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SSR 2027 का शेड्यूल जारी : चुनाव आयोग ने बताया कब और कैसे होगा वोटर लिस्ट का रिवीजन

Media Yodha Desk Fri, Oct 16, 2026

नई दिल्ली : चुनाव आयोग ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) 2027 का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची को अपडेट किया जाएगा, ताकि कोई भी योग्य नागरिक वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने से वंचित न रहे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूची की ड्राफ्ट लिस्ट 12 नवंबर 2026 को प्रकाशित होगी, जबकि अंतिम वोटर लिस्ट 4 जनवरी 2027 को जारी की जाएगी।

आयोग ने 1 जनवरी 2027 को मुख्य क्वालिफाइंग डेट मानते हुए यह कार्यक्रम तैयार किया है। इसके साथ ही 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को पात्र होने वाले नागरिकों से भी अग्रिम आवेदन लिए जाएंगे। जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चल रहा है या हाल ही में पूरा हुआ है, वहां SSR का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।

कब से कब तक चलेगा वोटर लिस्ट रिवीजन?

चुनाव आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, SSR 2027 की प्रमुख तारीखें इस प्रकार हैं:

  • 2 नवंबर 2026 तक: मतदान केंद्रों का युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्था।

  • 12 नवंबर 2026: एकीकृत ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन।

  • 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026: दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि।

  • 28 दिसंबर 2026 तक: दावे और आपत्तियों का निपटारा।

  • 4 जनवरी 2027: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।

ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद नागरिक अपना नाम जांच सकेंगे। यदि किसी योग्य व्यक्ति का नाम सूची में नहीं है या किसी प्रविष्टि में गलती है, तो निर्धारित फॉर्म के माध्यम से आवेदन किया जा सकेगा।

किन राज्यों में बाद में आएगा SSR का शेड्यूल?

आयोग के मुताबिक, जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया जारी है या हाल ही में पूरी हुई है, वहां SSR का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा। इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, दिल्ली, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा और तेलंगाना शामिल हैं।

वहीं, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्यक्रम उचित समय पर घोषित किया जाएगा।

कोई भी योग्य नागरिक वोटर लिस्ट से न छूटे

चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि मतदाता सूची तैयार करने और अपडेट करने के दौरान सभी पात्र नागरिकों का नाम शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अभियान के तहत मुख्य रूप से इन श्रेणियों के नागरिकों के नामांकन पर ध्यान दिया जाएगा:

  • ऐसे योग्य नागरिक, जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है।

  • वे नागरिक, जो 1 जनवरी 2027 तक मतदाता बनने की पात्रता पूरी कर रहे हैं।

  • वे संभावित मतदाता, जो 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को पात्र होंगे।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पात्रता पूरी करने वाले नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल किया जाए और नियमों के अनुसार अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाए जाएं।

मतदान केंद्रों के लिए भी तय किए गए नियम

SSR 2027 के तहत मतदान केंद्रों का युक्तिकरण और पुनर्गठन भी किया जाएगा। इसके लिए मतदान केंद्रों की लोकेशन और मतदाता सूची का भौतिक सत्यापन किया जाएगा।

आयोग के निर्देशों के अनुसार:

  • सामान्य तौर पर किसी मतदान केंद्र पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होने चाहिए। इससे अधिक होने की स्थिति में आयोग की पूर्व अनुमति जरूरी होगी।

  • मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए मतदाताओं को सामान्यतः 2 किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े।

  • मतदान केंद्र ऐसी जगह बनाया जाए, जहां पहुंचने में प्राकृतिक बाधा का सामना न करना पड़े।

  • मतदान केंद्र ग्राउंड फ्लोर या सड़क के प्रवेश स्तर पर होना चाहिए।

  • हाईराइज इमारतों, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी, RWA कॉलोनियों और शहरी स्लम क्षेत्रों में नए मतदान केंद्रों की जरूरत का सर्वे किया जाएगा।

नए मतदान केंद्र बनाने या पुराने केंद्रों का पुनर्गठन करते समय परिवारों को एक ही सेक्शन और मतदान केंद्र में रखने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही, एक ही इमारत, गली या कॉलोनी में रहने वाले मतदाताओं को यथासंभव एक ही मतदाता सूची के भाग में रखा जाएगा।

BLO करेंगे फोटो और मतदाता विवरण का सत्यापन

मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मतदाताओं की फोटो और अन्य विवरणों की जांच करेंगे। धुंधली, खराब गुणवत्ता वाली या गलत फोटो को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधारा जाएगा।

इसके अलावा, डुप्लीकेट प्रविष्टियों, मृत मतदाताओं और स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके लोगों के नामों की भी जांच की जाएगी। नियमों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज और फील्ड वेरिफिकेशन के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले लंबित दावों और आपत्तियों का निपटारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाए।

नाम जुड़वाने और सुधार के लिए कौन-सा फॉर्म भरें?

मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या विवरण में सुधार के लिए अलग-अलग फॉर्म निर्धारित किए गए हैं।

  • फॉर्म-6: सामान्य पात्र नागरिकों के लिए मतदाता सूची में नया नाम जुड़वाने हेतु।

  • फॉर्म-6A: विदेश में रहने वाले पात्र भारतीय नागरिकों के ओवरसीज मतदाता के रूप में पंजीकरण हेतु।

  • फॉर्म-7: मतदाता सूची से नाम हटाने या किसी प्रस्तावित नाम को शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज करने हेतु।

  • फॉर्म-8: निवास स्थान बदलने, मतदाता विवरण में सुधार, EPIC यानी वोटर कार्ड बदलवाने और दिव्यांग मतदाता संबंधी मार्किंग के लिए।

आयोग के अनुसार, दावे और आपत्तियां निर्धारित समय सीमा में दर्ज की जा सकेंगी। नए नाम जोड़ने के लिए आवेदन करने वाले नागरिकों को अपनी पात्रता और जरूरी विवरण सही-सही उपलब्ध कराने चाहिए।

मुख्य सचिवों को भी चुनाव आयोग के निर्देश

चुनाव आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया है कि मतदाता सूची के काम में लगे अधिकारियों को पर्याप्त कर्मचारी और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। इनमें मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO), BLO सुपरवाइजर और BLO शामिल हैं।

आयोग ने SSR की अवधि के दौरान संबंधित पदों को खाली नहीं रखने तथा ड्राफ्ट सूची से अंतिम सूची के प्रकाशन तक जुड़े अधिकारियों के तबादलों के लिए पूर्व अनुमति लेने के निर्देश भी दिए हैं।

मतदाताओं के लिए जरूरी बात: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 12 नवंबर 2026 को प्रकाशित होगी। इसके बाद 11 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। इसलिए जिन नागरिकों का नाम मतदाता सूची में नहीं है या जिनके विवरण में गलती है, वे निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित फॉर्म के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

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