India-US News : डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को दी राहत, रूस से तेल खरीदने पर प्रतिबंधों में छूट; 100% टैरिफ का खतरा टला
नई दिल्ली : भारत के लिए अमेरिका से राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से जुड़े प्रतिबंधों और प्रस्तावित टैरिफ को फिलहाल लागू नहीं करने का फैसला लिया है। इससे रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों, जिनमें भारत भी शामिल है, पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाए जाने का खतरा फिलहाल टल गया है।
शुक्रवार देर रात जारी कार्यकारी आदेश में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने संबंधित प्रतिबंधों और शुल्कों को लागू करने से छूट दी है। इसके समर्थन में उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस को एक प्रमाण पत्र भी सौंपा, जिसमें इस समय छूट को अमेरिका के राष्ट्रीय हित में बताया गया है।
हालांकि, यह राहत अस्थायी है। आदेश के तहत प्रतिबंधों और शुल्कों को फिलहाल रोका गया है, लेकिन भविष्य में इन्हें दोबारा लागू करने की संभावना बनी हुई है।
क्या था 100 प्रतिशत टैरिफ का प्रावधान?
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने रूस और ईरान पर प्रतिबंधों से संबंधित लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 पर हस्ताक्षर किए थे। इस कानून के तहत ट्रंप को रूसी कच्चे तेल के प्रमुख खरीदार देशों से आने वाले सामान पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार दिया गया था।
इन देशों में भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान का नाम शामिल था। इसके अलावा, कानून में रूस से अमेरिका आने वाले ऊर्जा उत्पादों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने और कई रूसी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने के प्रावधान भी बताए गए थे।
कानून के तहत कार्रवाई के लिए निर्धारित 30 दिनों की समय-सीमा 18 अक्टूबर को समाप्त होने वाली थी। ऐसे में ट्रंप के नए आदेश से भारत समेत संबंधित देशों को फिलहाल राहत मिली है।
क्या है ग्राहम एक्ट?
लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 का उद्देश्य रूस के उन वित्तीय संसाधनों पर दबाव बनाना है, जिनसे यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध को मदद मिलने का आरोप है। इसके तहत रूसी अधिकारियों, बैंकों, ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं और रूस के सैन्य अभियानों का समर्थन करने वाली विदेशी इकाइयों को निशाना बनाने का प्रावधान है।
यह कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर टैरिफ लगाने का अधिकार भी देता है। इसका उद्देश्य रूसी तेल और गैस से होने वाली आय पर दबाव डालना और दूसरे देशों की रूस पर ऊर्जा निर्भरता कम करना है।
भारत को फिलहाल क्या राहत मिली?
भारत रूस से कच्चे तेल का प्रमुख खरीदार है। ऐसे में भारतीय सामान पर 100 प्रतिशत तक अमेरिकी टैरिफ लगाए जाने की आशंका से भारत-अमेरिका व्यापार प्रभावित हो सकता था। ट्रंप के ताजा आदेश के बाद यह खतरा फिलहाल टल गया है।
हालांकि, इस फैसले को स्थायी राहत नहीं माना जा सकता। अमेरिकी प्रशासन भविष्य में परिस्थितियों के आधार पर प्रतिबंधों और टैरिफ को फिर से लागू करने का फैसला ले सकता है। इसलिए भारत के लिए आगे की स्थिति अमेरिकी सरकार के अगले कदमों पर निर्भर करेगी।
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