लखनऊ : लखनऊ में उपराष्ट्रपति धनखड़ बोले- राष्ट्रवाद हमारा धर्म, चुनौतियों का सामना करना ही असली पहचान
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार को एक भव्य समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पहुंचे। एयरफोर्स स्टेशन बक्शी का तालाब पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद उपराष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (AKTU) पहुंचे, जहां उन्होंने राज्यपाल की आत्मकथा 'चुनौतियां मुझे पसंद हैं' का विमोचन किया।
📚 आनंदीबेन पटेल की किताब पर उपराष्ट्रपति का विशेष संदेश
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा, "राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जिन मजदूरों और गरीबों के लिए जीवनभर कार्य किया, उनके सम्मान में यह पुस्तक विमोचन किया गया, यह प्रशंसनीय है। उन्होंने मुझसे कहा कि किताब मुफ्त में नहीं मिलेगी, और मैं भी मानता हूं कि मुझे कोई चीज मुफ्त में लेने की आदत नहीं है।"
🌐 AI और तकनीक में आगे बढ़ता भारत
धनखड़ ने कहा कि आनंदीबेन पटेल ने विमोचन के लिए तकनीकी विश्वविद्यालय को चुना, यह दर्शाता है कि आज का भारत तकनीक और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के क्षेत्र में दुनिया में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
💪 योगी सरकार की आर्थिक छलांग की तारीफ
उपराष्ट्रपति ने यूपी की अर्थव्यवस्था की जमकर तारीफ करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टैक्स बढ़ाए बिना राज्य की इकोनॉमी को 30 लाख करोड़ तक पहुंचा दिया है। प्रति व्यक्ति आय भी दोगुनी हो गई है। यह अर्थशास्त्रियों के लिए शोध का विषय बन चुका है।"
🇮🇳 राष्ट्रवाद ही हमारा धर्म
धनखड़ ने कहा, "हम भारतीय हैं, भारतीयता ही हमारी पहचान है और राष्ट्रवाद हमारा धर्म। दुनिया आज भारत की ओर देख रही है। पहलगाम जैसी चुनौतियां भी हमारे लिए आत्मविश्वास का सबक हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित है।"
📜 गीता और रामायण से लें प्रेरणा
उपराष्ट्रपति ने कहा, "सबसे बड़ी चुनौती वह होती है, जो अपनों से मिलती है। संकट के समय गीता और रामायण का संदेश याद रखो — कर्म करते जाओ, फल की चिंता मत करो। अपराधियों को कानून के दायरे में सजा देना जरूरी है ताकि समाज में विश्वास बना रहे।"
🌟 योगी बोले- चुनौतियों का सामना करने वाले ही निखरते हैं
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आनंदीबेन पटेल की आत्मकथा को एक ग्रंथ करार दिया। उन्होंने कहा, "अगर जीवन में चुनौतियां नहीं हैं, तो जीवन का कोई अर्थ नहीं। चुनौतियां ही लोगों को निखारती हैं। गुजरात के एक छोटे गांव से शून्य से शिखर तक पहुंचना आनंदीबेन जी की महान उपलब्धि है।"
योगी ने कहा कि एक समय था जब बेटियों की शिक्षा कल्पना थी, लेकिन आनंदीबेन पटेल ने अपने माता-पिता के सहयोग से उस चुनौती को स्वीकार कर सफलता की नई ऊंचाइयों को छुआ। शिक्षक से लेकर मुख्यमंत्री और अब उत्तर प्रदेश की राज्यपाल तक उनका सफर प्रेरणादायक है
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