17th October 2026

BREAKING NEWS

रायपुर T20 में भारत की जीत, जिम्बाब्वे को 4 विकेट से हराकर सीरीज में बनाई बढ़त; निकी प्रसाद-दीप्ति शर्मा ने बनाया रिकॉर्

छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के बाद फिर बारिश, अगले 5 दिनों तक इन इलाकों में बरसेंगे बादल

प्राइवेट टीचर से लेकर बैंक कर्मियों तक की लगेगी जनगणना में ड्यूटी, सरकार ने बनाया नया प्लान

राज्य प्रशासनिक सेवा के 23 अफसरों का तबादला, कई जिलों के अपर और डिप्टी कलेक्टर बदले

क्या घंटों बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान? डॉक्टर से जानें कितनी देर बैठना है सुरक्षित

Advertisment

छत्तीसगढ़ में सरकारी बैठकों में खादी पहनेंगे अधिकारी-कर्मचारी : ग्रामोद्योग विभाग का बड़ा फैसला

Media Yodha Desk Fri, Oct 16, 2026

रायपुर : छत्तीसगढ़ में खादी, हाथकरघा और पारंपरिक वस्त्रों को बढ़ावा देने के लिए ग्रामोद्योग विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। विभाग ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को विभागीय समीक्षा बैठकों, शासकीय कार्यक्रमों और आधिकारिक आयोजनों में खादी, हाथकरघा, कोसा और सूती कपड़ों से बने परिधान पहनने के निर्देश दिए हैं। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय वस्त्रों की मांग बढ़ाने के साथ प्रदेश के बुनकरों, कारीगरों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को प्रोत्साहित करना है।

ग्रामोद्योग विभाग के सचिव, संचालक एवं प्रबंध संचालक राजेश सिंह राणा ने हाल ही में आयोजित विभागीय बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए। विभाग का मानना है कि सरकारी आयोजनों में स्थानीय वस्त्रों को प्राथमिकता मिलने से छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वस्त्र कला को नई पहचान मिलेगी।

बुनकरों और महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा लाभ

इस पहल के जरिए प्रदेश में तैयार होने वाले खादी, कोसा और सूती वस्त्रों की बिक्री बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इन वस्त्रों की मांग बढ़ने से हथकरघा क्षेत्र से जुड़े बुनकरों, शिल्पकारों और कारीगरों को रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं।

इसके अलावा, सिलाई और वस्त्र निर्माण से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों को भी नियमित काम मिलने की संभावना है। इससे उनकी आय बढ़ाने और आजीविका को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

छत्तीसगढ़ अपनी पारंपरिक कोसा और सूती वस्त्र कला के लिए जाना जाता है। ऐसे में सरकारी स्तर पर इन परिधानों को प्रोत्साहन मिलने से स्थानीय उत्पादों को बाजार में बढ़ावा देने की उम्मीद है।

ग्रामोद्योग विभाग के अधीन संस्थाओं में लागू होगी व्यवस्था

विभाग द्वारा जारी निर्देशों के तहत यह व्यवस्था ग्रामोद्योग विभाग के अधीन आने वाले विभिन्न बोर्डों और संस्थाओं में लागू की जाएगी। इसमें निम्नलिखित संस्थाएं शामिल हैं:

  • हाथकरघा, रेशम, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड

  • हस्तशिल्प विकास बोर्ड

  • माटीकला बोर्ड

  • छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित, रायपुर

इन संस्थाओं में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को विभागीय बैठकों तथा शासकीय आयोजनों में स्थानीय स्तर पर तैयार पारंपरिक वस्त्रों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

सप्ताह में एक दिन खादी पहनने का भी सुझाव

ग्रामोद्योग विभाग इस पहल को राज्य, संभाग, जिला और विकासखंड स्तर के सरकारी कार्यालयों तक विस्तारित करने की दिशा में काम कर रहा है। इसके तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन खादी एवं हाथकरघा से बने वस्त्र पहनने का सुझाव दिया गया है।

विभाग का मानना है कि सरकारी कार्यालयों और आयोजनों में स्थानीय वस्त्रों का इस्तेमाल बढ़ने से आम लोगों के बीच भी खादी, कोसा और हाथकरघा उत्पादों के प्रति रुचि बढ़ सकती है।

इस पहल से न केवल छत्तीसगढ़ के पारंपरिक वस्त्र उद्योग को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है, बल्कि स्थानीय कारीगरों की कला, संस्कृति और रोजगार के अवसरों को भी मजबूती मिल सकती है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन