: दिल्ली शराब घोटाला मामला: अरविंद केजरीवाल को मिली जमानत
Mon, Jun 24, 2024
अरविंद केजरीवाल को मिली जमानत
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब घोटाला मामले में जमानत
देने के निचली अदालत के आदेश के खिलाफ आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
ED ने इस मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की है।ED ने दिल्ली हाई कोर्ट से निचली अदालत के उस आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया है|जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जमानत दी गई थी।ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या अरविंद केजरीवाल आज तिहाड़ से बाहर आ सकते हैं?
निचली अदालत का आदेश और ED की अपील
वास्तव में विशेष न्यायाधीश ने कल भी ED की उस याचिका को खारिज कर दिया था |जिसमें जमानत आदेश को 48 घंटे के लिए स्थगित करने का अनुरोध किया गया था|ताकि केंद्रीय एजेंसी हाई कोर्ट में अपील कर सके।अब केजरीवाल के वकील जल्द ही जमानत की प्रक्रिया पूरी करेंगे।शाम चार बजे के आसपास केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल तिहाड़ जेल जाकर उन्हें लेने जाएंगी।
राऊज एवेन्यू कोर्ट से मिली थी नियमित जमानत
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केजरीवाल को पिछले गुरुवार को राऊज एवेन्यू कोर्ट से नियमित जमानत मिली थी।उन्हें 21 मार्च को शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया था।इससे पहले, उन्हें चुनाव प्रचार के लिए अंतरिम जमानत मिली थी।
आम आदमी पार्टी (AAP)
ने इस संदर्भ में कहा था |कि दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल को जमानत देने का अदालत का निर्णय सच्चाई की जीत है|और यह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के चेहरे पर एक करारा तमाचा है।
जमानत मिलने के बाद जश्न
जमानत की खबर मिलने के बाद मुख्यमंत्री के निवास और पार्टी मुख्यालय के बाहर जश्न मनाया गया |और आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े।केजरीवाल लगभग 60 दिनों से तिहाड़ जेल में थे। 10 मई को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें लोकसभा चुनाव प्रचार के लिए 1 जून तक अंतरिम जमानत दी थी और कहा था |कि उन्हें 2 जून को वापस जेल जाना होगा।
केजरीवाल का तिहाड़ में आत्मसमर्पण
सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद केजरीवाल ने 1 जून को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया।हालांकि आत्मसमर्पण के समय, मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा था, "मैं भ्रष्टाचार में शामिल होने के कारण जेल नहीं जा रहा हूं, बल्कि मैं तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाने के कारण जेल जा रहा हूं।"
आगे की प्रक्रिया
अब देखना यह होगा कि ED की अपील पर हाई कोर्ट का क्या निर्णय आता है।अगर हाई कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश पर रोक लगाई, तो केजरीवाल को जेल में ही रहना पड़ सकता है।दूसरी ओर, अगर ED की अपील खारिज होती है|तो केजरीवाल शाम तक तिहाड़ जेल से बाहर आ सकते हैं।यह मामला न केवल कानूनी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है|बल्कि राजनीतिक दृष्टिकोण से भी इसका व्यापक प्रभाव हो सकता है।
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: शिवसेना का 58वां स्थापना दिवस
Wed, Jun 19, 2024
मुंबई में दोनों गुटों का शक्ति प्रदर्शन
आज, 19 जून को महाराष्ट्र में शिवसेना के दोनों गुट राजधानी मुंबई में पार्टी के 58वें स्थापना दिवस के अवसर पर दो कार्यक्रम आयोजित करने जा रहे हैं।इस वर्ष का स्थापना दिवस समारोह विशेष महत्त्व रखता हैक्योंकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) दोनों ही इस मौके पर अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं।इसके अलावा, इस वर्ष महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं, जिससे इस आयोजन का महत्त्व और भी बढ़ जाता है।
एकनाथ शिंदे की शिवसेना का कार्यक्रम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एकनाथ शिंदे की शिवसेना आज शाम 5 बजे वर्ली डोम में पार्टी की वर्षगांठ मनाएगी।इस कार्यक्रम में प्राथमिक सदस्यता पंजीकरण अभियान की शुरुआत की जाएगी, जिसकी अवधि 2024 से 2026 तक होगी।यह कदम पार्टी को संगठनात्मक रूप से मजबूत करने के लिए उठाया जा रहा है।
उद्धव ठाकरे की शिवसेना का कार्यक्रम
वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना का स्थापना दिवस कार्यक्रम शन्मुखानंद हॉल में आयोजित किया जाएगा।इस कार्यक्रम में पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे, ठाकरे परिवार के अन्य सदस्य, सभी विधायक, सांसद, जिला प्रमुख, संपर्क प्रमुख और बड़ी संख्या में शिवसैनिक उपस्थित रहेंगे। यह समारोह पार्टी की शक्ति का भव्य प्रदर्शन करेगा।
विधानसभा चुनाव
अभियान की शुरुआत
इस कार्यक्रम के दौरान, शिवसेना के दोनों गुटों द्वारा विधानसभा चुनाव अभियान की शुरुआत की जाएगी।अगर देखा जाए तो लोकसभा चुनावों के बाद महाविकास आघाड़ी की सफलता और ठाकरे गुट के नौ सांसदों के चुनाव ने उद्धव ठाकरे की शिवसेना का आत्मविश्वास बढ़ा दिया है।
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव:
शिवसेना की स्थापना
शिवसेना की स्थापना 19 जून 1966 को उद्धव ठाकरे के पिता बालासाहेब ठाकरे ने मुंबई में की थी।लेकिन 2022 में एकनाथ शिंदे के कई विधायकों के साथ बगावत करने के बाद, शिवसेना दो गुटों में बंट गई।आज भी, शिवसेना के दोनों गुटों की मुख्य विचारधारा हिंदुत्व ही है।
शक्ति प्रदर्शन
दोनों गुटों के इस शक्ति प्रदर्शन को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए यह एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम है।वर्ली डोम और शन्मुखानंद हॉल में होने वाले कार्यक्रमों में हजारों शिवसैनिकों के शामिल होने की संभावना है |जिससे पार्टी की शक्ति और लोकप्रियता का प्रदर्शन होगा।
सकारात्मक पहल
इस स्थापना दिवस के माध्यम से दोनों गुटों ने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का प्रयास किया है।इससे पार्टी के भीतर एक सकारात्मक माहौल बनेगा और आगामी चुनावों के लिए ऊर्जा और उत्साह बढ़ेगा।
: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: 12 जुलाई को होंगे चुनाव
Wed, Jun 19, 2024
11 सीटों पर होने वाले चुनावों की घोषणा चुनाव आयोग
महाराष्ट्र विधान परिषद के लिए 11 सीटों पर होने वाले चुनावों की घोषणा चुनाव आयोग ने कर दी है।
27 जुलाई को 11 सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
इसी को ध्यान में रखते हुए इन सीटों के लिए चुनाव 12 जुलाई को आयोजित किए जाएंगे।
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महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: 12 जुलाई को होंगे चुनाव[/caption]
चुनाव आयोग की योजना
चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव 12 जून को होगा और मतगणना भी उसी दिन की जाएगी। इसके लिए आयोग 25 जून को अधिसूचना जारी करेगा। उम्मीदवार 2 जुलाई तक नामांकन दाखिल कर सकते हैं। 3 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और 5 जुलाई तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकते हैं। मतदान 12 जुलाई को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: 12 जुलाई को होंगे चुनाव |
सेवानिवृत्त होने वाले विधायक
27 जुलाई को जिन विधायकों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें निम्नलिखित सदस्य शामिल हैं:1. विजय गिरकर (बीजेपी)
2. निलय पाटिल (बीजेपी)
3. रमेश पाटिल (बीजेपी)
4. राम राव पाटिल (बीजेपी)
5. महादेव जानकर
6. अनिल परब
7. मनीषा कायंदे
8. डॉ. वजाहत मिर्जा
9. डॉ. प्रज्ञा सातव
10. बाबाजानी दुरानी
11. जयंत पाटिल
चुनाव की महत्वपूर्ण तिथियाँ
- अधिसूचना जारी करने की तिथि: 25 जून
- नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि: 2 जुलाई
- नामांकन पत्रों की जांच: 3 जुलाई
- नाम वापसी की अंतिम तिथि: 5 जुलाई
- मतदान की तिथि: 12 जुलाई (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक)
- मतगणना और परिणाम घोषणा: 12 जुलाई
चुनाव की प्रक्रिया
महाराष्ट्र विधान परिषद के इन 11 सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न होगी। आयोग ने सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है और सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि चुनाव बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस:
उम्मीद की जाती है सकारात्मक चुनाव
चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं कि मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से चले और हर उम्मीदवार को निष्पक्ष मौका मिले। आयोग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करते हुए सभी राजनीतिक दल और उम्मीदवार चुनाव में भाग लेंगे।इस चुनाव के माध्यम से
महाराष्ट्र
विधान परिषद को नए सदस्य मिलेंगे, जो राज्य के विकास और समृद्धि में अपना योगदान देंगे। इन चुनावों से राज्य की राजनीति में नई ऊर्जा और नई दिशा मिलने की उम्मीद है।