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: डीआरडीओ ने किया लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण, स्वदेशी रक्षा क्षेत्र में नई उपलब्धि

admin Wed, Nov 13, 2024

मंगलवार को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने अपनी लंबी दूरी की भूमि हमलावर क्रूज मिसाइल (LRLACM) का पहला परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। यह परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) से मोबाइल आर्टिकुलेटेड लॉन्चर के माध्यम से किया गया। इस परीक्षण ने भारत के स्वदेशी रक्षा प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रखा है।

सभी उप-प्रणालियों का प्रदर्शन रहा प्रभावी इस परीक्षण के दौरान मिसाइल की सभी उप-प्रणालियों ने सफलतापूर्वक अपना कार्य किया और मुख्य मिशन उद्देश्यों को पूरा किया। रेंज परफॉर्मेंस को मापने के लिए विभिन्न सेंसर जैसे रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम और टेलीमेट्री का उपयोग किया गया, जिससे मिसाइल के पूरे उड़ान मार्ग की सटीक निगरानी संभव हुई। मिसाइल ने पॉइंट नेविगेशन का उपयोग करते हुए अपने निर्धारित मार्ग का अनुसरण किया और विभिन्न ऊँचाई और गति पर कई प्रकार के मनोवांछित मानेवर्स को सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया।

उन्नत तकनीकी सुविधाओं से लैस LRLACM

इस क्रूज मिसाइल को अत्याधुनिक एवियोनिक्स और सॉफ्टवेयर से सुसज्जित किया गया है, जो इसकी विश्वसनीयता और प्रदर्शन को बेहतर बनाते हैं। यह मिसाइल अपनी गतिशीलता और विभिन्न स्थितियों में बेहतर प्रदर्शन की क्षमता के लिए तैयार की गई है, जिससे भारतीय सेना की आक्रामक क्षमता में वृद्धि होगी।

स्वदेशी रक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण योगदान

LRLACM को बेंगलुरु के एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट और अन्य DRDO लैब्स के सहयोग से विकसित किया गया है। इस परियोजना में भारतीय उद्योगों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। भारत डायनेमिक्स लिमिटेड, हैदराबाद और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, बेंगलुरु, इस मिसाइल के विकास और उत्पादन में DRDO के साथ साझेदार हैं और इस क्रूज मिसाइल के विकास तथा एकीकरण में योगदान दे रहे हैं।

प्रमुख वैज्ञानिक और सैन्य अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ परीक्षण

इस ऐतिहासिक परीक्षण को कई DRDO प्रयोगशालाओं के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ ही तीनों सेनाओं के प्रतिनिधियों ने देखा। परीक्षण की सफलता पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO, सशस्त्र बलों और भारतीय उद्योगों को बधाई दी और कहा कि यह परीक्षण भविष्य में स्वदेशी क्रूज मिसाइल विकास कार्यक्रमों की दिशा में एक नई राह खोलेगा। उन्होंने इस सफलता को भारत की आत्मनिर्भरता के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।

DRDO चेयरमैन ने टीम को दी बधाई

रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग के सचिव और DRDO के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने भी इस सफल परीक्षण के लिए DRDO की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि LRLACM के इस परीक्षण ने भारत की स्वदेशी मिसाइल तकनीक को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई है और यह आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में सहायक सिद्ध होगा। इस परीक्षण की सफलता ने न केवल भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमताओं को बढ़ावा दिया है, बल्कि स्वदेशी तकनीक को भी नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। LRLACM के सफल परीक्षण के साथ, भारत अब अपनी सुरक्षा में और अधिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है, जिससे भारतीय सेना की सामरिक क्षमता में भी सुधार होगा।

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