Japan Earthquake : धरती हिलते ही मची तबाही! मॉल के उड़े परखच्चे, फैक्ट्री पर गिरी चिमनी, जानें कितनी हुई मौतें
Japan Earthquake: जापान में आए भयानक भूकंप ने कहर मचा दिया है. यहां आया भूकंप इतना तेज था कि पूरा का पूरा शॉपिंग मॉल लगभग तबाह हो गया है, इस हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है. मॉल के मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है और राहत-बचाव टीमें उन्हें निकालने की कोशिश में जुटी हैं. मंगलवार को आए 7.1 तीव्रता के इस भूकंप ने जापान के दक्षिण-पश्चिमी कुमामोटो इलाके में भारी तबाही मचाई है. कई घर जमीन पर गिर गए, जगह-जगह आग लग गई, पुल टूट गए और हजारों घरों की बिजली चली गई.
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मॉल पूरी तरह तबाह
जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने टोक्यो में कहा कि कई लोगों की मौत हुई है. बड़ी संख्या में इमारतें गिर गई हैं, आग लगी है और सड़कें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं. सरकार के प्रवक्ता मिनोरू किहारा ने बताया कि 7 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. बुधवार सुबह तक क्यूशू द्वीप के तीन इलाकों में बने 506 राहत शिविरों में 9,000 से ज्यादा लोग शरण ले चुके थे. कई स्थानीय लोगों ने कहा कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी में इतना तेज भूकंप कभी महसूस नहीं किया. यह जापान के सात स्तर वाले शिंदो पैमाने के सबसे ऊंचे स्तर पर दर्ज किया गया. इस स्तर के झटकों में इंसान का खड़ा रहना भी मुश्किल हो जाता है. मरने वालों में कम से कम दो महिलाएं शामिल हैं. उनकी मौत काशिमा शहर के एक शॉपिंग मॉल में हुई. माना जा रहा है कि भूकंप आने के करीब आधा घंटा बाद गैस विस्फोट हुआ, जिससे मॉल बुरी तरह तबाह हो गया. बीबीस की रिपोर्ट के अनुसार एक गवाह ने दूसरी मंजिल के पूरी तरह ढहने की बात बताई. भूकंप के बाद दर्जनों बार फिर से झटके (आफ्टरशॉक) भी महसूस किए गए.
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उधर यात्सुशिरो में निप्पॉन पेपर इंडस्ट्रीज की एक फैक्ट्री में 9 लोग लापता हैं. वहां लाल-सफेद रंग की एक बड़ी चिमनी टूटकर फैक्ट्री के ऊपर गिर गई. बुधवार सुबह तक कुमामोटो में 36,880 घरों और दूसरी जगहों की बिजली अब भी बंद थी. भूकंप की वजह से एक मालगाड़ी भी पटरी से उतर गई, कई सड़कें फट गईं, जिससे उन पर आना-जाना बंद हो गया. बुधवार को भी शिंकानसेन बुलेट ट्रेन सेवाएं बंद रहीं. वीडियो में यह भी दिखा कि सदियों पुराने कुमामोटो किले की दीवार का एक हिस्सा गिर गया. जापानी सेना ने राहत और बचाव कार्य के लिए 3,600 जवानों को तैनात किया है। नुकसान का हवाई सर्वे करने के लिए 20 विमान भी भेजे गए हैं.
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