11th May 2026

BREAKING NEWS

गलत सीमांकन से भड़के ग्रामीण, आरआई-पटवारी को बनाया बंधक; पुलिस केस दर्ज

राजधानी रायपुर में बड़ी चोरी, ज्वेलरी शॉप से करोड़ों के सोने-चांदी के गहने पार

5 लाख की इनामी महिला नक्सली ने डाले हथियार, छत्तीसगढ़-आंध्र बॉर्डर पर थी एक्टिव

रायपुर में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी का बड़ा खुलासा, पैनल बेचने वाला आरोपी गिरफ्तार

सड़क किनारे गुपचुप खाना बना मुसीबत! छत्तीसगढ़ में 25 लोग फूड पॉयजनिंग का शिकार

Advertisment

Naxalite Surrender : 5 लाख की इनामी महिला नक्सली ने डाले हथियार, छत्तीसगढ़-आंध्र बॉर्डर पर थी एक्टिव

Media Yodha Desk Mon, May 11, 2026

Naxalite Surrender : टूटे हुए नक्सल कैडर को फिर से एकजुट करने की नई साजिश नाकाम नजर आ रही है. छत्तीसगढ़ सीमा से लगे आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सिताराम राजू जिले में एक ईनामी महिला माओवादी ने मुख्यधारा की ओर कदम बढ़ाते हुए सरेंडर कर दिया. सरेंडर करने वाली महिला माओवादी पोडियम लक्ष्मी पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित है.लक्ष्मी बीजापुर जिले के उसुर थाना क्षेत्र की निवासी है. जानकारी के मुताबिक, इनामी माओवादी पोडियम लक्ष्मी लंबे वक्त से नक्सल संगठन के साथ जुड़ी हुई थी. DKSZC के 2 सीआरसी पीएलजीए बटालियन  सक्रीय सदस्य के रूप में लक्ष्मी लंबे समय से छत्तीसगढ़ आंध्र प्रदेश बॉर्डर में सक्रियता थी.

सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर माओवादी पोडियम लक्ष्मी ने एटका पुलिस कैंप में अतिरिक्त पुलिस अध्यक्ष पंकज मीणा के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास, रोजगार और सरकारी योजनाओ का लाभ दिया जाएगा.  हाल में प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे निर्णायक अभियान और सरकार के राज्य से ‘नक्सल सफाए’ की आधिकारिक घोषणा के बाद नया मोड़ आया. प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) की उत्तर तालमेल कमेटी द्वारा तेलंगाना में जारी किए गए एक विस्तृत पत्र से इस नई साजिश का खुलासा हुआ. माओवादी संगठन ने अपने पत्र में आंदोलन के वर्तमान पतन और मौजूदा संकट का ईमानदारी से जिक्र करते हुए इतिहास का हवाला दिया है.

पत्र में नक्सलबाड़ी आंदोलन के सूत्रधार चारू मजूमदार के दौर का उदाहरण देते हुए बताया कि भले ही संगठन अभी कमजोर दिख रहा हो, लेकिन उनकी केंद्रीय कमेटी अभी भी रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय है और अंततः जीत उन्हीं की होगी. इस पत्र में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात शीर्ष नक्सली नेता ‘देवजी’ के आत्मसमर्पण को लेकर कही गई. संगठन ने देवजी को ‘गद्दार’ और ‘दुश्मन का एजेंट’ करार दिया है. पत्र में आरोप लगाया गया है कि देवजी का रास्ता ‘संशोधनवाद’ का है, जो पार्टी को खत्म करने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है. पुलिस का कहना है कि यह बयानबाजी पुरानी, अप्रासंगिक और खोखली विचारधारा को जिंदा दिखाने की कोशिश प्रयास है. वहीं पोडियम लक्ष्मी के आत्मसमर्पण ने पुलिस के इस दावे को और मजबूती दी है.

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन