23rd September 2026

BREAKING NEWS

23 सितंबर को इन राशि वालों की बढ़ेगी खुशियां, कुछ को रहना होगा सावधान; जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का आज का दैनिक

50 लाख तक जुर्माना, DoT की सख्त एडवाइजरी

BJP पार्षद की कार पर हमला, दो बाइक सवारों से विवाद के बाद मचा बवाल; पुलिस ने दर्ज किया मामला

कोल लेवी केस में IT की बड़ी कार्रवाई, भिलाई में सूर्यकांत तिवारी का मकान A-1 सील, ढोल बजाकर कराई मुनादी

भारत ने श्रीलंका को 147 रन से हराकर जीता गोल्ड मेडल, महिला टीम ने रचा नया रिकॉर्ड

Advertisment

: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने NRI कोटा की दाखिले की रद्दीकरण को किया निरस्त, छात्रों को मिली राहत

admin Wed, Oct 23, 2024

18 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ सरकार के मेडिकल एजुकेशन विभाग ने NRI कोटा के तहत मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के आदेश को रद्द कर दिया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए NRI छात्र अंताशा तिवारी और 40 अन्य छात्रों ने सीनियर वकीलों अभिषेक सिन्हा और अनुराग श्रीवास्तव के माध्यम से हाई कोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दायर कीं।

छात्रों ने पेश की अपनी दलीलें मामले की सुनवाई मंगलवार को हुई, जिसमें याचिका दाताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ मेडिकल एजुकेशन एडमिशन नियम 2008 में NRI कोटा के लिए सीटें निर्धारित की गई थीं। इसके नियम 13 (c) में NRI छात्रों की पात्रता भी निर्धारित की गई है। इसी के आधार पर NRI छात्रों को छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिया गया है। इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की अगुवाई में हुई। सुनवाई के बाद छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का आदेश पूरे देश में लागू नहीं किया जा सकता। कोई भी नियम कानून मानकर लागू नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने मेडिकल एजुकेशन विभाग के NRI कोटा के दाखिले को रद्द करने के आदेश को खारिज कर दिया। इस प्रकार, जिन NRI कोटा के छात्रों ने मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लिया था, उन्हें छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अधिवक्ता जनरल ने दी जानकारी

अधिवक्ता जनरल प्रफुल्ला भारत ने बताया कि पंजाब और हरियाणा कोर्ट के आदेशों के आधार पर छत्तीसगढ़ सरकार ने NRI माता-पिता के बच्चों को ही दाखिला देने का आदेश जारी किया था। इस पर एक याचिका दायर की गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।

कोर्ट ने कहा कि दाखिला शुरू होने के बाद नियमों को बदलना उचित नहीं है। छात्रों को राहत मिली है। - प्रफुल्ला भारत, अधिवक्ता जनरल

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का नया आदेश पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने NRI कोटा के नियमों में बदलाव किया है, जिसके अनुसार केवल भाई-भाई और पहले पीढ़ी के रिश्तेदारों को ही NRI कोटा में दाखिला दिया जा सकता है। कोर्ट ने दूसरे पीढ़ी के छात्रों को दाखिला देने पर रोक लगाई है। इस निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष अनुमति याचिका दायर की गई थी, जिसे खारिज कर दिया गया। इ सी निर्णय के आधार पर छत्तीसगढ़ मेडिकल एजुकेशन विभाग ने NRI कोटा के छात्रों के दाखिले को रद्द कर दिया था। छात्रों की उम्मीदें और भविष्य छात्रों और उनके परिवारों के लिए यह निर्णय एक बड़ी राहत है। इससे यह साबित होता है कि न्यायालय में सुनवाई के दौरान छात्र हितों का ध्यान रखा गया है। इस निर्णय के बाद NRI छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी और उनके भविष्य के अवसरों को सुरक्षित किया जा सकेगा। हाई कोर्ट के इस निर्णय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि छात्रों के अधिकारों का संरक्षण आवश्यक है, और ऐसे निर्णयों से छात्रों को उनकी पढ़ाई में सहायता मिलेगी। अब सभी छात्रों को उम्मीद है कि आगे भी इस तरह के फैसले उनके हित में आते रहेंगे।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन