: मीडिया के दिग्गज रामोजी राव का निधन: एक युग का अंत
Sat, Jun 8, 2024
मशहूर मीडिया पर्सनैलिटी और रामोजी ग्रुप के चेयरमैन रामोजी राव का शनिवार सुबह 4:50 बजे निधन हो गया। उन्होंने हैदराबाद के स्टार हॉस्पिटल में 87 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। रामोजी राव पिछले कुछ समय से हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और 5 जून से ICU में भर्ती थे।
परिवार और श्रद्धांजलि
रामोजी राव का पार्थिव शरीर रामोजी
फिल्म सिटी स्थित उनके आवास पर रखा गया है, जहां उनके परिवार, मित्र और प्रशंसक उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। तेलंगाना सरकार ने राजकीय सम्मान के साथ उनके अंतिम संस्कार की घोषणा की है, जो उनकी महानता को दर्शाता है।
रामोजी राव का जीवन और करियर
रामोजी राव ने 1962 में रामोजी ग्रुप की नींव रखी थी, जिसमें हैदराबाद स्थित विश्व का सबसे बड़ा फिल्म स्टूडियो, रामोजी फिल्म सिटी, उषा किरण मूवीज, मयूरी फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स, मार्गदर्शी चिट फंड और डॉल्फिन ग्रुप ऑफ होटल्स शामिल हैं। इसके साथ ही, वे ETV नेटवर्क और तेलुगु समाचार पत्र 'ईनाडु' के प्रमुख थे।रामोजी राव के उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए उन्हें 2016 में देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान उनके योगदान और समाज पर उनके प्रभाव का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामोजी राव के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए X (पूर्व में ट्विटर) पर अपने संदेश में लिखा, "रामोजी राव का निधन अत्यंत दुखद है। वह एक दूरदर्शी व्यक्ति थे, जिन्होंने भारतीय मीडिया में क्रांति ला दी। उन्होंने पत्रकारिता और फिल्म की दुनिया पर एक अमिट छाप छोड़ी है।"प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "रामोजी राव ने मीडिया और एंटरटेनमेंट जगत में नवाचार और उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित किए। उन्होंने भारत के विकास को लेकर गहरी भावनाएं रखीं और मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे उनके साथ बातचीत करने के कई मौके मिले।"
व्यक्तिगत जीवन की चुनौतियाँ
चेरुकुरी रामोजी राव का जन्म 16 नवंबर 1936 को आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के पेडापरुपुडी गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। उन्हें भारत का रुपर्ट मर्डोक कहा जाता है। कुछ साल पहले, रामोजी राव को कैंसर हो गया था, लेकिन इलाज के बाद वे पूरी तरह से ठीक हो गए थे।रामोजी राव का परिवार उनकी सफलता यात्रा में हमेशा उनके साथ रहा। उनकी पत्नी रमा देवी और बेटा किरण हैं। किरण वर्तमान में ईनाडु पब्लिकेशन ग्रुप और ईटीवी चैनलों के प्रमुख हैं। हालांकि, उनके छोटे बेटे चेरुकुरी सुमन का 7 सितंबर 2012 को ल्यूकेमिया से निधन हो गया था।
रामोजी फिल्म सिटी: एक अद्भुत निर्माण
रामोजी राव द्वारा 1996 में स्थापित रामोजी फिल्म सिटी दुनिया का सबसे बड़ा फिल्म स्टूडियो कॉम्प्लेक्स है, जिसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज किया गया है। हैदराबाद से 25 किलोमीटर दूर नल्गोंडा मार्ग में स्थित यह स्टूडियो 2000 एकड़ से भी अधिक क्षेत्रफल में फैला हुआ है। इसमें 50 शूटिंग फ्लोर हैं, जहां एक साथ 15 से 25 फिल्मों की शूटिंग की जा सकती है। फिल्म सिटी में प्री-प्रोडक्शन से लेकर पोस्ट-प्रोडक्शन तक की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
एक
प्रमुख
पर्यटन स्थल
रामोजी फिल्म सिटी केवल फिल्म प्रोडक्शन के लिए ही नहीं, बल्कि एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के रूप में भी जानी जाती है। यहां हर साल दस लाख से भी ज्यादा लोग घूमने के लिए आते हैं, जिससे यह पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बन चुका हैं।
: हिमाचल की मंडी सीट से BJP सांसद कंगना रनोट को थप्पड़ मारने की घटना
Fri, Jun 7, 2024
CISF की लेडी कॉन्स्टेबल सस्पेंड, किसान संगठनों ने किया समर्थन
हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से BJP की लोकसभा सांसद और मशहूर एक्ट्रेस कंगना रनोट को थप्पड़ मारने की घटना तूल पकड़ रही है। CISF की आरोपी लेडी कॉन्स्टेबल कुलविंदर कौर को सस्पेंड कर दिया गया है। घटना गुरुवार को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर हुई थी, जहां कुलविंदर ने कंगना को थप्पड़ मारा था।इस घटना के बाद कंगना रनोट ने चिंता जताई और कहा, "मेरी चिंता है कि जो आतंकवाद पंजाब में बढ़ रहा है, उसे हम कैसे हैंडल करेंगे।"इस मामले में किसान संगठन कुलविंदर कौर के समर्थन में आ गए हैं। किसान नेता सरवण पंधेर ने कंगना के खिलाफ बयान देते हुए आरोप लगाया कि कंगना का डोप टेस्ट होना चाहिए।
पंधेर ने यह भी दावा किया कि कुलविंदर के बच्चों को गायब कर दिया गया है। उन्होंने सरकार से इसकी जानकारी मांगी है, अन्यथा विरोध-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। चंडीगढ़ में किसान नेता जगजीत डल्लेवाल और पंधेर ने कहा कि वे शुक्रवार को DGP गौरव यादव से मिलेंगे और 9 जून को मोहाली में इंसाफ मार्च निकालेंगे।
सिखों की सर्वोच्च संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) भी कॉन्स्टेबल के समर्थन में आ गई है। SGPC के प्रधान हरजिंदर धामी ने कहा कि कंगना अपनी जुबान से आतंकवाद फैला रही हैं।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस घटना को गंभीर बताया है। आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि इस मामले में CISF के अफसरों से बात की है। उन्होंने एयरपोर्ट पर सुरक्षा में लापरवाही को लेकर चिंता व्यक्त की है।
पंजाब में किसान आंदोलन समर्थक कंगना को ट्रोल कर रहे हैं और इसके लिए गाने तक बनाए गए हैं। सिख संगठन इसे CISF कॉन्स्टेबल की बहादुरी बताकर कुलविंदर कौर के माता-पिता को सरोपे देकर सम्मानित कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी ने नाम रोशन किया है।
इसके अलावा, चंडीगढ़ के एक बिजनेसमैन शिवराज सिंह बैंस ने अपना वीडियो वायरल कर CISF जवान कुलविंदर कौर को एक लाख रुपए देने का ऑफर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व सहायक अटॉर्नी जनरल दविंदर प्रताप सिंह ने कहा कि वे कुलविंदर कौर को मुफ्त में कानूनी सहायता देने को तैयार हैं।इस घटना पर कंगना से दिल्ली में सवाल पूछने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने माइक हटा दिया।
वह मामला, जिसकी वजह से कंगना को थप्पड़ मारा गया
दिल्ली में किसान आंदोलन के दौरान कंगना रनोट ने 27 नवंबर 2020 को एक सोशल मीडिया पोस्ट की थी। इसमें उन्होंने एक महिला का फोटो पोस्ट करते हुए लिखा था कि किसानों के प्रदर्शन में शामिल हुई यह महिला वही मशहूर बिलकिस दादी है, जो शाहीन बाग के प्रदर्शन में थी और 100 रुपए लेकर उपलब्ध है।
कंगना ने जिस महिला की तस्वीर पोस्ट की, वह पंजाब में मानसा की किसान मोहिंदर कौर थीं। कंगना को बिलकिस बानो और मोहिंदर कौर को पहचानने में गलती हुई। हालांकि, कंगना ने बाद में यह पोस्ट डिलीट कर दी, लेकिन तब तक इसके स्क्रीनशॉट वायरल हो चुके थे। इसके बाद किसान मोहिंदर कौर ने कोर्ट में मानहानि का केस कर दिया, जिसकी सुनवाई चल रही है।
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कंगना रनोट को थप्पड़ मारने वाली कुलविंदर कौर कौन हैं?
कंगना को थप्पड़ मारने वाली CISF कॉन्स्टेबल कुलविंदर कौर पंजाब के कपूरथला की रहने वाली हैं। कुलविंदर की शादी लगभग 6 साल पहले जम्मू में हुई थी। उनके पति भी
CISF
में कार्यरत हैं। कुलविंदर के 2 बच्चे हैं, एक बेटी जो 6-7 साल की है और एक बेटा जो 5-6 साल का है। ढाई साल से वे चंडीगढ़ में तैनात थीं।कुलविंदर के बड़े भाई शेर सिंह ने कहा कि उन्हें पता चला कि सिक्योरिटी को लेकर यह घटना घटी है। कुलविंदर की स्कैनर पर ड्यूटी थी, जहां बैग, पर्स, मोबाइल चेक होते हैं। यहां कंगना ने कहा कि वे सांसद हैं। कुलविंदर का जवाब था, "हम जानते हैं।" इसे लेकर दोनों के बीच बहस हो गई।उन्होंने कहा, "कंगना बहुत उल्टे-सीधे जवाब देती रही हैं। हमारी मां-बहनों को टके और दिहाड़ी पर आने वाली कहती रही हैं। जबकि, हम सारे देश की लड़ाई लड़ रहे हैं। जो घटना हुई, उसमें तल्खी होना स्वाभाविक है। जो बयान कंगना देती रही हैं, ऐसी तल्खी में जो हमारी बहन ने किया, परिवार उसके साथ है।"कुलविंदर कौर के समर्थन में बढ़ते जा रहे इस मुद्दे ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है, जिसमें विभिन्न संगठनों और व्यक्तियों ने अपने विचार और समर्थन व्यक्त किए हैं।
: आग ऑयल मिल इंदौर में चपेट में आए फ्लैट
Wed, Jun 5, 2024
आग ऑयल मिल इंदौर में चपेट में आए फ्लैट
"इंदौर
में मंगलवार रात्रि को ऑयल मिल में आग लगने की घटना हुई। यहां दो फ्लैट्स को भी आग का सामना करना पड़ा, लेकिन भाग्यशाली रूप से किसी को भी कोई चोट नहीं पहुंची। फायर ब्रिगेड की शीघ्रता से कार्रवाई से आग को नियंत्रित किया गया, जिससे ज्यादा नुकसान से बचा जा सका।""आग के फैलने से पहले ही सुरक्षा टीमें कार्रवाई में उतर गईं, जिससे निर्धारित समय से पहले ही आग पर काबू पाया जा सका।""यह घटना हमें सुरक्षा की महत्वपूर्णता को याद दिलाती है। यदि सुरक्षा के नियमों का पालन किया गया होता, तो यह साम्प्रदायिक आपदा को रोका जा सकता था।"
ओडिशा में ऐतिहासिक जीत
"ऐसी घटनाओं से हमें यह सिखने को मिलता है कि घरेलू सुरक्षा में सावधानी बरतना जरूरी है। सुरक्षा के प्रति जागरूकता ही हमेशा हमारी सुरक्षा की गारंटी होती है।""आग लगने के बाद, स्थानीय अधिकारियों ने सुरक्षा के नियमों की पुनरावलोकन किया है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।""अभी तक किसी भी जनपद ने इस घटना के लिए जिम्मेदारी ग्रहण नहीं की है, और पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है।"