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बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेगी 12% से ज्यादा अल्कोहल वाली दवा : सरकार ने बदले नियम

Media Yodha Desk Sat, Jul 11, 2026

नई दिल्ली: 12 प्रतिशत से ज्यादा अल्कोहल वाली दवा लेने के लिए अब डॉक्टर के पर्चे की जरूरत होगी. भारत सरकार ने एक अहम फैसले में 12 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल वाली दवाओं को Schedule H1 श्रेणी  में डाल दिया है. Schedule H1 श्रेणी में रखी गई दवाओं की खरीद बिना डॉक्टरी पर्चे के नहीं की जा सकती. साथ ही इसे बेचने वाले दुकानदारों को भी बिक्री का रिकॉर्ड रखना होगा. सरकार के इस फैसले का सीधा असर कई कफ सीरप और टॉनिक पर पडे़गा. मालूम हो कि कफ सीरप में अल्कोहल की मात्रा होती है. पहले आम तौर पर किसी दुकान पर जाकर कप सिरप का नाम लेते ही खरीद हो जाती थी, लेकिन अब इस बदलाव के बाद डॉक्टरी पर्चे की जरूरत होगी.

नशे के रूप में दवाओं के इस्तेमाल पर सख्ती

दरअसल अल्कोहल युक्त दवाओं का नशे के रूप में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है. अलग-अलग राज्यों से कोडीन युक्त कफ सिरप की बड़े पैमाने पर तस्करी की बातें भी सामने आ चुकी है. इसी पर नकेल के लिए सरकार ने ड्रग्स रूल्स 1945 में संशोधन करते हुए यह बदलाव किया है. पिछले साल कफ सिरप से राजस्थान, मध्य प्रदेश में कई बच्चों की मौत के बाद बदलाव किया जा रहा था.  इसके लिए अक्टूबर 2025 में ड्राफ्ट लोगों के सामने रखा गया था. लोगों से राय भी मांगी गई थी. लेकिन किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई, जिसके बाद सरकार ने दवा तकनीकी सलाहकार बोर्ड से बात कर इसे पक्का कानून बना दिया है.

Schedule H1 क्या होता है?

Schedule H1 भारत के ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत एक कैटेगरी है, जिसमें ऐसी प्रिस्क्रिप्शन दवाएं शामिल हैं जिनकी कड़ी निगरानी की ज़रूरत होती है. इसमें फार्मेसियों के लिए बिक्री का रिकॉर्ड रखना और डॉक्टर की पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) को संभालकर रखना जरूरी है. नए बदलाव के तहत अब 12 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल वाली वो सभी ओरल दवाएं (जो मुंह से ली जाती है) जो 30 मिलीलीटर से ज्यादा के पैक या बोतल में बेची जाती हैं, उन्हें शेड्यूल H1 के दायरे में आएंगी.

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