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चक्रवात अर्नब से निपटने केंद्र अलर्ट : अमित शाह ने छत्तीसगढ़ सहित 3 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से की बात; NDRF की टीमें तैनात

Media Yodha Desk Thu, Oct 29, 2026

नई दिल्ली : चक्रवात अर्नब के प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार और राज्य प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से संपर्क कर स्थिति की जानकारी ली और जरूरत के अनुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। वहीं, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैनात हैं।

चार राज्यों में अलर्ट, केंद्र सरकार लगातार निगरानी में

चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी प्रशासन को सतर्क किया गया है। केंद्र सरकार ने संबंधित राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाते हुए लोगों की सुरक्षा, सुरक्षित निकासी और आवश्यक सेवाओं को जल्द बहाल करने पर जोर दिया है।

आंध्र प्रदेश में भारी नुकसान की आशंका

चक्रवात का सबसे ज्यादा असर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में देखने को मिला है। तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण फसलों, बिजली व्यवस्था, सड़कों और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र से नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम भेजने तथा राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए सहायता देने का अनुरोध किया है। 

NDRF और SDRF की टीमें राहत कार्यों में जुटीं

प्रभावित क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की टीमें लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आपात स्थितियों से निपटने के लिए काम कर रही हैं। जरूरत के अनुसार राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। केंद्र सरकार ने सेना, नौसेना, वायुसेना और भारतीय तटरक्षक बल की टीमों को भी जरूरत पड़ने पर सहायता के लिए तैयार रखा है। 

ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी सतर्कता

चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा के दक्षिणी जिलों और छत्तीसगढ़ के दक्षिणी एवं मध्य क्षेत्रों में बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में निगरानी, राहत संसाधनों की उपलब्धता और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारियां की गई हैं। अधिकारियों को बिजली, सड़क और अन्य जरूरी सेवाओं को जल्द बहाल करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। 

लोगों की सुरक्षा और जरूरी सेवाएं बहाल करना प्राथमिकता

चक्रवात के बाद प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाना और सामान्य जनजीवन बहाल करना प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकता है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय बनाए रखा जा रहा है। नागरिकों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने, समुद्र में जाने से बचने और जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि आपदा की स्थिति में प्रभावित राज्यों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने और जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए संबंधित एजेंसियां लगातार समन्वय के साथ काम करेंगी।

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