11th May 2026

BREAKING NEWS

RCB खिलाड़ियों को भाया छत्तीसगढ़ी स्वाद, कांदा भाजी और तीखुर शरबत का लिया मजा

बारात जाने निकले थे युवक, पिकअप में हुआ खूनी संघर्ष; चाकू मारकर एक की हत्या, दूसरा गंभीर

मुखबिर की सूचना पर पुलिस का छापा; आरोपी गिरफ्तार

“जनगणना फालतू है…” कहकर जनगणना टीम पर भड़का युवक, शिक्षिका से की बदसलूकी और मारपीट, आरोपी के खिलाफ केस दर्ज

VIP चौक पर चलती सिटी बस में लगी भीषण आग, धू-धू कर जली पूरी बस

Advertisment

PMAY-G Chhattisgarh Achievement : छत्तीसगढ़ बना देश का नंबर-1! 6 लाख से ज्यादा ग्रामीण आवास पूरे, लाखों परिवारों का सपना हुआ साकार

Media Yodha Desk Mon, Mar 30, 2026

PMAY-G Chhattisgarh Achievement: छत्तीसगढ़ के रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण आवास निर्माण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 6 लाख से अधिक ग्रामीण आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है, जो इस वर्ष देश में सर्वाधिक है।

विभिन्न आवास योजनाओं के समन्वित और प्रभावी क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ एक सफल मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है। राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G), प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के संयुक्त क्रियान्वयन ने इस उपलब्धि में अहम भूमिका निभाई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में PMAY-G के तहत 5.87 लाख, जनमन योजना के अंतर्गत 13 हजार और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 10 हजार से अधिक घरों का निर्माण पूरा किया गया है। इन सभी योजनाओं के प्रभावी समन्वय से 6 लाख का आंकड़ा पार किया गया।

सरकार ने अपने पहले कैबिनेट निर्णय में ही 18 लाख आवास स्वीकृत कर “सबको आवास” के लक्ष्य को प्राथमिकता दी थी। वर्तमान में सर्वे सूची में शामिल सभी पात्र हितग्राहियों को कवर कर लिया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हुआ है कि कोई भी पात्र परिवार आवास से वंचित न रहे। यह उपलब्धि वर्ष 2016 में योजना शुरू होने के बाद किसी एक वित्तीय वर्ष में सबसे ज्यादा आवास पूर्ण होने का रिकॉर्ड है। यह तेज क्रियान्वयन, मजबूत मॉनिटरिंग और बेहतर योजना प्रबंधन को दर्शाता है।

आवास निर्माण के साथ-साथ प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और रोजगार सृजन को भी नई गति मिली है। “डीलर दीदी” मॉडल के तहत 9 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूह सदस्य निर्माण सामग्री की आपूर्ति कर “लखपति दीदी” बनी हैं। इसके अलावा हजारों महिला समूहों को आजीविका के अवसर मिले हैं और 6 हजार से अधिक राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें 1200 से ज्यादा “रानी मिस्त्री” शामिल हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी इस पहल से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक रोजगार प्रदान किया गया है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन