हैदराबाद यूनिवर्सिटी के पास पेड़ों की कटाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, : हैदराबाद यूनिवर्सिटी के पास पेड़ों की कटाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पर्यावरण संरक्षण के लिए हरसंभव कदम उठाने का निर्देश
नई दिल्ली/हैदराबाद: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हैदराबाद विश्वविद्यालय के समीप 400 एकड़ भूमि पर हो रही पेड़ों की अंधाधुंध कटाई पर गंभीर चिंता जताई है। पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र को हो रहे नुकसान को लेकर शीर्ष अदालत ने कड़ी टिप्पणी की और कहा कि वह प्रकृति की सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेगा।
छात्रों के विरोध के बाद मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
यह मामला तब चर्चा में आया जब छात्रों ने 400 एकड़ वन क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा की जा रही पेड़ों की कटाई का विरोध किया। छात्रों ने कहा कि यह क्षेत्र वन्यजीवों का आवास है और इसे ‘डेवलपमेंट’ के नाम पर नष्ट किया जा रहा है।
'जल्दबाजी में की जा रही है पेड़ों की कटाई' – सुप्रीम कोर्ट
न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने तेलंगाना सरकार से इस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। पीठ ने कहा, "आपको स्पष्ट योजना बनानी होगी कि आप उस 100 एकड़ भूमि को कैसे पुनर्स्थापित करेंगे।" न्यायालय ने यह भी कहा कि वीडियो में जानवरों को आश्रय की तलाश में भागते हुए देखना बेहद चिंताजनक है।
वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना वन्यजीव विभाग को निर्देश दिया कि वे तत्काल वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं और सुनिश्चित करें कि किसी भी जीव को नुकसान न हो। न्यायमूर्ति गवई ने स्पष्ट कहा, "हम पर्यावरण और पारिस्थितिकी की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएंगे।"
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