Tiger Shroff Firing Case Update : टाइगर श्रॉफ पर हमले की पूरी साजिश का खुलासा, तीन नहीं 7 लोग थे शामिल
Tiger Shroff Firing Case Update: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं। इस घटना को अंजाम देने के पीछे सात आरोपियों की भूमिका सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, इनमें तीन आरोपी कथित तौर पर शूटर्स थे, जबकि चार अन्य पर साजिश रचने और हथियारों की व्यवस्था करने में शामिल होने का आरोप है। मामले में दो महिलाएं भी गिरफ्तार की गई हैं। पुलिस ने तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा से, जबकि अन्य आरोपियों को दिल्ली और हरियाणा से गिरफ्तार किया है।
टाइगर श्रॉफ पर हमले के मामले में गिरफ्तार 7 आरोपी
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऋतिक उर्फ रोशन, रेहान, फूल सिंह, कुणाल, सुमित, राधा और बबीता के रूप में हुई है।
ऋतिक उर्फ रोशन: 22 वर्षीय आरोपी बिहार के बेगूसराय का रहने वाला है और मुंबई में रैपिडो बाइक चलाता था।
रेहान: 17 वर्षीय आरोपी हरियाणा के सोनीपत जिले के बड़ौदा थूथन गांव का निवासी है।
फूल सिंह: 18 वर्षीय आरोपी हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। उसे राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया गया।
कुणाल: 21 वर्षीय आरोपी हरियाणा के सोनीपत जिले के रोहणा गांव का निवासी है। उस पर साजिश में शामिल होने का आरोप है।
सुमित: 19 वर्षीय आरोपी हरियाणा के सोनीपत में मटिंडू रोड स्थित वार्ड नंबर 10 का रहने वाला है।
राधा: 23 वर्षीय आरोपी उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के नहवइया की निवासी है।
बबीता: 23 वर्षीय आरोपी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के कोठियार की रहने वाली है।
कुणाल और सुमित पर हथियारों का इंतजाम करने का आरोप
पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई में ऋतिक, रेहान और फूल सिंह को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच आगे बढ़ने पर हरियाणा के सोनीपत से कुणाल और सुमित तथा दिल्ली से राधा और बबीता को गिरफ्तार किया गया।
जांच के अनुसार, कुणाल कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित के संपर्क में था। आरोप है कि कुणाल ने ही टाइगर श्रॉफ पर हमले की जिम्मेदारी ली थी। पुलिस के मुताबिक, कुणाल और सुमित ने हथियारों की व्यवस्था की थी। इसके बाद कथित तौर पर ये हथियार राधा और बबीता को सौंपे गए, जो उन्हें मुंबई लेकर पहुंचीं।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि दोनों महिलाएं हथियार लेकर मुंबई के दादर पहुंची थीं। वहां से कथित तौर पर हथियार शूटरों तक पहुंचाए गए। गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया।
जेल से छूटने के बाद अनिल पंडित के संपर्क में आया कुणाल
जांच में यह भी सामने आया है कि कुणाल हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आया था। बताया जा रहा है कि उसकी मुलाकात हरियाणा के हरसाना गांव में रहने वाले एक दोस्त के जरिए अनिल पंडित से हुई थी। इसके बाद दोनों कथित तौर पर एक एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए संपर्क में रहने लगे।
पुलिस के मुताबिक, कुणाल अमृतसर से एक पिस्टल और 20 कारतूस लेकर आया था। बताया गया है कि राधा से उसकी मुलाकात करीब दो महीने पहले हुई थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और हथियारों की आपूर्ति से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
दादर स्टेशन से होटल तक पहुंचाए गए थे हथियार
पुलिस की जांच के अनुसार, राधा और बबीता 17 अक्टूबर को मुंबई के दादर स्टेशन पहुंची थीं और वहां एक होटल में रुकी थीं। अगले दिन सुबह करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़का होटल के पास पहुंचा, जहां कथित तौर पर राधा ने उसे हथियारों से भरा बैग सौंपा।
आरोप है कि 18 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे इन्हीं हथियारों से टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की गई। घटना के दिन ही राधा और बबीता हरिद्वार एक्सप्रेस से मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो गई थीं। पुलिस ने 20 अक्टूबर को दोनों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। वहीं, कुणाल और सुमित को हरियाणा के सोनीपत से पकड़ा गया।
पुलिस इस मामले में आरोपियों की भूमिका, हथियारों के स्रोत और कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों के संबंध में आगे की जांच कर रही है। सभी आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।
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