9th November 2026

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Caste Census : मोदी सरकार के फैसले पर गरमाई सियासत, अनुप्रिया पटेल ने बताया क्यों है ये जरूरी

नई दिल्ली: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा जाति जनगणना कराने के फैसले के बाद देश की राजनीति में हलचल मच गई है। एनडीए की सहयोगी पार्टी अपना दल (सोनेलाल) की अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने इस कदम को समाजिक समानता की दिशा में बड़ा फैसला बताया है।

✅ जातिगत भेदभाव मिटाने के लिए ज़रूरी है जनगणना

अनुप्रिया पटेल ने कहा, “जाति व्यवस्था सदियों से समाज में भेदभाव की जड़ रही है। अगर हमें सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को खत्म करना है, तो जाति जनगणना जरूरी है।”

उनके अनुसार, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अनुसूचित जातियों (SC) में कई उप-जातियां हैं जिन्हें अभी तक सही पहचान और हक नहीं मिला है।

✅ नए आंकड़े, बेहतर नीतियां

पटेल ने कहा कि अपडेटेड डेटा से सरकार बेहतर नीतियां बना सकेगी। उन्होंने कांग्रेस और यूपीए सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, "उन्होंने दशकों तक शासन किया लेकिन कभी ये कदम नहीं उठाया।"

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को यह मौका पहली बार मिला है और उनकी सरकार इस प्रक्रिया को लंबा नहीं खींचेगी।

✅ “चुनाव से नहीं, न्याय से जुड़ा है ये फैसला”

जब उनसे पूछा गया कि क्या यह फैसला 2027 यूपी विधानसभा चुनाव से जुड़ा है, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह निर्णय चुनावी रणनीति नहीं बल्कि सामाजिक न्याय के तहत लिया गया है। उन्होंने याद दिलाया कि उनकी पार्टी पहले से जाति जनगणना की मांग करती रही है।

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