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थनोद अंडरब्रिज विवाद : थनोद गांव में भारतमाला परियोजना का अंडरब्रिज बना मुसीबत, किसानों और मूर्तिकारों का रास्ता रुका

दुर्ग | 5 मई 2025: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के थनोद गांव में भारतमाला परियोजना के अंतर्गत बनाया गया अंडरब्रिज अब ग्रामीणों की मदद के बजाय मुसीबत बन गया है। कारण है – ब्रिज की ऊंचाई सिर्फ 4 मीटर, जिससे बड़ी गाड़ियां, हार्वेस्टर और मूर्तियां लेकर जाने वाले वाहन नहीं निकल पा रहे।


🚜 किसानों का आरोप: फसल कटाई और मंडी ले जाना हुआ मुश्किल

  • गांव वालों का कहना है कि खेती-बाड़ी के मौसम में हार्वेस्टर और लोडेड ट्रक इस ब्रिज से नहीं गुजर पा रहे

  • यह अंडरब्रिज आसपास के दर्जनों गांवों के लिए एकमात्र रास्ता है, और इसकी कम ऊंचाई ने कृषि कार्य और परिवहन को बुरी तरह प्रभावित किया है

🗣 स्थानीय निवासी प्रदीप शर्मा ने बताया:

"हमने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन केवल आश्वासन मिला, कोई समाधान नहीं।"


🎭 मूर्तिकार भी परेशान: 7 मीटर की मूर्ति, 4 मीटर का ब्रिज!

थनोद गांव में कई मूर्तिकार रहते हैं, जो त्योहारों के दौरान 4 से 7 मीटर ऊंची मूर्तियां बनाते हैं। वे अब इन्हें बाहर ले जाने में असमर्थ हैं।

🎨 मूर्तिकार लव चक्रधारी ने कहा:

"हम 7 मीटर तक की मूर्तियां बनाते हैं। इस ब्रिज से मूर्तियां ले जाना असंभव है। यह हमारे रोज़गार पर सीधा असर है।"


🛣 प्रशासन की प्रतिक्रिया: ब्रिज की ऊंचाई बढ़ाने पर विचार

📌 दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया:

"ग्रामीणों की शिकायत के बाद एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने स्थल निरीक्षण किया है। यदि बड़ी गाड़ियों की आवाजाही बाधित होती है, तो ब्रिज की ऊंचाई बढ़ाने का निर्णय लिया जाएगा।"


⚠️ 2300 करोड़ की परियोजना, लेकिन स्थानीय जरूरतें अनदेखी?

  • भारतमाला योजना के तहत 2300 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह सिक्स-लेन सड़क परियोजना

  • ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय जरूरतों और व्यावहारिक आवश्यकताओं की अनदेखी की गई है।

🌾 किसानों की चिंता:

"यदि जल्द ऊंचाई नहीं बढ़ाई गई, तो इसका सीधा असर खेती और आय पर पड़ेगा।"

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