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Blue Drum Case : फांसी की सजा के बाद साहिल-मुस्कान का बुरा हाल, कैदी नंबर 395 और 396 बनने के बाद छोड़ा खाना-पीना

Media Yodha Desk Thu, Oct 15, 2026

Blue Drum Case: चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद दोषी साहिल और मुस्कान की बेचैनी बढ़ने की खबर है। जेल प्रशासन के अनुसार, अदालत का फैसला सुनने के बाद दोनों रोने लगे और उन्होंने खाना-पीना भी छोड़ दिया। दोनों अधिकारियों से बार-बार अपने भविष्य को लेकर सवाल कर रहे हैं। जेल प्रशासन ने उन्हें बताया है कि वे फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं। उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए निगरानी भी बढ़ा दी गई है।

अलग-अलग सेल में रखे गए साहिल और मुस्कान

वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के मुताबिक, सुरक्षा कारणों से दोनों दोषियों को अलग-अलग सेल में रखा गया है। जेल में साहिल को कैदी नंबर 395 और मुस्कान को कैदी नंबर 396 आवंटित किया गया है। अधिकारियों की नजर उनकी गतिविधियों पर लगातार बनी हुई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

जेल के पहनावे में भी बदलाव

फांसी की सजा के बाद जेल नियमों के अनुसार दोनों के पहनावे में बदलाव किए जाने की जानकारी सामने आई है। साहिल को सफेद पायजामा-कुर्ता, जबकि मुस्कान को क्रीम रंग की साड़ी या सूट उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

क्या है नीला ड्रम हत्याकांड?

पुलिस के मुताबिक, 3 मार्च 2025 की रात सौरभ राजपूत की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि मुस्कान ने अपने पति सौरभ को नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया और फिर साहिल की मदद से उसकी हत्या कर दी। जांच के दौरान सामने आया कि हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें एक नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से सील कर दिया गया।

वारदात के बाद दोनों हिमाचल प्रदेश चले गए थे। पुलिस ने 18 और 19 मार्च 2025 को दोनों को गिरफ्तार किया था। इस मामले ने पूरे देश में काफी चर्चा बटोरी थी।

126 तारीखों तक चली सुनवाई

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में गवाह और साक्ष्य पेश किए। करीब 126 तारीखों तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने 30 सितंबर को साहिल और मुस्कान को दोषी ठहराया। इसके बाद सजा पर सुनवाई हुई, जिसमें दोनों को फांसी की सजा सुनाई गई।

अब दोनों के पास फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने का कानूनी विकल्प है। आगे की प्रक्रिया उच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई और उसके फैसले पर निर्भर करेगी।

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