Bilaspur News : पैसों के लिए रची सामूहिक दुष्कर्म की झूठी कहानी, पुलिस ने किया मामले का पर्दाफाश; 3 आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर : जिले में पैसों के लालच में चार युवकों को सामूहिक दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की कथित साजिश सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, एक नाबालिग ने चार युवकों के खिलाफ गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के दौरान शिकायत में बताए गए घटनाक्रम और मौके से मिले तथ्यों में विरोधाभास सामने आए, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच की। जांच में पूरी कहानी मनगढ़ंत पाई गई।
पुलिस के अनुसार, नाबालिग जतिया तालाब के पास घूम रही थी। इसी दौरान महिमा यादव उसे गांजा पिलाने के बहाने बिना नंबर की एक्टिवा से मरघट के पास ले गई। वहां पहले से ईशु सिंह और आर्यन रात्रे मौजूद थे। पुलिस का कहना है कि ईशु सिंह ने नाबालिग को कथित तौर पर 30 हजार रुपये दिलाने का लालच दिया। इसमें 10 हजार रुपये नशे पर खर्च करने और बाकी 20 हजार रुपये घर ले जाने की बात कही गई। इसके बदले उसे ग्राम सैदा निवासी संदीप धीवर, दीपु केंवट, टेगना और शैलेष के खिलाफ गैंगरेप की झूठी शिकायत करने के लिए कहा गया।
जांच के मुताबिक, रात करीब 12 बजे नाबालिग को सैदा स्थित एक खेत में ले जाया गया। पुलिस का आरोप है कि वहां झूठे घटनाक्रम को वास्तविक दिखाने के लिए कपड़े फाड़े गए और उन पर कीचड़ लगाया गया। इसी दौरान महिमा द्वारा मोबाइल से वीडियो बनाए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। वहीं, कथित तौर पर एक पुराने मोबाइल को तोड़कर खेत में फेंका गया, ताकि उसे घटना से जुड़े सबूत के तौर पर पेश किया जा सके।
इसके बाद नाबालिग को किसी को कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, तीनों उसे सकरी थाने लेकर पहुंचे, जहां चार युवकों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने शिकायत के बाद घटनास्थल, परिस्थितियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई और मामला फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस ने साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने जरहाभाठा मिनीबस्ती निवासी महिमा यादव, आर्यन रात्रे और सकरी निवासी ईशु सिंह के खिलाफ बीएनएस की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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