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रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर : Jan Vishwas Act लागू, रेलवे के नियम और पेनल्टी में हुआ बड़ा बदलाव

Media Yodha Desk Mon, Aug 31, 2026

Jan Vishwas Act Railway Fine Revision: रेल यात्रा को ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए संसद से पारित जन विश्वास एक्ट (Jan Vishwas Act) के लागू होते ही भारतीय रेलवे के नियमों और जुर्माने (Penalties) में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. दरअसल, भारतीय रेलवे ने रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और अनुशासित बनाने के लिए जन विश्वास (संशोधन अधिनियम) 2026 में रेलवे अधिनियम, 1989 में व्यापक संशोधन लागू कर दिए हैं. इस ऐतिहासिक कदम का मुख्य उद्देश्य छोटे-मोटे उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना और रेलवे नियमों की अवहेलना करने वालों पर सख्त प्रशासनिक जुर्माना लगाना है. 

महिला कोच में एंट्री पर अब 2500 का जुर्माना

उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल में RPF की ओर से संशोधित पेनल्टी दरों के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है. नई दरें लागू होने के बाद चालान कलेक्शन में भारी उछाल दर्ज किया गया है. दरअसल, इस संशोधन के बाद महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने लेडीज बोगी से जुड़े नियमों को सबसे सख्त बना दिया है. पहले महिला आरक्षित बोगी में पुरुषों के अवैध प्रवेश पर केवल 500 तक का फाइन था, जिसे अब बढ़ाकर 2,500 कर दिया गया है. इस नियम के लागू होने के बाद आरपीएफ ने जुलाई महीने में महिला कोच में यात्रा करने वाले 302 पुरुष यात्रियों को पकड़कर करीब साढ़े सात लाख रुपये का जुर्माना वसूला है, जो मई महीने में पुरानी दरों के तहत यह संग्रह मात्र 33,000 रुपये था. 

स्मोकिंग, वेंडिंग और अनाधिकृत प्रवेश पर भी बदला फाइन

जन विश्वास एक्ट के तहत कई अन्य छोटे-बड़े अपराधों की जुर्माना राशि भी संशोधित की गई है. इसके बाद ट्रेन या प्लेटफॉर्म पर बीड़ी-सिगरेट पीने पर पहले जो 100 रुपये होता था, उसे बढ़ाकर 2,000 कर दिया गया है.वहीं, बिना अनुमति रेलवे स्टेशन या पटरियों पर घुसने पर RPF ने अकेले जुलाई महीने में 5.9 लाख का जुर्माना वसूला. ट्रेनों में बिना लाइसेंस सामान बेचने और भीख मांगने पर अब भारी सिविल पेनल्टी ली जा रही है, जिससे इस श्रेणी में जुर्माना वसूली  भी 5.3 लाख तक पहुंच गई. इसके अलावा, रेलवे स्टाफ यानी ड्राइवर, गार्ड या टीटीई के निर्देशों की अवहेलना करने पर जुलाई में 7.2 लाख का कलेक्शन दर्ज किया गया.

ये है जुर्माने की नई दरें

  • बिना वैध टिकट या पास के सफर करने पर अब कम से कम 500 का फाइन देना होगा यह पहले यह 250 रुपये था. 

  • रेलवे स्टेशन या कोच के भीतर बीड़ी-सिगरेट पीने पर अब 2,000 की भारी पेनल्टी लगेगी.

  • लेडीज कोच में सफर करने वाले पुरुष यात्रियों पर 2,500 रुपये का चालान काटा जाएगा.

  • बिना इजाजत ट्रेन या स्टेशन पर सामान बेचने या भीख मांगते पहली बार पकड़े जाने पर 2,000 का जुर्माना तय है.

  • दूसरे यात्री की कन्फर्म बर्थ पर जबरन कब्जा जमाए रखने पर 1,000 तक का नागरिक जुर्माना लगेगा.

  • शराब या किसी अन्य नशे में हंगामा करने पर ट्रेन से बाहर करने के साथ 24 घंटे की जेल या 1,000 का फाइन हो सकता है.

  • बिना अनुमति के खतरनाक या विस्फोटक सामग्री साथ ले जाने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ेगा.

अब कम नहीं होगा जुर्माना

उस पूरे मामले पर सीनियर RPF के डिवीजनल सिक्योरिटी कमिश्नर आशुतोष पांडे ने बताया कि जन विश्वास एक्ट लागू होने से कानूनी प्रक्रिया और प्रशासनिक ढर्रे में भी बड़ा बदलाव आया है. उन्होंने बताया कि इस संशोधन में कुछ अपराधों को आपराधिक श्रेणी से हटाकर सिविल पेनल्टी में बदल दिया गया है, जिससे मामला कोर्ट जाने के बजाय एडमिनिस्ट्रेटिव तरीके से मौके पर ही सुलझाया जा सके. पहले अगर कोई यात्री पैसों की तंगी का हवाला देता था, तो मजिस्ट्रेट या अधिकारी जुर्माना कम कर सकते थे. लेकिन अब 500 रुपये से 2,500 रुपये तक का स्थायी जुर्माना तय कर दिया गया है, जिसमें कोई माफी या छूट का प्रावधान नहीं है.

जन विश्वास कानून की 3 सबसे प्रमुख विशेषताएं

  • छोटी-मोटी गलतियों पर अब रेलवे पुलिस या टीटीई द्वारा मौके पर ही पेनल्टी लेकर केस खत्म कर दिया जाता है. अदालत में आपराधिक केस केवल उसी स्थिति में दर्ज होगा यदि यात्री तय किया गया प्रशासनिक जुर्माना देने से साफ इनकार कर दे.

  • कानून में मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ली जाने वाली पेनल्टी और सक्षम न्यायालय द्वारा दिए जाने वाले फाइन के बीच की कानूनी सीमा पूरी तरह स्पष्ट कर दी गई है.

  • इस अधिनियम में महंगाई और नियमों की प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए एक विशेष प्रावधान शामिल किया गया है. इसके तहत नियमों के उल्लंघन पर तय की गई सभी जुर्माना राशियों में हर तीन साल में खुद बखुद 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू हो जाएगी.

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