श्रीनगर/नई दिल्ली: 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' : कश्मीर से शुरू हुई ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की बहस, अनुराग ठाकुर बोले – इससे देश को होगा बड़ा फायदा
'एक राष्ट्र, एक चुनाव' (One Nation One Election) को लेकर देश में एक बार फिर बहस तेज़ हो गई है। इस बार इसकी शुरुआत कश्मीर घाटी से हुई है, जहां केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने मीडिया से बात करते हुए इस विचार को देश के विकास से जुड़ा अहम कदम बताया।
📌 ठाकुर का बड़ा बयान – खर्च बचेगा, विकास बढ़ेगा
अनुराग ठाकुर ने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का उद्देश्य संसदीय और विधानसभा चुनावों को एक साथ कराना है, जिससे देश में बार-बार होने वाले चुनावों पर खर्च कम किया जा सके।
उन्होंने दावा किया कि 2024 के आम चुनाव में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए, जो कि अगर एक साथ चुनाव हों तो बचाया जा सकता है।
🗣️ "इस पैसे का इस्तेमाल शिक्षा और देश के विकास में किया जा सकता है। इससे सुरक्षा बलों पर दबाव भी घटेगा और आचार संहिता से राज्यों का समय भी नहीं बर्बाद होगा।” – अनुराग ठाकुर
📚 इतिहास की याद दिलाई – 1952 से 1967 तक होते थे एक साथ चुनाव
भाजपा नेता ने कहा कि 1952 से लेकर 1967 तक देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होते थे।
लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि "राहुल गांधी के परिवार" की पार्टी ने राजनीतिक कारणों से सरकारें गिराईं और यह परंपरा खत्म हो गई।
🛑 "भाजपा कोई नया काम नहीं कर रही, बस पुराने सिस्टम को बहाल कर रही है।” – ठाकुर
🛕 अनुच्छेद 370, राम मंदिर और अब ‘ओएनओई’
ठाकुर ने अनुच्छेद 370, राम मंदिर, और ट्रिपल तलाक जैसे मामलों का हवाला देते हुए कहा कि
"जैसे पहले विपक्ष गुमराह करता था, अब 'एक राष्ट्र एक चुनाव' को लेकर भी वही कर रहा है।"
📜 संविधान संशोधन प्रस्ताव और उच्चस्तरीय समिति का जिक्र
भाजपा सरकार संविधान (129वां संशोधन) विधेयक में 4 बड़े संशोधन प्रस्तावित कर रही है –
अनुच्छेद 82A, 83, 172 और 327।इससे लोकसभा और राज्यों के चुनाव एक साथ कराना संभव होगा और चुनाव आयोग को इसकी पूर्ण शक्ति मिलेगी।
🧑⚖️ कोविंद समिति और राज्यों का दौरा
मार्च 2024 में सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था।
इस समिति में गृह मंत्री अमित शाह, गुलाम नबी आज़ाद समेत कई प्रमुख सदस्य शामिल हैं।
समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने जानकारी दी है कि 17 मई से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अध्ययन दौरे शुरू होंगे।
🔄 क्या होगा जब किसी राज्य की सरकार गिर जाए? ठाकुर ने बताया समाधान
“यदि कोई राज्य सरकार कार्यकाल के बीच में गिरती है, तो या तो बहुमत वाली पार्टी सरकार बनाएगी या शेष कार्यकाल के लिए चुनाव कराए जाएंगे।” – ठाकुर
“स्थिति अनुकूल न हो तो चुनाव आयोग वैध कारणों के साथ चुनाव टाल भी सकता है।”
📢 निष्कर्ष:
‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को लेकर भले ही राजनीतिक मतभेद हों, लेकिन भाजपा इसे देशहित में एक बड़ा सुधार मान रही है। समिति के राज्य दौरे और आगामी रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि देश इस दिशा में कब और कैसे आगे बढ़ता है।
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