नई दिल्ली: : भारत ने फ्रांस से 26 राफेल मरीन जेट खरीदने का सौदा किया, पाकिस्तान की बढ़ी चिंता
भारत ने अपनी समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को और मजबूत करते हुए फ्रांस के साथ 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए 63,000 करोड़ रुपये के रक्षा सौदे को अंतिम रूप दे दिया है। यह सौदा मौजूदा समय में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच किया गया है, जिससे पाकिस्तान की चिंता और भी बढ़ गई है।
🛡️ नई दिल्ली में हुआ ऐतिहासिक रक्षा समझौता
समझौते पर आज नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए गए।
भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने किया, जबकि फ्रांस के राजदूत ने अपने देश की ओर से हस्ताक्षर किए।
दोनों देशों के रक्षा मंत्री इस समारोह में डिजिटल माध्यम से शामिल हुए।
सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) ने इस महीने की शुरुआत में इस सौदे को मंजूरी दी थी।
🇮🇳 आईएनएस विक्रांत पर तैनात होंगे नए राफेल मरीन जेट
भारतीय नौसेना के आईएनएस विक्रांत जैसे अत्याधुनिक विमानवाहक पोतों पर तैनाती के लिए इन विमानों की तत्काल जरूरत थी।
मौजूदा मिग-29 फ्लीट रखरखाव से जुड़ी समस्याओं के चलते उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहा था।
नए राफेल एम (Rafale M) जेट विमानों को भारतीय युद्धपोतों की जरूरत के अनुसार अनुकूलित किया जाएगा।
यह सौदा अस्थायी समाधान के रूप में किया गया है, जब तक भारत में विकसित उन्नत स्वदेशी लड़ाकू विमान सेवा में नहीं आ जाते।
✈️ सौदे की प्रमुख विशेषताएं
22 सिंगल-सीटर और 4 ट्विन-सीटर राफेल एम जेट शामिल।
बेड़े के रखरखाव, रसद सहायता, कार्मिक प्रशिक्षण और स्वदेशी निर्माण के लिए व्यापक पैकेज।
भारत के पास पहले से मौजूद 36 राफेल लड़ाकू विमानों के अलावा अब कुल 62 राफेल विमान हो जाएंगे।
वर्तमान में राफेल जेट्स अंबाला और हासीमारा एयरबेस पर तैनात हैं।
🌍 रणनीतिक महत्व और भविष्य की दिशा
इस सौदे से भारतीय नौसेना को उच्च समुद्री शक्ति प्राप्त होगी।
हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की उपस्थिति और प्रभुत्व को और मजबूती मिलेगी।
पाकिस्तान के साथ साथ चीन के लिए भी यह एक स्पष्ट संदेश है कि भारत अपनी सुरक्षा तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ेगा।
🔥 क्यों है यह सौदा खास?
भारत में स्वदेशी युद्धक विमानों के विकास के बीच यह सौदा एक रणनीतिक अंतराल को भरने का काम करेगा।
भविष्य में भारत का ध्यान तेजस मरीन वर्जन और अन्य स्वदेशी रक्षा प्रणालियों पर केंद्रित रहेगा।
यह सौदा भारत और फ्रांस के रक्षा संबंधों को भी एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।


विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन