8th November 2026

BREAKING NEWS

शहीदों के बलिदान को करेंगे नमन

ट्रेन टिकट के लिए एजेंट को पैसे देने की जरूरत नहीं, IRCTC पर ऐसे बुक करें तत्काल टिकट

छत्तीसगढ़ में 5000 शिक्षकीय पदों पर होगी भर्ती, जानें कब होंगी तीनों परीक्षाएं

विवेक ओबेरॉय ने की रणबीर कपूर और यश की जमकर तारीफ, फिल्म को बताया भारतीय संस्कृति का 'महायज्ञ'

दिवाली पर इन 7 जीवों का दिखना माना जाता है बेहद शुभ, माता लक्ष्मी की कृपा से चमक सकती है किस्मत

Advertisment

Karwa Chauth Moonrise Time 2026 : छत्तीसगढ़ में कब होगा चंद्रोदय? रायपुर से बस्तर तक जानें पूजा और चांद निकलने का समय

Media Yodha Desk Thu, Oct 29, 2026

Karwa Chauth Moonrise Time 2026: करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए चंद्रोदय का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखेंगी। दिनभर उपवास करने के बाद रात में चंद्रमा के दर्शन, पूजा और अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया जाएगा।

इस बार मौसम में बदलाव और आसमान में बादल छाए रहने की संभावना के चलते कुछ स्थानों पर चंद्रमा के दर्शन में देरी हो सकती है। छत्तीसगढ़ के अलग-अलग शहरों में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण चंद्रोदय के समय में भी अंतर देखने को मिल सकता है।

छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों में चांद निकलने का समय

करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन का इंतजार कर रही महिलाएं अपने शहर के अनुसार चंद्रोदय का अनुमानित समय जान सकती हैं।

  • बलरामपुर: रात 8:02 बजे

  • अंबिकापुर: रात 8:03 बजे

  • कोरबा: रात 8:06 बजे

  • जगदलपुर: रात 8:17 से 8:22 बजे के बीच

  • रायपुर: रात 8:18 बजे

ध्यान दें कि ये अनुमानित समय हैं। वास्तविक चंद्रोदय और चंद्रमा दिखाई देने का समय स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकता है।

बादलों के कारण चंद्र दर्शन में हो सकती है देरी

मौसम में बदलाव के कारण छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहने की आशंका है। ऐसी स्थिति में चंद्रमा के क्षितिज से ऊपर आने के बाद भी उसके दर्शन तुरंत नहीं हो सकते। स्थानीय मौसम, पहाड़ियों और ऊंची इमारतों के कारण भी चांद दिखाई देने में 10 से 15 मिनट तक की देरी हो सकती है।

चांद दिखाई नहीं देने पर क्या करें?

यदि बादलों के कारण चंद्रमा के दर्शन नहीं हो पा रहे हैं, तो महिलाएं अपने स्थानीय धार्मिक रीति-रिवाजों और परंपराओं के अनुसार पूजा कर सकती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान शिव की जटाओं में चंद्रदेव विराजमान हैं। हालांकि, चंद्र दर्शन न होने की स्थिति में व्रत का पारण कब और किस विधि से करना चाहिए, इसके लिए स्थानीय ज्योतिषाचार्य या पुरोहित से सलाह लेना उचित रहेगा।

करवा चौथ पर व्रत रखने वाली महिलाएं चंद्रोदय के अनुमानित समय के साथ स्थानीय मौसम की जानकारी भी ध्यान में रखें, ताकि पूजा और व्रत के पारण की तैयारी समय पर की जा सके।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन