: किसे रिजर्वेशन मिलेगा, किसे नहीं, यह सरकार का काम: सुप्रीम कोर्ट
admin Thu, Jan 9, 2025
सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण के अधिकार और इसे लागू करने के फैसले को लेकर बड़ा बयान दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आरक्षण का निर्धारण करना या इसे लागू करना पूर्णतः सरकार का काम है। न्यायालय ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि यह एक नीतिगत फैसला है, जो जनता के कल्याण के लिए सरकार द्वारा लिया जाता है।
क्या है मामला?
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें आरक्षण के अधिकार पर सवाल उठाते हुए कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता का तर्क था कि आरक्षण से समानता के अधिकार का उल्लंघन हो सकता है।सुप्रीम कोर्ट का बयान
सुप्रीम कोर्ट ने कहा:- आरक्षण देने या न देने का अधिकार सरकार के पास है।
- यह एक नीतिगत मामला है, जिसमें न्यायालय का दखल नहीं हो सकता।
- सरकार को यह तय करने का पूरा अधिकार है कि वह किस वर्ग या समूह को आरक्षण का लाभ देना चाहती है।
आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का रुख
सुप्रीम कोर्ट ने अपने पूर्व के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि:- आरक्षण सामाजिक न्याय की अवधारणा पर आधारित है।
- यह समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए एक संवैधानिक उपाय है।
- आरक्षण को लेकर नीतियां बनाने और उनका क्रियान्वयन करने की जिम्मेदारी सरकार की होती है।
आरक्षण का भविष्य
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि आरक्षण को लेकर कोई भी सुधार या बदलाव संवैधानिक प्रावधानों और सामाजिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ही किया जाना चाहिए।विज्ञापन
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