छत्तीसगढ़ के शिक्षकों को बड़ी राहत : साल में 2 बार होगी विशेष TET परीक्षा, सरकार ने दी मंजूरी
रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के सेवारत शासकीय शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के विशेष आयोजन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अब शिक्षकों के लिए साल में न्यूनतम दो बार विशेष टीईटी परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) के माध्यम से कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) पद्धति से कराई जाएगी। इसका उद्देश्य सेवारत शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना है।
टीईटी पास करना होगा अनिवार्य
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के 1 सितंबर 2025 के फैसले (सिविल अपील क्रमांक 1385/2025) और 29 मई 2026 को पुनर्विचार याचिका पर दिए गए निर्णय के अनुपालन में लिया गया है।
न्यायालय के निर्देशों के मुताबिक, कक्षा पहली से आठवीं तक पढ़ाने वाले ऐसे सेवारत शिक्षकों, जिनकी सेवा अवधि पांच वर्ष या उससे अधिक शेष है, के लिए सेवा में बने रहने अथवा पदोन्नति प्राप्त करने के लिए निर्धारित स्तर की टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।
हर साल कम से कम दो बार होगी विशेष परीक्षा
सर्वोच्च न्यायालय ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि टीईटी उत्तीर्ण नहीं करने वाले शिक्षकों के लिए हर साल कम से कम दो बार विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की जाए। इसी के तहत लोक शिक्षण संचालनालय ने 24 सितंबर 2026 को शासन के समक्ष प्रस्ताव भेजा था। राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव पर सहमति प्रदान कर दी है।
इस फैसले से प्रदेश के सेवारत शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए नियमित अवसर मिल सकेंगे। साथ ही, परीक्षा के आयोजन से संबंधित प्रक्रिया को कंप्यूटर आधारित प्रणाली के माध्यम से पूरा किया जाएगा।
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