13th June 2026

BREAKING NEWS

अब दिन की शुरुआत राष्ट्रगान और सरस्वती वंदना से, अंत में गूंजेगा राजगीत

छत्तीसगढ़ की ऑयल फैक्ट्री में भीषण आग, कर्मचारियों के फंसे होने की आशंका, धुएं से इलाके में अफरा-तफरी

नौकरी का झांसा देकर मानव तस्करी! झारखंड की 16 युवतियां कर्नाटक भेजी जा रही थीं, 20 लोग रेस्क्यू

अब नहीं लगाने पड़ेंगे नगर निगम के चक्कर! 24 शहरी सेवाएं लोक सेवा गारंटी अधिनियम में शामिल

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन मे थाना सिटी कोतवाली द्वारा नाबालिग बालिका को बहला फुसलाकर भगाकर ले जाकर दैहिक शोषण करन

Advertisment

CG Lok Seva Guarantee Act : अब नहीं लगाने पड़ेंगे नगर निगम के चक्कर! 24 शहरी सेवाएं लोक सेवा गारंटी अधिनियम में शामिल

Media Yodha Desk Sat, Jun 13, 2026

CG Lok Seva Guarantee Act: प्रदेश के शहरी नागरिकों को अब नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। राज्य सरकार ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की 24 महत्वपूर्ण सेवाओं को छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में शामिल कर दिया है। राजपत्र में जारी अधिसूचना के बाद इन सेवाओं के लिए समयसीमा तय कर दी गई है। निर्धारित अवधि में सेवा उपलब्ध नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और नागरिकों को अपील का अधिकार भी मिलेगा।

नगरीय प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, हैंडपंप और ट्यूबवेल सुधार, आवारा पशुओं को हटाने जैसी सेवाएं 24 घंटे के भीतर उपलब्ध करानी होंगी। वहीं, पेयजल की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट, सीवर लाइन में अवरोध दूर करने तथा सेप्टिक टैंक की सफाई जैसी सेवाओं के लिए सात कार्य दिवस की समयसीमा निर्धारित की गई है। इसके अलावा कॉलोनाइजर लाइसेंस, भवन ध्वस्तीकरण अनुमति, विज्ञापन के लिए साइनेज लाइसेंस, पार्कों का रखरखाव, सड़क कटिंग अनुमति, वधशाला संचालन अनुमति और संपत्ति संबंधी विभिन्न मामलों के निराकरण के लिए 30 कार्य दिवस का समय तय किया गया है। वहीं, कॉलोनी विकास की ले-आउट और आंतरिक विकास संबंधी अनुमतियों के लिए 15 कार्य दिवस की समय सीमा निर्धारित की गई है।

अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नगर निगम क्षेत्रों में आयुक्त अथवा उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी सेवा प्रदाय के लिए जिम्मेदार होंगे, जबकि नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सेवा में विलंब या असंतोष की स्थिति में नागरिक अपीलीय व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे। नगर निगम क्षेत्रों में आयुक्त और कलेक्टर तथा नगर पालिका क्षेत्रों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को अपीलीय प्राधिकारी बनाया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार के इस फैसले से शहरी नागरिकों को नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत की सेवाएं तय समयसीमा में मिलने का रास्ता साफ होगा। 24 महत्वपूर्ण सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में लाने से अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी और सेवा में देरी होने पर नागरिकों को अपील का अधिकार भी मिलेगा। इससे नगरीय सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन