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है. पहला, शिकायत में दर्ज 1 करोड़ 13 लाख रुपये की ठगी और दूसरा, एफआईआर में लगाए गए उस आरोप की जांच, जिसमें कथित तौर पर नकली नोटों के लेन-देन और उन्हें बाजार में खपाने की योजना का जिक्र किया गया है. जांच के दौरान पुलिस होटल में हुई बैठकों के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल, बैंक और नकद लेन-देन, यात्रा संबंधी दस्तावेजों के साथ-साथ महाराष्ट्र में हुई मुलाकातों की जानकारी भी जुटा रही है. इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या इस तरह की ठगी के अन्य मामले भी सामने आए हैं.

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