11th May 2026

BREAKING NEWS

गलत सीमांकन से भड़के ग्रामीण, आरआई-पटवारी को बनाया बंधक; पुलिस केस दर्ज

राजधानी रायपुर में बड़ी चोरी, ज्वेलरी शॉप से करोड़ों के सोने-चांदी के गहने पार

5 लाख की इनामी महिला नक्सली ने डाले हथियार, छत्तीसगढ़-आंध्र बॉर्डर पर थी एक्टिव

रायपुर में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी का बड़ा खुलासा, पैनल बेचने वाला आरोपी गिरफ्तार

सड़क किनारे गुपचुप खाना बना मुसीबत! छत्तीसगढ़ में 25 लोग फूड पॉयजनिंग का शिकार

Advertisment

छत्तीसगढ़ में अफीम की अवैध खेती पर पुलिस का शिकंजा : दुर्ग और बलरामपुर में ड्रोन से हो रही खेत-खलिहानों की सघन निगरानी

Media Yodha Desk Mon, Mar 16, 2026

बेमेतरा : छत्तीसगढ़ के दुर्ग और बलरामपुर जिलों में हाल ही में अफीम की अवैध खेती के मामले सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। अवैध गतिविधियों और मादक पदार्थों के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए अब तकनीक की मदद से विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का नेतृत्व पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) रामकृष्ण साहू कर रहे हैं। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत ग्रामीण और एकांत क्षेत्रों में स्थित बाड़ियों, खेतों और फार्म हाउसों की सघन जांच की जा रही है। इसके लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि बड़े और दुर्गम इलाकों की निगरानी आसानी से की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन तकनीक की मदद से उन स्थानों तक भी नजर रखी जा रही है, जहां सामान्य रूप से पहुंच पाना मुश्किल होता है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण क्षेत्रों, बाड़ियों और फार्म हाउसों का उपयोग अवैध मादक पदार्थों की खेती, उत्पादन या भंडारण के लिए न किया जाए। पिछले कुछ समय में राज्य के कुछ इलाकों में अफीम की खेती के मामले सामने आए थे, जिसके बाद पुलिस विभाग ने निगरानी को और सख्त करने का फैसला लिया है। इस विशेष अभियान को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव, डीएसपी राजेश कुमार झा, एसडीओपी बेरला विनय कुमार, एसडीओपी बेमेतरा भूषण एक्का, डीएसपी कौशिल्या साहू और डीएसपी शशीकला उईके के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

अभियान के दौरान पुलिस द्वारा कई तरह की जांच की जा रही है। घुमंतु लोगों, ठेले और गुमटी लगाने वाले व्यापारियों, फेरी लगाकर कपड़ा बेचने वालों, ईंट भट्ठों में काम करने वाले ठेकेदारों और मजदूरों की जानकारी एकत्र की जा रही है। इसके साथ ही उनका सत्यापन भी किया जा रहा है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। पुलिस फैक्ट्रियों, खेतों की बाड़ियों और फार्म हाउसों में काम करने वाले मजदूरों की भी जानकारी जुटा रही है। साथ ही किराये के मकानों में रहने वाले लोगों का भी सत्यापन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है।

डीआईजी रामकृष्ण साहू ने स्पष्ट किया है कि यदि अभियान के दौरान कहीं भी अवैध मादक पदार्थों की खेती, भंडारण या किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ तुरंत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग आधुनिक तकनीक का उपयोग लगातार बढ़ा रहा है। ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी भी इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस ने नागरिकों से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी भी व्यक्ति को अपने आसपास अवैध गतिविधियों या मादक पदार्थों से संबंधित कोई जानकारी मिलती है, तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे। पुलिस का मानना है कि इस तरह के संयुक्त प्रयासों से न केवल अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर अंकुश लगाया जा सकेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा और कानून व्यवस्था भी मजबूत होगी।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन