: सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद को दिए सबूत पेश करने के निर्देश :
Wed, Jul 10, 2024
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पतंजलि आयुर्वेद को 14 प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री और विज्ञापन को बंद करने के सबूत पेश करने के निर्देश दिए।
उत्तराखंड राज्य लाइसेंसिंग विभाग ने अप्रैल में इन उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया था।यह निर्देश तब आया जब पतंजलि ने दावा किया कि ,उन्होंने सभी स्टोर मालिकों, मीडिया आउटलेट्स, विज्ञापन एजेंसियों ,और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को प्रतिबंध का पालन करने के लिए निर्देश दिए हैं।
कोर्ट का आदेश और पतंजलि की प्रतिक्रिया
न्यायमूर्ति हिमा कोहली की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश पारित किया।उत्तराखंड सरकार ने एक बाद में दाखिल किए गए हलफनामे में कोर्ट को सूचित किया ,कि 15 अप्रैल को लगाए गए प्रतिबंध को राज्य के एक अन्य विभाग ने प्रक्रियात्मक आधार पर रद्द कर दिया था |और 8 जुलाई को पतंजलि को नए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।पतंजलि के वकील गौतम तालुकदार ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि ,कंपनी को अभी तक प्रतिबंध की रद्द करने के संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है |और जब तक ऐसी सूचना नहीं मिलती, पतंजलि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करेगी।
भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) की याचिका
यह मामला भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) द्वारा दायर की गई याचिका पर आधारित था |जिसमें योग गुरु और उद्यमी रामदेव द्वारा प्रचारित भ्रामक विज्ञापनों को चुनौती दी गई थी।कोर्ट ने रामदेव और पतंजलि के प्रबंध निदेशक बालकृष्ण के खिलाफ अवमानना कार्रवाई पर विचार किया ,क्योंकि उन्होंने पिछले कोर्ट आदेशों के बावजूद भ्रामक विज्ञापन जारी रखे थे।अदालत ने दवा लाइसेंसिंग प्राधिकरणों और भ्रामक विज्ञापनों के समुचित नियमन को सुनिश्चित करने के व्यापक मुद्दे पर भी ध्यान दिया।
पतंजलि का पालन और नए नोटिस
कोर्ट पतंजलि के पिछले हलफनामे से संतुष्ट नहीं थी, जिसमें दावा किया गया था कि ,उन्होंने अपने फ्रैंचाइज़ी स्टोर, वितरकों और विज्ञापन एजेंटों को तुरंत प्रतिबंधित 14 दवाओं की बिक्री और विज्ञापन बंद करने के निर्देश दिए थे।पतंजलि के वकीलों ने यह भी कहा कि उन्होंने सभी मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इन उत्पादों के विज्ञापन बंद करने के निर्देश दिए हैं।IMA के वरिष्ठ अधिवक्ता पीएस पाटवालिया ने कोर्ट को बताया कि उत्तराखंड सरकार ने प्रतिबंध को रद्द कर दिया है।राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण के हलफनामे में कहा गया कि प्रतिबंध को इसलिए रद्द किया गया ,क्योंकि मूल आदेश में पतंजलि को अनिवार्य 15 दिन का नोटिस देने की आवश्यकता को पूरा नहीं किया गया था।
आत्म-घोषणा प्रमाण पत्र का मुद्दा
विभिन्न संगठनों ने सभी विज्ञापनों के लिए आत्म-घोषणा प्रमाण पत्र अनिवार्य करने का मुद्दा उठाया।सुप्रीम कोर्ट ने 7 मई को आदेश दिया कि सभी विज्ञापनदाता और विज्ञापन एजेंसियां ,किसी भी विज्ञापन को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले आत्म-घोषणा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें।इस आदेश के बाद, सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने ब्रॉडकास्ट सेवा पोर्टल ,और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पोर्टल पर नए फीचर पेश किए हैं।
कोर्ट का उद्देश्य और प्रतिक्रिया
कोर्ट ने कहा, "इन कार्यवाहियों का मुख्य उद्देश्य एक प्रभावी कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।हमारा इरादा किसी भी उद्योग को नुकसान पहुंचाना नहीं है।" कोर्ट ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज को सभी हितधारकों की बैठक बुलाने ,और दो सप्ताह के भीतर सुझाव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
IMA अध्यक्ष की माफी
IMA के अध्यक्ष आरवी असोकन ने एक समाचार एजेंसी को दिए गए इंटरव्यू में लंबित अदालत कार्यवाही पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।इस पर IMA ने अपने मासिक प्रकाशन में माफी प्रकाशित की है और इसे अपनी वेबसाइट पर भी पोस्ट किया है।इस प्रकार सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद को 14 प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री और विज्ञापन पर रोक के सबूत पेश करने का निर्देश दिया है।यह कदम अदालत के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने और भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के उद्देश्य से उठाया गया है।
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: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में आतंकी हमले में पांच जवान शहीद हुए
Tue, Jul 9, 2024
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में हुए ,
आतंकी हमले में पांच भारतीय सेना के जवानों की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि आतंकवाद विरोधी अभियानों में हमारे सैनिक शांति और व्यवस्था लाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।सोमवार को कठुआ के बडनोटा इलाके में एक गश्ती दल पर भारी हथियारों से लैस आतंकियों द्वारा घात लगाकर हमला किया गया |पांच जवान शहीद हो गए और कई अन्य घायल हो गए।रक्षा मंत्री जी ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "मैं कठुआ (जम्मू-कश्मीर) के बडनोटा में आतंकी हमले में हमारे ,पांच बहादुर भारतीय सेना के जवानों की शहादत से गहरा दुखी हूँ।[embed]https://twitter.com/rajnathsingh/status/1810505908608479716[/embed]मेरी गहरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं, राष्ट्र इस कठिन समय में उनके साथ दृढ़ता से खड़ा है।"सिंह ने कहा, "आतंकवाद विरोधी अभियान चल रहे हैं |और हमारे सैनिक क्षेत्र में शांति और व्यवस्था लाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।"उन्होंने आगे कहा, "मैं इस घृणित आतंकी हमले में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।"[caption id="attachment_5008" align="alignnone" width="1024"]
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में आतंकी हमले में पांच जवान शहीद हुए credit -bharatkeveer[/caption]
सकारात्मक दृष्टिकोण
यह दुखद घटना न केवल हमें हमारे वीर जवानों के बलिदान की याद दिलाती है |बल्कि हमारे सैनिकों के अदम्य साहस और धैर्य को भी दर्शाती है।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संदेश ने यह स्पष्ट कर दिया है |कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में अडिग है |और देश की सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।आतंकी हमलों के बावजूद भारतीय सेना के जवान दृढ़ निश्चय के साथ अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं |और देश की सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। देशवासियों का समर्थन और उनकी प्रार्थनाएँ इन वीर जवानों के साथ हैं |जो हमारी सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे रहे हैं।
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दृढ़ संकल्प
Indian Army
और सुरक्षा बल आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में लगातार आगे बढ़ रहे हैं।कठुआ में हुए इस आतंकी हमले ने हमें एक बार फिर यह दिखा दिया है कि हमारे जवान हर परिस्थिति में देश की रक्षा के लिए तैयार हैं।रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद विरोधी अभियानों को और भी मजबूती से चलाया जाएगा |और किसी भी आतंकी गतिविधि को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
शहीदों की शहादत को नमन
इस कठिन समय में, पूरे देश की संवेदनाएं उन बहादुर जवानों के परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपनी जान की बाजी लगाई।हमारे सैनिकों का बलिदान हमें यह याद दिलाता है |कि हम सभी को एकजुट होकर देश की सुरक्षा और शांति के लिए काम करना चाहिए। उनके साहस और बलिदान को सलाम।
मुंबई बीएमडब्ल्यू हिट-एंड-रन केस:
: दिल्ली में वायु गुणवत्ता में सुधार:
Tue, Jul 9, 2024
सोमवार सुबह 10 बजे दिल्ली की वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी रही |
जिसमें औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 56 दर्ज किया गया, जो रविवार शाम 4 बजे के समान था।यह पिछले साल 11 सितंबर के बाद से अब तक का सबसे कम AQI है |जब यह 53 (संतोषजनक) था।राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना के बावजूद, वायु गुणवत्ता में सुधार एक सकारात्मक संकेत है।
मौसम का पूर्वानुमान और बारिश की स्थिति
भारत मौसम विज्ञान विभाग
(IMD) ने कहा कि सप्ताहांत तक कोई महत्वपूर्ण बारिश की संभावना नहीं है।सोमवार सुबह 8:30 बजे तक किसी भी IMD मौसम स्टेशन पर कोई बारिश दर्ज नहीं की गई थी।दिल्ली ने जुलाई में अब तक सीमित बिखरी हुई बारिश प्राप्त की है, हालांकि मॉनसून की शुरुआत हो चुकी है।28 जून को शहर में एक ही दिन में 228.1 मिमी बारिश हुई थी, लेकिन सोमवार तक केवल 10.4 मिमी मासिक बारिश दर्ज की गई।जुलाई में औसत मासिक बारिश 209.7 मिमी होती है |जबकि पिछले साल जुलाई में 384.6 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।
स्काइमेट का पूर्वानुमान और मौसमी गतिविधियां
निजी मौसम पूर्वानुमान कंपनी स्काइमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने कहा कि मॉनसून ट्रफ दिल्ली से दूर रहने की संभावना है |जिससे अपेक्षाकृत सूखा मौसम बना रहेगा। "ट्रफ वर्तमान में दिल्ली के दक्षिण में है और मध्य प्रदेश के पास एक चक्रवाती परिसंचरण विकसित हो रहा है |जिससे हम मध्य भारत में अधिक बारिश गतिविधि देख सकते हैं |और दिल्ली में 10 जुलाई तक बहुत कम या कोई बारिश नहीं हो सकती।इसके बाद ट्रफ फिर से दिल्ली के करीब आ सकता है और बारिश की गतिविधि में थोड़ी वृद्धि हो सकती है," उन्होंने कहा।
तापमान की स्थिति
सोमवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 25.6°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम था |जबकि रविवार को यह 26.2°C था। सोमवार को पारा 35°C के आसपास रहने की उम्मीद थी |जबकि एक दिन पहले यह 35.8°C तक पहुंच गया था।
सकारात्मक संकेत और भविष्य की संभावनाएं
दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार और संतोषजनक AQI एक सकारात्मक संकेत है |जो शहर के निवासियों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।हालांकि बारिश की कमी और मॉनसून ट्रफ के दिल्ली से दूर रहने के कारण, शहर को सूखे मौसम का सामना करना पड़ सकता है।आगामी दिनों में संभावित बारिश की उम्मीद से स्थिति में सुधार की संभावना बनी रहेगी।
मद्रास उच्च न्यायालय का विशेष सत्र: