नई दिल्ली : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की मुलाकात, सुरक्षा हालात पर हुई अहम चर्चा
admin Mon, Apr 28, 2025
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर महत्वपूर्ण बैठक की। सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात में देश की रक्षा तैयारियों और हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद उठाए गए कदमों पर चर्चा हुई। हालांकि आधिकारिक रूप से बातचीत का विवरण साझा नहीं किया गया है।
🛡️ पृष्ठभूमि: पहलगाम आतंकी हमला और सुरक्षा चिंताएं
यह बैठक उस समय हुई है जब 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक भीषण आतंकवादी हमला हुआ था, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। मृतकों में एक नेपाली नागरिक समेत कई पर्यटक शामिल थे। यह हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद से सबसे गंभीर आतंकी घटनाओं में से एक माना जा रहा है।
घटना के बाद से:
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीमें घटनास्थल पर सक्रिय हैं।
भारतीय सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
सुरक्षा बलों द्वारा बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
🇮🇳 भारत की सख्त कार्रवाई: कूटनीतिक स्तर पर भी उठाए कदम
पहलगाम हमले के संदर्भ में:
23 अप्रैल को कैबिनेट समिति ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने तत्काल बैठक कर हमले की कड़ी निंदा की।
पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई।
भारत सरकार ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग से अपने रक्षा, नौसेना और वायुसेना सलाहकारों तथा उनके सहयोगी स्टाफ को वापस बुलाने का निर्णय लिया है।
दोनों देशों के उच्चायोगों में इन पदों को निरस्त कर दिया गया है।
यह कदम इस बात का संकेत है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ न सिर्फ सैन्य मोर्चे पर बल्कि कूटनीतिक स्तर पर भी कठोर नीति अपना रहा है।
👥 सुरक्षा तैयारियों पर शीर्ष स्तर पर चर्चा
इस बैठक से पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने भी रक्षा मंत्री से मुलाकात की थी।
उन्होंने पहलगाम हमले के बाद की गई सुरक्षा तैयारियों और पाकिस्तान को लेकर लिए गए रणनीतिक निर्णयों की जानकारी दी थी।
बैठक में जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्ण चुनाव कराने और क्षेत्र में विकास को गति देने पर भी चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सुरक्षा हालात का जायजा लिया।
सीमा पार से हो रही गतिविधियों पर सख्त नजर रखने का निर्णय।
आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति और अधिक आक्रामक होगी।
भारत ने पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक रिश्तों में और सख्ती बरतने का संकेत दिया।
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