25th June 2026

BREAKING NEWS

25-29 जून के बीच रेल यात्रा करने वाले ध्यान दें! 10 ट्रेनें रद्द, कई ट्रेनों के रूट में बदलाव

मोहर्रम जुलूस में डीजे और आतिशबाजी पर वक्फ बोर्ड का प्रतिबंध नहीं, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा आदेश

आधार, वोटर आईडी और पासपोर्ट भी नहीं हैं नागरिकता का सबूत! जानें आखिर क्या है वैध प्रमाण

वेनेजुएला में भूकंप से भारी तबाही, 10 हजार से 1 लाख मौतों की आशंका, इमर्जेंसी घोषित

छत्तीसगढ़ में मानसून एक्टिव, अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में गरज-चमक के आसार

Advertisment

: दुर्ग: लखपति दीदी योजना से ममता साहू बनी आत्मनिर्भर, अन्य महिलाओं को भी मिल रही प्रेरणा

दुर्ग: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी लखपति दीदी योजना महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का जरिया बन रही है। इस योजना का लाभ लेकर महिलाएं अपनी आय बढ़ा रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं। दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम झीट की ममता साहू, जो एकता महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं, इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं।

च्वाइस सेंटर से बदली जिंदगी

ममता साहू ने बताया कि वे ग्राम झीट में एक च्वाइस सेंटर चलाती हैं, जहां फोटो कॉपी, आधार कार्ड, पेन कार्ड, आयुष्मान कार्ड के फार्म भरने और ऑनलाइन सेवाएं देने का काम करती हैं। “पहले आर्थिक तंगी के कारण परेशान रहती थी, लेकिन अब च्वाइस सेंटर से मेरी आय बढ़ रही है। घर के छोटे-मोटे खर्चे भी खुद उठा लेती हूं।”

योजना की खासियत

केंद्र सरकार ने लखपति दीदी योजना के तहत 3 करोड़ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। योजना के तहत:
  • समूह से जुड़ी महिलाओं को बैंक के माध्यम से वित्तीय सहायता दी जाती है।
  • ट्रेनिंग के जरिए उन्हें सिलाई, कढ़ाई और अन्य कौशल सिखाए जाते हैं।
  • वार्षिक आय को 60,000 से 1 लाख रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

अन्य महिलाओं को भी मिल रही प्रेरणा

पाटन ब्लॉक की पीआरपी हेमलता ने बताया, “यह योजना छत्तीसगढ़ में विहान योजना के नाम से चलाई जा रही है। ममता साहू ने च्वाइस सेंटर खोलकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। पहले वे घर तक सीमित थीं, लेकिन अब वे ‘लखपति दीदी’ बनकर अन्य महिलाओं को भी प्रेरित कर रही हैं।”

योजना का असर

लखपति दीदी योजना के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। दुर्ग जिले की महिलाएं इस योजना का लाभ उठाकर अपने परिवार और समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। यह योजना न केवल आय बढ़ाने में मदद कर रही है, बल्कि महिलाओं को आत्मसम्मान और पहचान भी दिला रही है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन