: जगन्नाथ यात्रा: आस्था और उल्लास का महान पर्व
Wed, Jun 26, 2024
जगन्नाथ महायात्रा
रथ यात्रा के नाम से भी जाना जाता है, भारत के सबसे प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सवों में से एक है। यह उत्सव ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के विशाल रथों पर निकलने वाली यात्रा के रूप में मनाया जाता है। इस यात्रा में लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं और पूरे विश्व से पर्यटक इस अद्भुत यात्रा का हिस्सा बनने के लिए पुरी आते हैं।
इतिहास और परंपरा
जगन्नाथ यात्रा की परंपरा सदियों पुरानी है और इसे भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा माना जाता है। इस यात्रा का आयोजन हर वर्ष आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को होता है। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ गुंडिचा मंदिर की ओर यात्रा करते हैं, जो उनके मौसी का घर माना जाता है। यह यात्रा नौ दिनों तक चलती है और इसके बाद भगवान अपने मुख्य मंदिर में वापस लौटते हैं।[caption id="attachment_4586" align="alignnone" width="1024"]
जगन्नाथ यात्रा: आस्था और उल्लास का महान पर्व[/caption]
रथ यात्रा का आयोजन
रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को तीन विशाल रथों में विराजमान किया जाता है। इन रथों को श्रद्धालु रस्सियों से खींचते हैं, जिसे अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। रथों की सजावट अत्यंत भव्य होती है और इन्हें सैकड़ों कारीगर महीनों की मेहनत से तैयार करते हैं।
- जगन्नाथ का रथ:
इसे 'नंदीघोष' या 'गरुड़ध्वज' कहा जाता है और यह सबसे बड़ा रथ होता है।
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बलभद्र का रथ:
इसे 'तालध्वज' कहा जाता है।
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सुभद्रा का रथ:
इसे 'पद्मध्वज' या 'दर्पदलन' कहा जाता है।
यात्रा का धार्मिक महत्व
जगन्नाथ यात्रा का धार्मिक महत्व अत्यधिक है। यह मान्यता है कि इस यात्रा में भाग लेने से व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। भगवान जगन्नाथ को 'पतित पावन' भी कहा जाता है, जो सभी को अपनी शरण में लेकर उनका उद्धार करते हैं।
उत्सव का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व
जगन्नाथ यात्रा
न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसका सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी अत्यधिक है। यह उत्सव समाज के सभी वर्गों को एक साथ लाता है और सामाजिक एकता का प्रतीक बनता है। इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है, जिसमें नृत्य, संगीत और नाटकों का प्रदर्शन किया जाता है।
पर्यटन और आर्थिक प्रभाव
जगन्नाथ यात्रा के दौरान पुरी में लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं, जिससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन उद्योग को बहुत लाभ होता है। होटलों, रेस्तरां और दुकानों में भीड़ बढ़ जाती है और इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
सुरक्षा और सुविधा
जगन्नाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाता है।पुलिस और प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी रखी जाती है और चिकित्सा सुविधाओं की भी व्यापक व्यवस्था की जाती है।
कोविड-19 के दौरान परिवर्तन
कोविड-19 महामारी के दौरान भी जगन्नाथ यात्रा का आयोजन किया गया, लेकिन इसमें कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए।श्रद्धालुओं की संख्या सीमित की गई और स्वास्थ्य सुरक्षा के सभी प्रोटोकॉल का पालन किया गया।
चीन का चांगई 6 यान:
समापन
जगन्नाथ यात्रा एक ऐसा पर्व है जो श्रद्धा, आस्था, और उल्लास का संगम है। यह न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी अद्वितीय है।इस यात्रा का अनुभव हर व्यक्ति के जीवन में एक विशेष स्थान रखता है |और इसके माध्यम से हमें भारतीय संस्कृति की समृद्धि और विरासत का अनुभव होता है।इस यात्रा के माध्यम से हम न केवल भगवान जगन्नाथ के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं |बल्कि समाज में भाईचारे और एकता का संदेश भी फैलाते हैं।ऐसे ही उत्सव हमारी सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखते हैं और हमें हमारी जड़ों से जोड़ते हैं।
: 18वीं लोकसभा के पहले सत्र का तीसरा दिन: लोकसभा अध्यक्ष
Wed, Jun 26, 2024
आज 18वीं लोकसभा के पहले सत्र का तीसरा दिन है
और ओम बिरला को ध्वनिमत से लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए चुना गया है।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार ओम बिरला के लोकसभा अध्यक्ष बनने का प्रस्ताव आज ध्वनिमत से पारित हुआ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ओम बिरला को बधाई दी।यह दूसरी बार है जब ओम बिरला इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभालेंगे।
राज्यसभा में सदन के नेता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिरला के नाम का प्रस्ताव लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए रखा, जिसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने समर्थन दिया।
इस प्रस्ताव को प्रोटेम स्पीकर (कार्यवाहक अध्यक्ष) भारत्तृहरि महताब ने सदन में वोट के लिए रखा |और सदन ने इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया।इसके बाद कार्यवाहक अध्यक्ष महताब ने
ओम बिरला के लोकसभा अध्यक्ष
के रूप में चुने जाने की घोषणा की।[caption id="attachment_4578" align="alignnone" width="1024"]
18वीं लोकसभा के पहले सत्र का तीसरा दिन: लोकसभा अध्यक्ष[/caption]
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बिरला को अध्यक्ष की सीट तक पहुँचाया।
जब बिरला ने अध्यक्ष की सीट ग्रहण की, तो मोदी, राहुल गांधी और रिजिजू ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओम बिरला को लोकसभा अध्यक्ष के रूप में चुने जाने पर बधाई दी और कहा, "मैं पूरे सदन को बधाई देता हूँ। हमें विश्वास है कि वह आने वाले पाँच वर्षों में हमारा मार्गदर्शन करेंगे।"आज प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "दूसरी बार लोकसभा अध्यक्ष पद संभालना अपने आप में एक रिकॉर्ड है।इससे पहले केवल बलराम जाखड़ ही दो बार लोकसभा अध्यक्ष रह चुके हैं।अधिकतर अध्यक्ष या तो चुनाव नहीं लड़ते या जीतते नहीं हैं, लेकिन आप (ओम बिरला) ने चुनाव जीता है।"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यह भी कहा, "यह सदन का सौभाग्य हैकि आप दूसरी बार इस सीट को संभाल रहे हैं...आपको मेरी और पूरे सदन की ओर से शुभकामनाएं...अमृतकाल के इस महत्वपूर्ण दौर में दूसरी बार इस पद को संभालने की बड़ी जिम्मेदारी है
हमें विश्वास है कि आप आने वाले पाँच वर्षों में सभी का मार्गदर्शन करेंगे..."
इस प्रकार ओम बिरला के लोकसभा अध्यक्ष के रूप में फिर से चुने जाने से भारतीय लोकतंत्र को एक स्थिर और अनुभवी नेतृत्व मिलने की उम्मीद है।उनके नेतृत्व में संसद के कामकाज में पारदर्शिता और निष्पक्षता को और भी बढ़ावा मिलेगा।
इस सकारात्मक दृष्टिकोण से, आने वाले पाँच वर्षों में भारतीय लोकतंत्र और मजबूत बनेगा।
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: दिल्ली हाईकोर्ट आज देगी अरविंद केजरीवाल की जमानत पर फैसला ?
Tue, Jun 25, 2024
आज मंगलवार 25 जून को दिल्ली हाईकोर्ट दोपहर 2:30 बजे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत पर अपना फैसला सुनाएगी।
20 जून को राउस एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल को जमानत दी थी |लेकिन अंतिम क्षण में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर याचिका पर हाई कोर्ट ने 21 जून को ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी।राउस एवेन्यू कोर्ट के जमानत आदेश में कहा गया था |कि प्रारंभिक दृष्टि से केजरीवाल की अपराध में संलिप्तता सिद्ध नहीं हुई है |और ED उनके मनी लॉन्ड्रिंग मामले में किसी स्पष्ट सबूत को प्रस्तुत करने में असफल रही है।हालांकि केजरीवाल ने 23 जून को सुप्रीम कोर्ट में भी हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की थी।उनकी याचिका पर सोमवार, 24 जून को सुनवाई हुई।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला अभी तक नहीं आया है |
इसलिए कोई आदेश देना उचित नहीं होगा। हमें थोड़ा इंतजार करना चाहिए।21 जून को, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा था कि हम 24-25 जून तक फैसला देंगे।तब तक अरविंद केजरीवाल की जमानत स्थगित रहेगी।24 जून को ED ने हाई कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया और केजरीवाल को जमानत देने को अवैध करार दिया।
पिछले सोमवार को ED ने कहा था कि जो महत्वपूर्ण दस्तावेज अवकाश पीठ के समक्ष रखे गए थे उन पर ध्यान नहीं दिया गया।
इन दस्तावेजों में प्रमाण थे कि केजरीवाल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गहरे तक संलिप्त हैं।ED के अनुसार, दिल्ली शराब घोटाले से एकत्रित काले धन में आम आदमी पार्टी का भी बड़ा हिस्सा था।
अवकाश पीठ ने केजरीवाल की भूमिका को नज़रअंदाज कर मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत एक बड़ी गलती की है।
इस बीच, सोमवार को वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी, जो केजरीवाल की ओर से पेश हुए थे |ने जमानत आदेश पर अंतरिम स्थगन को हटाने का अनुरोध किया।सिंघवी ने कहा कि केजरीवाल के फरार होने का कोई खतरा नहीं है।उन्होंने पीठ से अनुरोध किया कि हाईकोर्ट के आदेश को सुनाए जाने से पहले स्थगित किया जाए।उन्होंने कहा "
मैं जानता हूं कि मैं क्या कह रहा हूं। इस कोर्ट को हाईकोर्ट के आदेश को सुनाए जाने से पहले स्थगित करना चाहिए
जैसे कि हाईकोर्ट ने मात्र ED के जिक्र पर जमानत आदेश को स्थगित कर दिया था।"
प्रवर्तन निदेशालय की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने केजरीवाल की याचिका का विरोध किया |और कहा कि हाईकोर्ट उनकी स्थगन याचिका पर आदेश सुनाने वाला है।पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट ने 21 जून को दोनों पक्षों से 24 जून तक लिखित प्रस्तुतियाँ दाखिल करने को कहा था |और आदेश एक या दो दिन में सुनाया जा सकता है।शुक्रवार को हाईकोर्ट ने केजरीवाल की रिहाई को स्थगित कर दिया था |जब उन्हें 20 जून को निचली अदालत ने जमानत दी थी।
आम आदमी पार्टी (AAP
) के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल तिहाड़ जेल से पिछले शुक्रवार को बाहर आ सकते थे |यदि हाईकोर्ट ने ED को अंतरिम राहत नहीं दी होती।उन्हें 21 मार्च को ED द्वारा गिरफ्तार किया गया था।
अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस
यह ध्यान देने योग्य है कि दिल्ली के उपराज्यपाल ने कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर 2022 में एक्साइज पॉलिसी की सीबीआई जांच का आदेश दिया था जिसके बाद इसे रद्द कर दिया गया था।
इस पूरे मामले पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं |और आज के फैसले का दिल्ली की राजनीति पर गहरा असर पड़ेगा।केजरीवाल और उनकी पार्टी के समर्थकों को न्याय की उम्मीद है |जबकि विरोधी इस मामले को राजनीतिक दृष्टिकोण से देख रहे हैं।
देशभर के लोग इस महत्वपूर्ण फैसले का इंतजार कर रहे हैं।