10th May 2026

BREAKING NEWS

मेष और सिंह राशि वालों को मिलेगी नई नौकरी, कर्क और धनु का दिन रहेगा खूबसूरत, जानें रविवार का भविष्यफल

मुख्यमंत्री निवास घेराव पड़ा भारी! NSUI कार्यकर्ताओं पर FIR, शासकीय कार्य में बाधा का आरोप

छत्तीसगढ़ भाजपा की दो दिवसीय कार्यसमिति बैठक 12 मई से, संगठनात्मक कार्यक्रमों पर होगा मंथन

छत्तीसगढ़ में कार्यरत कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! 60% महंगाई भत्ता मंजूर, एरियर भुगतान का भी आदेश जारी

छत्तीसगढ़ में फिर गूंजेगा चुनावी बिगुल! नगरीय निकाय और पंचायत उपचुनाव की तारीखों का ऐलान

Advertisment

: सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर उत्सवों में हाथियों के इस्तेमाल पर केरल हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक

admin Thu, Dec 19, 2024

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केरल हाईकोर्ट द्वारा जारी किए गए उस निर्देश पर अस्थायी रोक लगा दी, जिसमें राज्य में मंदिर उत्सवों में हाथियों के इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी। इस फैसले के बाद अब मंदिरों में हाथियों का इस्तेमाल फिलहाल नहीं किया जा सकेगा।

क्या था मामला?

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में आदेश दिया था कि राज्य में मंदिर उत्सवों के दौरान हाथियों का उपयोग पारंपरिक और सांस्कृतिक अनुष्ठानों में किया जा सकता है। इस आदेश के खिलाफ कई पशु अधिकार कार्यकर्ताओं और संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

सुप्रीम कोर्ट का रुख

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा: "हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हाथियों के अधिकारों और उनकी भलाई को ध्यान में रखा जाए।" इसके साथ ही अदालत ने केरल सरकार से विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है, जिसमें हाथियों के संरक्षण और उनकी सुरक्षा के लिए किए गए उपायों की जानकारी हो।

पशु अधिकार संगठनों का तर्क

  • पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि मंदिर उत्सवों में हाथियों का इस्तेमाल उनके साथ क्रूरता और शोषण को बढ़ावा देता है।
  • वे यह भी दावा करते हैं कि लंबे समय तक झांकियों और परेड में इस्तेमाल करने से हाथियों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है।
  • उन्हें अक्सर बिना पर्याप्त भोजन, पानी और आराम के घंटों तक खड़ा रखा जाता है।

केरल सरकार का पक्ष

  • केरल सरकार ने हाईकोर्ट में दलील दी थी कि मंदिर उत्सव राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का हिस्सा हैं।
  • हाथियों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध से पारंपरिक उत्सवों की गरिमा और भव्यता प्रभावित होगी।

सुप्रीम कोर्ट की हिदायतें

सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि पशु क्रूरता अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। अदालत ने कहा कि यह सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि हाथियों के साथ किसी भी प्रकार की क्रूरता न हो।

अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों से जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। इसके बाद अदालत अगले साल इस पर विस्तृत सुनवाई करेगी।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन